बच्चे झूठ कब और क्यों बोलते हैं? Psychologist बता रही हैं बच्चों की इस आदत को दूर करने के 4 तरीके

बच्चे को झूठ बोलते देखकर अक्सर माता-पिता गुस्सा होने लगते हैं। लेकिन क्या आपने कभी उनकी भावनाओं को समझने की कोशिश की है? आखिर वे झूठ क्यों बोल रहे हैं? आइए इस लेख में जानते हैं बच्चे झूठ क्यों बोलते हैं?

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Written By: Kishori Mishra | Published : May 13, 2026 11:53 AM IST

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Medically Verified By: Harsh Mohta Mohta

अक्सर माता-पिता अपने बच्चे को झूठ बोलते पकड़ लेते हैं और तुरंत डांटना शुरू कर देते हैं। लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि बच्चों का झूठ बोलना हमेशा खराब परवरिश की निशानी नहीं होता। कई बार यह उनके मानसिक और भावनात्मक विकास का सामान्य हिस्सा होता है। बच्चे छोटी उम्र से ही कल्पना और वास्तविकता के बीच फर्क समझना सीख रहे होते हैं, इसलिए वे कई बार ऐसी बातें कह देते हैं जो सच नहीं होतीं।

मुंबई स्थित नारायणा हेल्थ SRCC चिल्ड्रन्स हॉस्पिटल के चाइल्ड साइकोलॉजिस्ट हर्षा मोहता  का कहना है कि बच्चे 3 से 4 साल की उम्र से ही झूठ बोलना शुरू कर सकते हैं। शुरुआत में यह झूठ बहुत साधारण होता है, जैसे खिलौना तोड़ने के बाद मना कर देना या होमवर्क न करने पर बहाना बनाना। जैसे-जैसे बच्चे बड़े होते हैं, उनका दिमाग ज्यादा समझदार होता जाता है और वे यह भी समझने लगते हैं कि कौन-सी बात बोलने से उन्हें फायदा हो सकता है।

बच्चे झूठ क्यों बोलते हैं?

बच्चों के झूठ बोलने के पीछे कई कारण हो सकते हैं। हर बच्चा अलग होता है, इसलिए उसकी सोच और परिस्थिति भी अलग हो सकती है। इसमें कुछ कारण निम्न हो सकते हैं, जैसे-

  1. डांट या सजा के डर से अक्सर बच्चे झूठ बोलते हैं, यह सबसे आम कारण है। जब बच्चों को लगता है कि सच बोलने पर उन्हें डांट पड़ेगी या सजा मिलेगी, तो वे खुद को बचाने के लिए झूठ बोल देते हैं।
  2. कुछ बच्चे लोगों का अपनी ओर ध्यान खींचने के लिए भी झूठ बोल सकते हैं। इसलिए वे बढ़ा-चढ़ाकर बातें बोलते हैं या फिर काल्पनिक कहानियां बनाने लग जाते हैं।
  3. बच्चे अपने आसपास के लोगों से बहुत जल्दी सीखते हैं। अगर वे घर या आसपास के माहौल में बार-बार झूठ बोलते देखते हैं, तो वे भी इसे सामान्य व्यवहार मान सकते हैं।
  4. कई बार बच्चे अपनी गलती स्वीकार करने से डरते हैं या उन्हें लगता है कि सच बोलने पर लोग उन्हें कम पसंद करेंगे। ऐसे में वे झूठ का सहारा लेते हैं।

क्या बच्चों की हर झूठ चिंता की बात है?

साइक्लोजिस्ट का कहनाा है कि हर बार झूठ बोलना गंभीर समस्या नहीं होती है। छोटे बच्चों में कल्पनाशक्ति ज्यादा होती है, इसलिए वे कई बार काल्पनिक बातें भी सच मान लेते हैं। लेकिन अगर बच्चा बार-बार बिना वजह झूठ बोले, चोरी करे या दूसरों को नुकसान पहुंचाने के लिए झूठ बोले, तो यह चिंता का विषय हो सकता है।

माता-पिता को क्या करना चाहिए?

  1. अगर बच्चा झूठ बोले तो तुरंत चिल्लाना या सजा देना सही तरीका नहीं है। इससे बच्चा और ज्यादा डरने लगेगा।
  2. बच्चों को यह महसूस होना चाहिए कि सच बोलने पर उनकी बात सुनी जाएगी और उन्हें समझा जाएगा।
  3. जब बच्चा सच बोले, तो उसकी प्रशंसा करें। इससे उसे ईमानदारी की अहमियत समझ आएगी।
  4. बच्चे वही सीखते हैं जो वे अपने माता-पिता में देखते हैं। इसलिए बड़ों को भी अपने व्यवहार में ईमानदारी दिखानी चाहिए।

Disclaimer : अगर बच्चा बहुत ज्यादा झूठ बोलने लगे, दूसरों को नुकसान पहुंचाने के लिए झूठ बोले या उसके व्यवहार में अचानक बड़ा बदलाव दिखे, तो चाइल्ड साइकोलॉजिस्ट या साइकेट्रिस्ट से सलाह लेना जरूरी हो सकता है। कई बार इसके पीछे कोई भावनात्मक तनाव, डर या मानसिक परेशानी छिपी हो सकती है, जिसे बच्चा शब्दों में बता नहीं पाता।

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