बारिश का मौसम शिशु की सेहत को कर सकता है खराब, ऐसे रखें उनका ध्यान
Monsoon Baby Care Tips: बारिश के मौसम में शिशु के बीमार का खतरा अधिक होता है। ऐसे में, अपने नवजात शिशु की देखभाल के लिए आप इन टिप्स को फॉलो कर सकते हैं -
Monsoon Baby Care Tips: बारिश के मौसम में शिशु के बीमार का खतरा अधिक होता है। ऐसे में, अपने नवजात शिशु की देखभाल के लिए आप इन टिप्स को फॉलो कर सकते हैं -
Heat Rash In Babies: घमौरियों की समस्या न केवल बड़ों, बल्कि शिशुओं को भी हो सकती हैं। आइए, जानते हैं शिशुओं को घमौरियां होने के कारण और उपचार के बारे में –
सर्दियों में और गर्मियों में मौसम के अनुसार अलग-अलग तरह के तेलों के इस्तेमाल की सलाह भी दी जाती है।
जन्म के बाद ही हर माता-पिता की यह जिम्मेदारी हो जाती है कि वह अपने बच्चे का ध्यान रखें। कई बार जन्म के बाद बच्चों में कुछ ऐसे लक्षण दिखते हैं, जो सामान्य नहीं होते। जैसे कि बच्चों का आंख खोलकर सोना। आइए जानते है किन कारणों की वजह से बच्चे अपनी आंखो को खोलकर सोते है।
Tips for Cold in Babies : बच्चों की इम्यूनिटी बड़ों की तुलना में काफी कमजोर होती है। ऐसे में सर्दियों में उनको एक्सट्रा देखभाल की जरूरत है। आइए जानते हैं सर्दियों में बच्चों की कैसे करें केयर?
नवजात बच्चे और बच्चों को सर्दियों से बचाने के लिए उपयोगी सलाह: सर्दियों में बच्चों की देखभाल के बारे में विस्तार से जानकारी दे रहे हैं डॉ राहुल नागपाल।
National Nutrition Week: राष्ट्रीय पोषण सप्ताह के मौके पर यहां हम आपको महिलाओं के पोषण से जुड़ी जानकारी साझा कर रहे हैं.
Babycare Tips: नवजात शिशु के लिए क्यों जरूरी है स्किन-टू-स्किन केयर या कॉन्टैक्ट? जानें क्या है यह टेक्नीक और इसके शिशु की सेहत पर होने वाले फायदे...
कई बार छोटे बच्चों का माथा बिना कारण ही गर्म हो (Why Baby Head is Hot in hindi) जाता है। जब पेरेंट्स शरीर का तापमान नापते हैं तो वो नॉर्मल रहता है। तो आइए जानते हैं बच्चों का माथा गर्म होने के कुछ सामान्य कारण-
आज वूमने डे (International Women Day) के मौके पर करीना कपूर खान ने इंस्टाग्राम पर अपने दूसरे बेबी की फोटो शेयर की है। (Kareena Kapoor shares first pic with newborn son)
मां बनना हर महिला के लिए बहुत स्पेशल होता है। जो महिलाएं दूसरी बार मां बनती हैं उन्हें काफी हद तक एक्सपीरियंस होता है। लेकिन जो महिलाएं पहली बार मां बनती हैं उन्हें समझ नहीं आता है कि इतने बदलाव को वह किस तरह से मैनेज करें।
बॉलीवुड डायरेक्टर करण जौहर (Bollywood Director Karan Johar) के दोनों बच्चे भी प्रीमैच्योर (Premature Baby) हैं। ऐसे बच्चों को अक्सर पैरेंट्स को सौंपने से पहले एनआईसीयू में रखा जाता है ताकि इनका स्वास्थ्य बेहतर हो सके।
बच्चों की मालिश आज भी लोग सरसों तेल से अधिक करते हैं, लेकिन इस तेल के अलावा आप सर्दियों में मालिश के लिए जैतून के तेल यानी ऑलिव ऑयल (Olive Oil for Baby Massage) का भी यूज कर सकते हैं। इसके कई फायदे होंगे।
Winter Care Tips For Babies: सर्दियों में शिशुओं को अतिरिक्त देखभाल की जरूरत होती है। तो जानें कुछ जरूरी बातें
यदि आप सर्दियों में शिशु को नहलाना चाहते हैं, तो कुछ बातों का जरूर ध्यान रखें ताकि बच्चा बीमार ना पड़े। जानें, सर्दियों में शिशु को नहलाने के टिप्स (Tips for Baby Bath in Winter)....
बच्चों में दांत निकलने से पहले, उनके मसूड़ों और जीभ की साफ-सफाई का ध्यान देना जरूरी है। इससे बच्चों के दांत और मसूड़े स्वस्थ रहेंगे। बच्चे के संपूर्ण सेहत को सुनिश्चित करने के लिए उसके दांतों की देखभाल (Tooth Care for Babies in hindi) के लिए अपनाएं ये टिप्स...
जब कोई बच्चा 37 सप्ताह से पहले पैदा होता है, तो वह प्रीमैच्योर बेबी कहलाता है। ज्यादातर मामलो में ऐसे बच्चों छोटे और वजन में कम होते हैं। प्रीटर्म बच्चे शुरुआत में ज्यादातर बीमार रहते हैं इसलिए इन्हें एक्स्ट्रा केयर की जरूरत होती है।
पेट संबंधी समस्याएं सिर्फ बड़े-बुजुर्गों को ही नहीं बल्कि बच्चों को भी होती है। बड़े लोग अपनी समस्या को बताकर या डॉक्टर को दिखाकर हल कर लेते हैं, लेकिन शिशुओं के केस में यह थोड़ा मुश्किल हो जाता है। शिशुओं का डायजेशन कमजोर होता है, जिसके चलते उन्हें जल्दी पेट में गैस, कब्ज और मरोड़ जैसी दिक्कतें हो सकती हैं। पेट के रोग होने पर शिशु अक्सर रोते हैं, मुंह से लार निकाले हैं, चिल्ला सकते हैं और नींद की कमी भी देखी जा सकती है। आज हम शिशुओं की गैस्ट्रिक समस्या को दूर करने के लिए कुछ आसान तरीके बता रहे हैं।
Monsoon Baby Care Tips: बारिश के मौसम में शिशु के बीमार का खतरा अधिक होता है। ऐसे में, अपने नवजात शिशु की देखभाल के लिए आप इन टिप्स को फॉलो कर सकते हैं -
Heat Rash In Babies: घमौरियों की समस्या न केवल बड़ों, बल्कि शिशुओं को भी हो सकती हैं। आइए, जानते हैं शिशुओं को घमौरियां होने के कारण और उपचार के बारे में –
सर्दियों में और गर्मियों में मौसम के अनुसार अलग-अलग तरह के तेलों के इस्तेमाल की सलाह भी दी जाती है।
जन्म के बाद ही हर माता-पिता की यह जिम्मेदारी हो जाती है कि वह अपने बच्चे का ध्यान रखें। कई बार जन्म के बाद बच्चों में कुछ ऐसे लक्षण दिखते हैं, जो सामान्य नहीं होते। जैसे कि बच्चों का आंख खोलकर सोना। आइए जानते है किन कारणों की वजह से बच्चे अपनी आंखो को खोलकर सोते है।
Tips for Cold in Babies : बच्चों की इम्यूनिटी बड़ों की तुलना में काफी कमजोर होती है। ऐसे में सर्दियों में उनको एक्सट्रा देखभाल की जरूरत है। आइए जानते हैं सर्दियों में बच्चों की कैसे करें केयर?
नवजात बच्चे और बच्चों को सर्दियों से बचाने के लिए उपयोगी सलाह: सर्दियों में बच्चों की देखभाल के बारे में विस्तार से जानकारी दे रहे हैं डॉ राहुल नागपाल।
National Nutrition Week: राष्ट्रीय पोषण सप्ताह के मौके पर यहां हम आपको महिलाओं के पोषण से जुड़ी जानकारी साझा कर रहे हैं.
Babycare Tips: नवजात शिशु के लिए क्यों जरूरी है स्किन-टू-स्किन केयर या कॉन्टैक्ट? जानें क्या है यह टेक्नीक और इसके शिशु की सेहत पर होने वाले फायदे...
कई बार छोटे बच्चों का माथा बिना कारण ही गर्म हो (Why Baby Head is Hot in hindi) जाता है। जब पेरेंट्स शरीर का तापमान नापते हैं तो वो नॉर्मल रहता है। तो आइए जानते हैं बच्चों का माथा गर्म होने के कुछ सामान्य कारण-
आज वूमने डे (International Women Day) के मौके पर करीना कपूर खान ने इंस्टाग्राम पर अपने दूसरे बेबी की फोटो शेयर की है। (Kareena Kapoor shares first pic with newborn son)
मां बनना हर महिला के लिए बहुत स्पेशल होता है। जो महिलाएं दूसरी बार मां बनती हैं उन्हें काफी हद तक एक्सपीरियंस होता है। लेकिन जो महिलाएं पहली बार मां बनती हैं उन्हें समझ नहीं आता है कि इतने बदलाव को वह किस तरह से मैनेज करें।
बॉलीवुड डायरेक्टर करण जौहर (Bollywood Director Karan Johar) के दोनों बच्चे भी प्रीमैच्योर (Premature Baby) हैं। ऐसे बच्चों को अक्सर पैरेंट्स को सौंपने से पहले एनआईसीयू में रखा जाता है ताकि इनका स्वास्थ्य बेहतर हो सके।
बच्चों की मालिश आज भी लोग सरसों तेल से अधिक करते हैं, लेकिन इस तेल के अलावा आप सर्दियों में मालिश के लिए जैतून के तेल यानी ऑलिव ऑयल (Olive Oil for Baby Massage) का भी यूज कर सकते हैं। इसके कई फायदे होंगे।
Winter Care Tips For Babies: सर्दियों में शिशुओं को अतिरिक्त देखभाल की जरूरत होती है। तो जानें कुछ जरूरी बातें
यदि आप सर्दियों में शिशु को नहलाना चाहते हैं, तो कुछ बातों का जरूर ध्यान रखें ताकि बच्चा बीमार ना पड़े। जानें, सर्दियों में शिशु को नहलाने के टिप्स (Tips for Baby Bath in Winter)....
बच्चों में दांत निकलने से पहले, उनके मसूड़ों और जीभ की साफ-सफाई का ध्यान देना जरूरी है। इससे बच्चों के दांत और मसूड़े स्वस्थ रहेंगे। बच्चे के संपूर्ण सेहत को सुनिश्चित करने के लिए उसके दांतों की देखभाल (Tooth Care for Babies in hindi) के लिए अपनाएं ये टिप्स...
जब कोई बच्चा 37 सप्ताह से पहले पैदा होता है, तो वह प्रीमैच्योर बेबी कहलाता है। ज्यादातर मामलो में ऐसे बच्चों छोटे और वजन में कम होते हैं। प्रीटर्म बच्चे शुरुआत में ज्यादातर बीमार रहते हैं इसलिए इन्हें एक्स्ट्रा केयर की जरूरत होती है।
बच्चे को नहलाना आसान नहीं होता है। अक्सर बच्चों को दादी-नानी या घर की बुजुर्ग महिला द्वारा नहलाया जाता है। क्योंकि उन्हें पता होता है कि शिशु को नहलाते वक्त किस तरह की सावधानियां बरतनी होती है। अगर आपके घर में कोई बुजुर्ग व्यक्ति नहीं है और आपको खुद अपने शिशु को नहलाना पड़ रहा है लेकिन अनुभव नहीं है तो आज हम आपको कुछ टिप्स दे रहे हैं। ये टिप्स शिशु को नहलाते वक्त आपके जरूर काम आएंगी।
पेट संबंधी समस्याएं सिर्फ बड़े-बुजुर्गों को ही नहीं बल्कि बच्चों को भी होती है। बड़े लोग अपनी समस्या को बताकर या डॉक्टर को दिखाकर हल कर लेते हैं, लेकिन शिशुओं के केस में यह थोड़ा मुश्किल हो जाता है। शिशुओं का डायजेशन कमजोर होता है, जिसके चलते उन्हें जल्दी पेट में गैस, कब्ज और मरोड़ जैसी दिक्कतें हो सकती हैं। पेट के रोग होने पर शिशु अक्सर रोते हैं, मुंह से लार निकाले हैं, चिल्ला सकते हैं और नींद की कमी भी देखी जा सकती है। आज हम शिशुओं की गैस्ट्रिक समस्या को दूर करने के लिए कुछ आसान तरीके बता रहे हैं।
बच्चों में कान दर्द होना आम बात है। कई बार कान में अंदरूनी संक्रमण होने से भी कान में दर्द होने लगता है। कई बार कान में सरसों तेल डालने से दर्द दूर हो जाता है, पर लगातार दर्द बना रहे, तो यह चिंता वाली बात हो सकती है। बच्चों में कान का दर्द उनके लिए अत्यंत पीड़ादायक हो सकता है। बच्चों के कान का दर्द का इलाज आप कुछ घरेलू उपायों को भी अपनाकर दूर कर सकती हैं। जानें, कौन से हैं वो बच्चों में होने वाले कान के दर्र का रामबाण इलाज...
नई मां के मन में होते हैं ये सवाल, तो जानें इनके जवाब।
मां और बच्चे के बीच की बॉन्डिंग बढ़ाने का सबसे बढि़या तरीका है यह।
बेशक बच्चों को क्रिसमस ट्री और केक पसंद होते हैं लेकिन इन बातों पर पहले ध्यान दें!
इन चीजों को खाने से बढ़ेगा दूध का उत्पादन, आपका बच्चा भूख की वजह से नहीं रोएगा बार-बार!
अगर आप हाल ही में पेरेंट्स बने हैं, तो आपको मालिश करने का सही तरीका सीख लेना चाहिए!
अगर आप नए-नए माता-पिता बने हैं, तो आपको यह स्लाइड शो हर हाल में देखना चाहिए!
कहीं आपके बच्चे के लगातार रोने का कारण यह तो नहीं है!
बच्चों की परवरिश करते समय ऊपर बताई बातों का ध्यान ज़रूर रखें!
दांत आने के दौरान शिशु के मसूड़ों में दर्द और बेचैनी होती है उससे आराम दिलाने में टीथर कुछ हद तक करता है मदद!
जब बच्चा सो रहा हो तो नाखून काटना बेहतर होगा।