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Why Do Children Sweat During Sleep? : हर माता-पिता चाहते हैं कि उनका बच्चा हमेशा स्वस्थ रहे, इसके लिए वे हर एक कोशिश भी करते हैं। वे बच्चों की छोटी-छोटी एक्टिविटी पर काफी ध्यान देते हैं। बच्चा समय पर सो रहा है या नहीं, बच्चा सोते समय अपने ऊपर कंबल रखा है या नहीं, इस तरह की चीजों पर वे खास ध्यान रखते हैं। कई बार जब माता-पिता सोते हुए बच्चे को दोबारा चेक करने जाते हैं, तो उनके माथे पर पसीना देखकर घबरा जाते हैं। कहीं, बच्चे को किसी तरह की समस्या तो नहीं। लेकिन आपको बता दें कि हर स्थिति में बच्चे को ज्यादा पसीना आना स्वास्थ्य समस्या की ओर इशारा नहीं करता है। छोटे बच्चों को सोते समय पसीना आना अक्सर सामान्य रहता है। जी हां, इसके पीछे भी एक साइंस है। इस कंफ्यूजन पर विस्तार से जानने के लिए हमने मुंबई स्थिति नारायणा हेल्थ SRCC चिल्ड्रन्स हॉस्पिटल के पीडियाट्रिक मेडिसिन के कंसल्टेंट डॉ. नेहल शाह से बातचीत की है। आइए डॉक्टर से जानते हैं बच्चों को सोते समय ज्यादा पसीना क्यों आता है?
डॉक्टर नेहल शाह का कहना है कि ज़्यादातर स्थितियों में ऐसा इसलिए होता है, क्योंकि बच्चे का शरीर अभी भी अपने टेम्परेचर रेगुलेशन को ठीक कर रहा होता है। उनका दिमाग में हाइपोथैलेमस थर्मोस्टेट की तरह काम करता है। जब शरीर का टेम्परेचर बढ़ता है, तो यह पसीने की ग्रंथियों को पसीना छोड़ने का सिग्नल देता है। बच्चों में यह सिस्टम बड़ों जितना स्टेबल नहीं होता है।
इसके अलावा डॉक्टर का कहना है कि नींद के स्टेज भी इस पर असर डालते हैं। रैपिड आई मूवमेंट (REM) नींद के दौरान, ऑटोनॉमिक नर्वस सिस्टम ज़्यादा एक्टिव हो जाता है। यह सिस्टम हार्ट रेट, सांस लेने और पसीने जैसे बिना मर्ज़ी के कामों को कंट्रोल करता है। बच्चों का बेसल मेटाबोलिक रेट भी ज़्यादा होता है, जिसका मतलब है कि उनके शरीर में नैचुरली ज़्यादा गर्मी बनती है। इसलिए पसीना आना अक्सर सिर्फ ठंडक देने का एक तरीका होता है।
वहीं, अगर आप बच्चों को लेयर वाले बिस्तर देते हैं, तो पसीना ज्यादा बढ़ सकता है। इसके अलावा सोते समय बच्चों के आसपास टॉय रखना या फिर अगर बच्चा सिंथेटिक फैब्रिक का कपड़ा पहना है, तो ऐसी समस्या उनमें ज्यादा देखी जा सकती है।
डॉक्टर कहते हैं कि कभी-कभी रात में पसीना आना आमतौर पर नुकसानदायक नहीं होता है। हालांकि, अगर यह लगातार हो और इसके साथ कुछ अन्य लक्षण दिखे, तो एक बार मेडिकल जांच करा लेनी चाहिए। ये लक्षण निम्न हो सकते हैं-
ध्यान रखें कि कुछ कंडीशन जैसे- दिल में छेद, ट्यूबरकुलोसिस, हाइपरथायरायडिज्म, पुराने इन्फेक्शन या ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया की वजह से बच्चों को सोते समय काफी ज्यादा पसीना आ सकता है।
सोते समय कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखकर आप काफी हद तक पसीने आने की परेशानी को कम कर सकते हैं, जैसे-
अगर पसीना बहुत ज़्यादा या असामान्य लगे, तो क्लिनिकल जांच और बेसिक जांच के लिए बच्चों के डॉक्टर से सलाह लेने से स्थिति साफ़ और तसल्ली मिल सकती है।
Disclaimer: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।