
आशु कुमार दास
आशु कुमार दास एक अनुभवी हेल्थ कंटेंट स्पेशलिस्ट हैं। इन्हें हेल्थ कंटेंट राइटर के तौर पर काम करते हुए 6 ... Read More
Written By: Ashu Kumar Das | Published : January 6, 2026 7:00 PM IST
Can I keep my baby in a diaper 24/7 in the winter: सर्दियों का मौसम हैं, ठंडी हवाओं के कारण कपड़े सूख नहीं रहे हैं और मेरा 1 साल बेबी हर आधे घंटे पर पेशाब करता है। अब रात भर तो इसको डायपर लगाया था, क्या अब पूरा दिन भी इसे डायपर में रखूं? क्या छोटे से बच्चे को दिन के 24 घंटे और सप्ताह के 7 दिनों डायपर में रखना सही (Kya Bacche ko 24/7 Diaper me Rakhna Sahi hai) है? क्या इन दिनों मेरी तरह आपके मन में भी इस तरह के सवाल घूम रहे हैं? तो इन सवालों का जवाब दे रही हैं डॉ. रश्मि आनंद।
इंस्टाग्राम पर शेयर किए गए वीडियो में डॉ. रश्मि बताती हैं कि सर्दियों के मौसम में बच्चों को 24/7 डायपर पहनाकर सही बिल्कुल सुरक्षित है। बच्चों को 24/7 डायपर पहनाते हुए कुछ बातों का ध्यान रखा जाए, तो उन्हें किसी भी तरह की परेशानी नहीं होती है।डॉक्टर का कहना है कि जो लोग सोचते हैं कि सर्दियों में बच्चों को हमेशा डायपर पहनाकर रखा जाए तो उन्हें सर्दी, खांसी और बुखार जैसी बीमारी हो सकती है, ये धारणा बिल्कुल गलत है। बच्चों को सही तरीके से 24/7 डायपर पहनाने से किसी प्रकार की समस्या नहीं होती है। आइए आगे जानते हैं 24/7 डायपर पहनाते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।
पेरेंट्स को इस बात का ध्यान रखना चाहिए उन्हें बच्चों का डायपर हर 3 से 4 घंटे पर जरूर बदलना चाहिए। कई बार बच्चों का डायपर 2 घंटे में भी बदलने की जरूरत पड़ सकती है। पेशाब के अलावा अगर बच्चे के डायपर में पॉटी कर दी है, तो डायपर को तुरंत बदलने की जरूरत होती है। बच्चा लंबे समय तक एक ही डायपर पहनता है तो इससे लीकेज हो सकता है। जिससे बच्चे के सारे कपड़े गीले हो सकते हैं और बच्चे को सर्दी-जुकाम जैसी बीमारी हो सकती है।
अक्सर पेरेंट्स बच्चों का डायपर बदलते समय प्राइवेट पार्ट को साफ करने के लिए वाइप्स का यूज करते हैं। वाइप्स में कई प्रकार के केमिकल्स और आर्टिफिशियल खुशबू का इस्तेमाल होता है, जो बच्चों की नाजुक त्वचा को नुकसान पहुंचा सकता है। इसलिए बच्चों का डायपर बदलने के बाद कॉटन बॉल को गुनगुने पानी में भिगोकर ही प्राइवेट पार्ट को साफ करना चाहिए। डॉक्टर का कहना है कि गुनगुने पानी से बच्चे का प्राइवेट पार्ट साफ करने से बैक्टीरिया का प्रसार रूकता है। इससे रैशेज, घाव और लालिमा की समस्या कम होती है। पानी से साफ करने के बाद प्राइवेट पार्ट को पूरी तरह से सूखने दें।
सर्दियों में बच्चों के डायपर के बीच गैप होना जरूरी है। 2 डायपर के बीच 10 मिनट के लिए बच्चों की स्किन को फ्री टाइम जरूर दें। 2 डायपर के बीच 10 मिनट का गैप होने से स्किन को खुलकर सांस लेने में मदद मिलती है। ये स्किन से जुड़ी परेशानियों को दूर रखने में फायदेमंद होता है।
डॉ. रश्मि के अनुसार, बच्चों को दोबारा डायपर पहनाने से पहले स्किन फ्रेंडली मॉइश्चराइजर या नारियल का तेल लगाना बहुत जरूरी है। तेल लगाने से बच्चे की स्किन और डायपर के बीच फ्रिक्शन क्रिएट होता है, जिससे रैशेज होने की संभावना कम होती है।
सर्दियों में बच्चों के लिए डायपर का यूज करते समय प्राइवेट पार्ट में कभी भी टैल्कम पाउडर का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। प्राइवेट पार्ट पर टैल्कम का यूज करने से स्किन के पोर्स बंद हो जाते हैं। इससे त्वचा पर जलन और लालिमा की समस्या बढ़ती है। डॉक्टर का कहना है कि बच्चों की त्वचा पर किसी भी प्रकार का टैल्कम यूज करने से बचना चाहिए।
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अस्वीकरण: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।