
किशोरी मिश्रा
किशोरी मिश्रा को डिजिटल मीडिया का लगभग 8+ वर्षों का व्यापक अनुभव है, जिसमें स्वास्थ्य (Health) और जीवनशैली ... Read More
Written By: Kishori Mishra | Published : May 13, 2026 11:53 AM IST
Medically Verified By: Harsh Mohta Mohta
Child Do Lie
अक्सर माता-पिता अपने बच्चे को झूठ बोलते पकड़ लेते हैं और तुरंत डांटना शुरू कर देते हैं। लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि बच्चों का झूठ बोलना हमेशा खराब परवरिश की निशानी नहीं होता। कई बार यह उनके मानसिक और भावनात्मक विकास का सामान्य हिस्सा होता है। बच्चे छोटी उम्र से ही कल्पना और वास्तविकता के बीच फर्क समझना सीख रहे होते हैं, इसलिए वे कई बार ऐसी बातें कह देते हैं जो सच नहीं होतीं।
मुंबई स्थित नारायणा हेल्थ SRCC चिल्ड्रन्स हॉस्पिटल के चाइल्ड साइकोलॉजिस्ट हर्षा मोहता का कहना है कि बच्चे 3 से 4 साल की उम्र से ही झूठ बोलना शुरू कर सकते हैं। शुरुआत में यह झूठ बहुत साधारण होता है, जैसे खिलौना तोड़ने के बाद मना कर देना या होमवर्क न करने पर बहाना बनाना। जैसे-जैसे बच्चे बड़े होते हैं, उनका दिमाग ज्यादा समझदार होता जाता है और वे यह भी समझने लगते हैं कि कौन-सी बात बोलने से उन्हें फायदा हो सकता है।
बच्चों के झूठ बोलने के पीछे कई कारण हो सकते हैं। हर बच्चा अलग होता है, इसलिए उसकी सोच और परिस्थिति भी अलग हो सकती है। इसमें कुछ कारण निम्न हो सकते हैं, जैसे-
साइक्लोजिस्ट का कहनाा है कि हर बार झूठ बोलना गंभीर समस्या नहीं होती है। छोटे बच्चों में कल्पनाशक्ति ज्यादा होती है, इसलिए वे कई बार काल्पनिक बातें भी सच मान लेते हैं। लेकिन अगर बच्चा बार-बार बिना वजह झूठ बोले, चोरी करे या दूसरों को नुकसान पहुंचाने के लिए झूठ बोले, तो यह चिंता का विषय हो सकता है।
Disclaimer : अगर बच्चा बहुत ज्यादा झूठ बोलने लगे, दूसरों को नुकसान पहुंचाने के लिए झूठ बोले या उसके व्यवहार में अचानक बड़ा बदलाव दिखे, तो चाइल्ड साइकोलॉजिस्ट या साइकेट्रिस्ट से सलाह लेना जरूरी हो सकता है। कई बार इसके पीछे कोई भावनात्मक तनाव, डर या मानसिक परेशानी छिपी हो सकती है, जिसे बच्चा शब्दों में बता नहीं पाता।