
मुकेश शर्मा
मुकेश शर्मा दिल्ली यूनिर्विसिटी से जर्नलिज्म डिग्री होल्डर हैं और पिछले 8 साल से Health Journalism से जुड़े हुए ... Read More
Son anger issues: आजकल छोटे-छोटे बच्चों को गुस्सा आने लगता है और उन्हें इतनी समझ भी नहीं होती की उन्हें समझा कर ही गलत व सही चीज का अंतर बताया जा सके। लेकिन अगर बचपन से ही बच्चों को सही संस्कार दिए जाएं तो उनका ये गुस्से वाला बिहेवियर डेवलप होने से रोका जा सकता है। अगर आपका बेटा भी बात-बात पर गुस्सा करने लगा है, तो भी आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है, कुछ खास पेरेंटिंग टिप्स की मदद से आप उसे अब भी एक अच्छा बच्चा बना सकते हैं, जिससे काफी हद तक परेशानी कम हो सकती है। यह लेख विशेष रूप से पेरेंट्स के लिए ही है, जिसमें उन्हें कुछ खास टिप्स बताए गए हैं कि किस तरह के बार-बार गुस्सा करने वाले बेटे को समझाकर उसे सॉरी बोलना सिखाया जा सकता है।
बेटे के आगे पेरेंट्स सबसे बड़ी जो गलती करते हैं, वह है सॉरी न बोलना। ज्यादातर पेरेंट्स को लगता है कि अगर वे अपने बेटे के आगे सॉरी बोलेंगे तो बेटा सिर पर चढ़ने लगेगा। लेकिन पेरेंट्स को भी गलती पर हमेशा बच्चे के आगे सॉरी बोलना जरूर चाहिए, जिससे उसे सॉरी बोलने का तरीका सीखने को मिलेगा।
अगर बच्चे किसी बात से जिद्द पर आ गया है या गुस्से में बात कर रहा है, तो भी उसकी पूरी बात को ध्यान से सुनें। ज्यादातर मामलों में इसके पीछे कोई न कोई वजह ही होती है, जिसके कारण बच्चे को गुस्सा आ रहा होता है और अगर उसकी बात सुनी जाएगी तो उसके पास गुस्सा करने का कोई कारण नहीं होगा।
अगर आपका बेटा आपसे ही झगड़ रहा है, तो उस समय आपके पास सबसे अच्छा विकल्प यही बचता है कि उसके साथ गुस्से में बात करने की बजाय खुद शांत हो जाएं। अगर आप खुद शांत होते हैं तो बच्चा खुद ब खुद ही शांत होने लगेगा और खुद गलती महसूस करके सॉरी बोलेगा।
अगर आप अपने बेटे की पूरी बात सुन चुके हैं तो उसे भी पूरी बात सुनने को कहें। आपने पूरी बात सुनी है तो वह भी आपकी पूरी बात सुनेगा और फिर आपके पास उसे अपनी बात समझाने का पूरा मौका होगा। ऐसे में आप उसे समझा कर सॉरी बुला सकते हैं।
अगर आपका बेटा गुस्सा कर रहा है, तो जरूर उसके पीछे कोई खास वजह होगी और हो सकता है कि उसकी गलती न हो या वह परेशान हो। ऐसे में आप उसे थोड़ी सहानुभूति दिखाएं, जिससे बच्चे को खुद महसूस होगा और वह अपने गुस्सा करने पर खुद से सॉरी बोलेगा।