hamburger icon
A
Read in English

बच्चों को जामुन खिलाते समय किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है, पेरेंट्स के लिए खास टिप्स

बच्चों को जामुन बहुत पसंद होते हैं और उनकी हेल्थ के लिए भी ये बेहद फायदेमंद होते हैं, लेकिन बच्चों को जामुन खिलाते समय पेरेंट्स को कुछ चीजों का खास ध्यान रखना चाहिए जिनके बारे में हम आपको इस लेख में बताने वाले हैं।

WrittenBy

Written By: Mukesh Sharma | Published : July 5, 2026 6:45 PM IST

जामुन कोई आम फल नहीं है बल्कि एक बहुत ही स्पेशल फल है और बाकी फलों की तरह इसका सीजन कई महीनों तक नहीं चलता और न ही यह ऐसा फल है जिसे किसी भी महीने में खाया जा सकता है। बल्कि इसका सीजन साल में एक बार आता है और वह भी सिर्फ कुछ ही हफ्तों के लिए। लेकिन यह सिर्फ इसलिए ही स्पेशल नहीं है, बल्कि इसलिए भी है क्योंकि हेल्थ के लिए जामुन बेहद फायदेमंद होता है। इसलिए जब भी इसका सीजन आए तो इसका सेवन जरूर करना चाहिए और यह इतना स्वादिष्ट फल है कि बच्चों को भी बेहद पसंद आता है। बच्चों की हेल्थ के लिए यह बेहद फायदेमंद है, लेकिन उन्हें जामुन खिलाते समय कुछ बातों का ध्यान जरूर रखना चाहिए जिसके बारे में हम इस लेख में आपसे बात करेंगे।

जामुन के बीज से सावधान

जामुन का आकार वैसे तो एक अंगूर के जितना या उससे थोड़ा बड़ा हो सकता है, लेकिन उसके आकार के अनुसार बीज काफी बड़ा होता है, इसलिए बच्चों को खिलाते समय सावधान रहना जरूरी है। बच्चे अक्सर जामुन खाते समय उसकी बीज को लंबे समय तक एक कैंडी तक तरह मुंह में रखते हैं और ऐसे में उनके निगलने का खतरा भी बढ़ जाता है।

जामुन पका हुआ ही हो

जामुन साल में एक बार आता है और थोड़े से समय के लिए ही आता है, तो ऐसे में अक्सर बाजारों में इसकी डिमांड बढ़ जाती है। ऐसे में कई बार मार्केट में ऐसे जामुन भी आने लगते हैं, जो पूरी तरह से पके नहीं होते हैं जैसे कि लाल रंग के जामुन। लाल रंग के जामुन स्वाद में खट्टे होते हैं और बच्चों को कई बार उनका स्वाद भी पसंद होता है। लेकिन वे गले को शुष्क कर सकते हैं, जिससे बच्चों में चॉकिंग या हेल्थ से जुड़ी अन्य समस्याएं होने का खतरा भी बढ़ सकता है।

सही मात्रा में खिलाएं

बच्चों के लिए जामुन एक बेहद हेल्दी फ्रूट है और इसका सेवन करने से उन्हें अलग-अलग तरह के कई विटामिन व और फाइबर जैसे जरूरी पोषक तत्व मिलते हैं। लेकिन एक लिमिट में ही सेवन किया जाना चाहिए। बच्चे को एक बार में एक या दो कप अच्छे से पके हुए जामुन ही खाने को दें और उससे ज्यादा जामुन खाना उनके पेट में दर्द भी कर सकते हैं। साथ ही खाली पेट बच्चों को जामुन खिलाने की सलाह नहीं दी जाती है।

बैड कॉम्बिनेशन न होने दें

बच्चों की पाचन क्रिया कमजोर होती है और इसलिए बच्चे जामुन के साथ-साथ क्या खा रहे हैं, आदि का ध्यान रखना भी जरूरी है। अगर बच्चे ने दूध पिया है तो कम से कम 1 घंटे बाद ही उसे जामुन खाने को दें, साथ ही अगर बच्चे ने जामुन खाए हैं तो उसके 1 घंटे बाद ही उसे दूध आदि पीना चाहिए। सरल शब्दों में कहें तो दूध और जामुन के बीच में कम से कम 1 घंटे का अंतराल होना जरूरी है।

नीचे गिरे हुए जामुन

यह टिप्स खास उन अच्छी किस्मत वाले लोगों के लिए है, जिनके घर में या खेत में जामुन का पेड़ लगा है। दरअसल, जामुन पूरी रह से पकने के बाद अपने आप नीचे गिरने लगते हैं और पका हुआ जामुन जमीन पर गिरते ही कई बार छिल या फट जाता है और मिट्टी व अन्य गंदगी उसके अंदर चली जाती है। इसलिए सुनिश्चित करें कि आपका बच्चा नीचे से उठाया हुआ जामुन सीधे न खाएं, क्योंकि इससे इन्फेक्शन का खतरा बढ़ सकता है। नीचे गिरा हुआ जामुन अगर छिला नहीं है तो उसे अच्छे से धोकर व साफ करके खाया जा सकता है।

डिसक्लेमर: इस लेख का उद्देश्य केवल बच्चों को जामुन खिलाते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए आदि के बारे में जरूरी जानकारी देना है और इसमें दी गई किसी भी जानकारी का इस्तेमाल किसी भी बीमारी के इलाज के लिए नहीं है और उसके लिए आपको डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।