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Written By: Anshumala | Updated : April 8, 2020 12:12 AM IST
Social Distancing Tips : भूमि पेडनेकर ने दी सोशल डिस्टेंसिंग के टिप्स, बच्चों के लिए है जरूरी।
Bhumi Pednekar Social Distilling Tips : कोविड-19 के कारण हुए लॉकडाउन में बड़ों के साथ-साथ बच्चों को भी घरों में रहना पड़ रहा है। वो ना तो दोस्तों के साथ बाहर खेल सकते हैं और ना ही अपनी मर्जी से किसी चीज को हाथ लगा सकते हैं। बच्चों को लेकर पेरेंट्स भी इन दिनों काफी अलर्ट हो गए हैं। कब, क्या, किस चीज को बच्चे हाथ लगा दें, इसका डर पेरेंट्स के मन में हमेशा लगा रहता है।
कोविड-19 (Covid-19) से जंग जीतने के लिए बड़े, बुजुर्ग सभी सोशल डिस्टेंसिंग का खास ख्याल रख रहे हैं। लेकिन, बच्चे तो बच्चे हैं, उन्हें हर चीज को समझाना पड़ता है। छोटे बच्चों को जब तक बड़े नहीं समझाएंगे, उन्हें कहां समझ आना वाला कि ये सोशल डिस्टेंसिंग और लॉकडाउन क्या है। क्यों जरूरी है सोशल डिस्टेंसिंग? बच्चों को सोशल डिस्टेंसिंग के बारे में समझाने के लिए एक्ट्रेस भूमि पेडनेकर ने वीडियो कॉल का सहारा लिया है। वो मध्य प्रदेश के सैकड़ों बच्चों को वीडियो कॉल के जरिए सोशल डिस्टेंसिंग टिप्स दे (Bhumi Pednekar Social Distilling Tips) रही हैं।
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उन्होंने कहा, "इस विशाल देश के प्रत्येक व्यक्ति को सोशल डिस्टेंसिंग और सेल्फ क्वारंटीन के बारे में जानने और समझने की आवश्यकता है, क्योंकि हमारा देश घनी आबादी वाला देश है। मैंने फैसला किया कि मैं सभी बच्चों से बात करूंगी। कोरोनावायरस महामारी (coronavirus pandemic) के बारे में चर्चा करने के लिए वीडियो कॉलिंग सुविधाओं के माध्यम से संस्थान के फैकल्टी और अधिकारियों से बात की।"
भूमि लगभग तीन साल से वेश्यावृत्ति से बचाई गई लड़कियों सहित परित्यक्त, सामाजिक रूप से पिछड़े और वंचित बच्चों के लिए घर और स्कूल, अभ्युदय आश्रम का समर्थन कर रही हैं। उन्होंने कहा, "मैं आश्रम के प्रत्येक सदस्य से बात कर रही हूं और उन्हें संकट के इस समय के बारे में बता रही हूं। मुझे उम्मीद है कि वे अपने समुदायों के भीतर इस संदेश को फैलाएंगे। वर्तमान में खतरा अधिक है और हम सभी को कोरोनोवायरस से लड़ने के लिए अपना प्रयास करना होगा और इसे आगे फैलने से रोकना होगा।"
1 अपने बच्चों को सामाजिक दूरी (Social distancing) के बारे में समझाएं। इससे पहले उन्हें कोविड-19 के खतरों के बारे में बताएं। तभी वो लॉकडाउन और सोशल डिस्टेंसिंग के महत्व को समझ पाएंगे।
2 सोशल डिस्टेंसिंग का मतलब लोगों से दूर होना नहीं है, ये भी उन्हें समझाएं। उन्हें बताएं कि इसका मतलब है शारीरिक रूप से एक-दूसरे से कुछ दिनों के लिए दूरी बनाकर रखना ना कि भावनात्मक रूप से। कुछ दिनों के लिए घर से बाहर ना निकलना, बल्कि घर पर ही रहकर दोस्तों से फोन पर बातें करना।
3 पेरेंट्स को भी इन दिनों बच्चों के साथ प्यार से पेश आना चाहिए, क्योंकि बच्चे चंचल होते हैं। वह घर में सारा दिन रहकर ऊब सकते हैं। उनके अंदर खीझ, चिड़चिड़ापन आ सकता है। ऐसे में पेरेंट्स को ही बच्चों के साथ बच्चा बनना होगा। आप उनके साथ कोई गेम खेलें, उनके साथ बैठकर कोई मजेदार फिल्म देखें। उनकी पसंद का हेल्दी स्नैक्स बनाएं।