... Read More
By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts. Cookie Policy.
Written By: akhilesh dwivedi | Published : September 23, 2018 4:59 PM IST
समय पूर्व जन्में बच्चों को दिन के तीन चौथाई समय में ब्रेस्टफीडिंग करायी जाय तो उनके दिमाग के विकास में मदद मिलती है। © Shutterstock
नवजात शिशु के लिए मां का दूध सबसे अच्छा होता है यह सभी जानते हैं, लेकिन जो बच्चे समय से पहले पैदा हो जाते हैं उनके लिए यह जीवन है। एक शोध के अनुसार जो बच्चे समय से पहले पैदा हो गये थे उनको मां का दूध पिलाने से उनके दिमाग का विकास अन्य बच्चों की तुलना में बेहतर होता है। समय से पहले जो बच्चे जन्म लेते हैं उनमें कई तरह की बीमारियों और परेशानियों का खतरा रहता है। सामान्यतया देखा गया है कि जो बच्चे समय से पहले जन्म लेते हैं उनके दिमाग के विकास पर भी प्रभाव पड़ता है। क्योंकि उनके सीखने-समझने की क्षमता औरों से कम देखी गयी है।
शोध में यह भी कहा गया कि समय से पहले जन्म लेने वाले बच्चे का दिमागी सरंचना का विकास पूर्ण नहीं होता है। कुछ सरंचनाओं का सही विकास न होने की वजह से एक दूसरे से संचार में समस्या आती है। लेकिन इस शोध में जो खास बात सामने आयी है वह यह है कि अगर समय पूर्व जन्में बच्चों को दिन के तीन चौथाई समय में ब्रेस्टफीडिंग करायी जाय तो उनके दिमाग के विकास में मदद मिलती है। दिमाग की कनेक्टिविटी ज्यादा बेहतर होती है।
ये भी पढ़ेंः ब्रेस्टफीडिंग से सिर्फ बच्चे को ही नहीं मां को भी होते हैं ये 4 फायदे।
मुख्य शोधकर्ता व एडिनबर्ग यूनिवर्सिटी के जेनिफर ब्राउन रिसर्च लैबोरेटरी के निदेशक जेम्स ब्रॉडमैन के अनुसार ''समय पूर्व पैदा हुए बच्चों को मां का दूध पिलाने से कुछ ही हफ्तों में उनके दिमाग के विकास पर असर होता है। ब्रॉडमैन के अनुसार इस शोध से यह बात स्पष्ट होती है कि समय पूर्व जन्मे बच्चों को पहले ही सप्ताह में बेहतर पोषण की जरूरत होती है। आगे चलकर यह उनकी सेहत के सुधार में भी लागू होता है।''
समय से पहले जन्मे बच्चों की सेहत को कई तरह के खतरे रहते हैं। इनमें आगे चलकर उनमें सीखने की क्षमता का कम होना भी शामिल है। इसका संबंध दिमाग के विकास से ही माना जाता है।
ये भी पढ़ेंः ब्रेस्टफीडिंग कराने वाली मां को क्यों करना चाहिए हल्दी का ज्यादा सेवन ?
जर्नल ‘न्यूरोलमेज’ में प्रकाशित इस छपे अध्ययन में कहा गया है कि मां का दूध समय से पहले जन्मे बच्चों के लिए वरदान साबित हो सकता है। बच्चों को शुरुआत में कराए गए स्तनपान से आगे चलकर भी उनका स्वास्थ्य ठीक रहा। ब्रॉडमैन ने कहा, ‘समय से पूर्व जन्मे बच्चों की मां को स्तनपान के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। अगर वे बच्चों को पर्याप्त मात्रा में स्तनपान कराती हैं, तो शिशुओं का दिमाग विकसित होने में मदद मिलेगी।’
ये भी पढ़ेंः ब्रेस्टफीडिंग मदर के लिए नींबू पानी का सेवन क्यों लाभकारी है ?
इस अध्ययन के लिए शोध टीम ने कई शिशुओं के दिमाग का स्कैन किया। ये बच्चे 33 हफ्ते से पहले पैदा हुए थे। इस शोध में उन बच्चों का स्वास्थ्य ज्यादा बेहतर रहा, जिन्हें मां का दूध पिलाया गया था।