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Diet for weak child in hindi: हमारे शरीर को बीमारियों व संक्रमण आदि से बचाने का काम हमारा इम्यून सिस्टम करता है और यही कारण हैं बच्चों को बीमार पड़ने के चांस सबसे ज्यादा होते हैं। ऐसा आमतौर पर इसलिए होता है क्योंकि छोटे बच्चों के शरीर की तरह उनका इम्यून सिस्टम भी विकसित हो रहा होता है। सरल शब्दों में कहें तो छोटे बच्चों की प्रतिरक्षा प्रणाली उनके शरीर को पूरी तरह से सुरक्षित नहीं रख पाती है। यही कारण है कि बच्चे बार-बार बीमार पड़ जाते हैं और हर बार उनके शरीर में आने वाली बीमारी उन्हें कमजोर करके जाती है। यदि आपका बच्चा भी अभी-अभी बीमारी से रिकवर हुआ है, तो उसका शरीर भी अंदर से कमजोर पड़ गया होगा और उसकी ये कमजोरी दूर करना बहुत जरूरी है। इस लेख में जानेंगे बीमारी से उठने के बाद बच्चे की कमजोरी दूर करने के लिए कौन से फूड्स उन्हें खिलाने चाहिए।
यदि बच्चा हाल ही में बीमारी से उठा है, तो उसके शरीर की कमजोरी को जल्द से जल्द दूर करना जरूरी है ताकि उसका शरीर फिर से अपनी ग्रोथ को नॉर्मल तरीके से शुरू कर सके। बच्चे को दूध, दही, छाछ और पनीर आदि खिलाएं। दिन में थोड़ा-थोड़ा करके कई बार दूध पिलाएं। हफ्ते में एक-दो बार पनीर जरूर दें। साथ ही सुबह और दोपहर में दही व छाछ भी खिलाएं।
बच्चे की अच्छी ग्रोथ और बीमारी के बाद शरीर को रिकवर होने के लिए उसकी डाइट में रोजाना अलग-अलग प्रकार के फल व सब्जियों को शामिल जरूर करें। मौसम के दौरान आने वाले फल व सब्जियां खिलाना भी अच्छा ऑप्शन हो सकता है। फलों व सब्जियों में मौजूद तरह-तरह के पोषक तत्व बच्चे के शरीर की कमजोरी को दूर करने में मदद करते हैं।
बीमारी के बाद बच्चे का शरीर कमजोर पड़ जाात है और उसमें उसकी पाचन क्रिया भी शामिल है। इसलिए बच्चे को ऐसे फूड्स दें जो उसे पोषण भी दें और पच भी आसानी से जाएं। बच्चे को दलिया, खिचड़ी व ओट्स खिलाएं। इनमें खूब सारा फाइबर होने के साथ-साथ अन्य बेहद जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं।
बच्चे के शरीर को फिर से रिकवर करने और उसकी कमजोरी को दूर करने के लिए बच्चे को पानी पिलाना भी बहुत जरूरी है। गर्मियां हों या सर्दियां उसे समय-समय पर पानी जरूर पिलाते रहें। जब बच्चे के शरीर में पर्याप्त पानी होगा तो वह अन्य फूड्स से पोषक तत्वों को अवशोषित भी अच्छे तरीके से कर पाएगा।
हालांकि, ऐसा नहीं है कि आप बच्चे की कमजोरी को दूर करने के लिए उसे जबरदस्ती खिलाने की कोशिश करें। धीरे-धीरे चीजों को बच्चे की डाइट में शामिल करें और उसे उतना ही खिलाएं जितना उसको मन है। साथ ही ध्यान रखें कि बच्चों को थोड़ा-थोड़ा करके कई बार खिलाना उसकी सेहत के लिए सबसे बेस्ट ऑप्शन है।