
रश्मि उपाध्याय
रश्मि उपाध्याय साल 2014 से मीडिया क्षेत्र से जुड़ी हैं और TheHealthSite.Com में बतौर एडिटर काम कर रही हैं। इन्हें ... Read More
Written By: Rashmi Upadhyay | Updated : August 8, 2020 2:41 PM IST
शिशु के दांत निकलने पर करें ये 5 काम, झटपट दूर होगी मसूड़ों से दर्द और जलन की समस्या
जब शिशु के दांत निकलते हैं तो वह दर्द से कराह जाता है। इस दौरान बच्चों के मसूड़ों में दर्द, खुजली और जलन होती है जिसके चलते वे किल्कारी मारकर रोते हैं। अपने नन्हें को रोता हुआ देखना हर माता पिता के लिए सबसे बुरा मंजर होता है। इस समय अगर आप डॉक्टर से परामर्श लेंगे तो वह आपको इस समय कैल्शियम और विटामिन डी3 लेने की सलाह देंगे। शिशु के दांत निकलते समय अगर उनकी सही तरह से देखभाल की जाए तो दर्द को कम किया जा सकता है। आज हम आपको कुछ ऐसे तरीके बता रहे हैं जिन्हें अपनाने से शिशु का दर्द कम किया जा सकता है।
शिशु की मालिश कर भी उसे दांत निकलते वक्त होने वाले दर्द से आराम दिलाया जा सकता है। जब शिशु की मालिश करें तो उसके पैरों और सिर हल्के हाथों से रगड़ें। इससे बॉडी में ब्लड सर्कुलेशन भी बेहतर होता है और शिशु को अच्छी नींद भी आती है। साथ ही शिशु दर्द को सहन करने के लायक भी बनाता है।
जब शिशु के दांत निकलते है तो उन्हें ज्यादा से ज्यादा तरह चीजें पिलाएं। अगर संभव हो तो मां अपने दूध को निकालर बच्चे की बोतल में रखकर कुछ देर के लिए फ्रिज में रख सकती है। जब हल्की ठंडी चीजें मसूड़ों पर लगती हैं तो बच्चों को दर्द से राहत मिलती है।
क्योंकि दांत निकलते वक्त बच्चों को बहुत दर्द होता है और वह रोते हैं। इसलिए कोशिश करें कि अगर शिशु सो रहा है तो उसे जबरदस्ती उठाने का प्रयास न करें। शिशु जितना ज्यादा सोएगा उतना ही उसे दर्द भी कम होगा और वह खुश भी रहेगा।
दांत निकलने के दौरान शिशु को शहद चटाने के भी कई लाभ होते हैं। शिशु को दिन 2 बार किसी बहाने से शहद खिलाएं। अगर शिशु मना करता है तो मां दूध पिलाने से पहले शहद को अपने निप्पल पर लगा सकती है, जिससे कि जब शिशु दूध पीए तो शहद भी खा लें। इसके अलावा शहद से शिशु के मसूढ़ों की मालिश भी की जा सकती है।
बच्चे बचपन में कई रोगों की चपेट में आ जाते हैं। पीलिया, कब्ज, दस्त और पेट में दर्द होना जैसी समस्याएं बच्चों को अक्सर होती है। ऐसे किसी रोग के साथ जब दांत निकलते हैं तो शिशु को तेज बुखार भी आ सकता है। ऐसी स्थिति में कोई नुस्खा अपनाने से बेहतर होगा कि डॉक्टर की सलाह लें। डॉक्टर जरूरी जांच के बाद शिशु के लिए दवा लिखकर दे देंगे और उसे आराम मिल जाएगा।