Baby Sleep : बेबी को सुलाना है जल्दी, तो अपनाएं ये टिप्स

यदि आपका बच्चा रात में सोते समय काफी रोता है या उसकी नींद टूट जाती है, तो उसे सुलाने के लिए आजमाएं ये बेबी केयर स्लीपिंग टिप्स...

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Written By: Anshumala | Published : July 9, 2019 3:37 PM IST

अक्सर छोटे बच्चे रात में जल्दी सोते नहीं हैं। रात में भी उनकी नींद टूटती रहती है, जिससे वे अधिक चिड़चिड़े हो जाते हैं। छोटे बच्चे अपनी शारीरिक समस्याओं को बता नहीं सकते, ऐसे में उन्हें बड़े प्यार से देखभाल करने की जरूरत होती है। मां को कभी लोरी सुनानी पड़ती है, तो कभी शांत माहौल में लेकर बैठना होता है। कई छोटे बच्चे इतना अधिक रोते हैं कि समझ नहीं आता कि किस तरह से उन्हें सुलाया जाए। उन्हें क्या तकलीफ है, इसे समझना कई बार मां-बाप के लिए मुश्किल हो जाता है। बहलाने-फुसलाने की हर कोशिश तब बेकार लगने लगती है, जब बच्चे का रोना बंद नहीं होता है। यदि आपका भी बच्चा रात में सोते समय काफी रोता है या उसकी नींद टूट जाती है, तो उसे सुलाने के लिए आजमाएं ये बेबी केयर स्लीपिंग टिप्स (Baby Sleep in Hindi)...

लोरी के साथ दें थपकी  (Baby Sleep in Hindi)

यह सच है कि लोरी सुनते ही बच्चे जल्दी सो जाते हैं, लेकिन लोरी सुनाने के साथ उनकी पीठ पर हल्के हाथों से थपकी भी देती रहें। इससे बच्चा जल्दी सो जाएगा। गोद में उसे धीरे-धीरे झुलाना भी काफी मददगार साबित होगा। बच्चा जब तक गहरी नींद में ना सो जाए, तब तक ऐसा करती रहें।

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ब्रेस्टफीड कराएं

बच्चे दूध पीते-पीते भी सो जाते हैं। ऐसे में उनके सिर पर धीरे-धीरे हाथ से सहलाएं, जिससे उनकी आंखों में नींद आने लगे। जब वह पूरी नींद में सो जाए तो उसे धीरे से बिस्तर पर लिटा दें।

गोद में लेकर झुलाएं

ways to make baby sleep बच्चा जब ना सोए, तो इन तरीकों को अपनाकर सुलाएं। © Shutterstock

बच्चो को गोद में झूल कर सोना पसंद होता है। ऐसे में जब भी आप अपने रोते हुए बच्चे को सुलाने की कोशिश करें, तो उसे गोद में दाएं से बाएं झुलाएं। धीरे-धीरे उसकी आंखे बोझिल होने लगेंगी और धीरे-धीरे सो जाएगा। ज्यादा जोर से ना झुलाएं, इससे वह डर सकता है या सांस लेने में तकलीफ हो सकती है।

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प्रैम में सुलाने की कोशिश करें

कुछ बच्चों को प्रैम में भी जल्दी नींद आती है। आपका बच्चा यदि प्रैम में सोना पसंद करता है, तो उसे प्रैम या स्ट्रोलर में लिटा दें ताकि वह सो जाए। जब वह रो रहा हो या पूरी तरह से जागा हुआ हो, तो बिल्कुल भी प्रैम में नहीं लेटना चाहेगा। ऐसे में कुछ देर गोद में झुलाएं, जब उसे हल्दी नींद आ जाए, तो प्रैम में लिटा दें।

अकेला ना छोड़ें

कई पेरेंट्स बच्चे को अलग कमरे में सुलाते हैं। बच्चा इससे डर जाता है। उसकी नींद हल्की सी भी टूटती है, तो उसे अहसास हो जाता है कि उसके आसपास कोई नहीं है। जाहिर सी बात है कि जब कभी भी बच्चे की नींद खुलेगी तो वो खुद को कमरे में अकेला पाकर डर सकता है। ऐसे में जरूरी है कि आप उसके आस-पास ही रहें या एक से दो साल के बच्चे को अपने साथ ही सुलाएं।