Baby care tips : दूध उलटने सहित स्‍तनपान की इन समस्‍याओं के बारे में भी आपको जानना चाहिए

ब्रेस्टफीडिंग बेबी के लिए बहुत जरूरी है। पर ज्यादातर नई मांओं को इसमें शुरूआत में परेशानी होती है। इसके लिए जरूरी है कि आप ब्रेस्टफीडिंग और बेबी केयर टिप्स के बारे में भी जानें।

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Written By: Yogita Yadav | Updated : August 1, 2019 4:55 PM IST

विश्‍व स्‍तनपान सप्‍ताह 1 से 7 अगस्‍त के दौरान आपको ब्रेस्‍टफीडिंग के बारे में बहुत सी जानकारी मिल सकती है। यहां हम आपका ध्‍यान उन जरूरी टिप्‍स (Baby care tips) की ओर ले जाना चाह रहे हैं, जिनसे ब्रेस्‍टफीडिंग और बेबी केयर (Baby care tips) दोनों बहुत आसान हो जाएंगे। इन्‍हें फॉलो कर आप बेबीज को होने वाली परेशानियों से भी बच सकते हैं।

ब्रेस्‍टफीडिंग के दौरान बेबी केयर टिप्‍स (Baby care tips)

ब्रेस्‍टफीडिंग आपके और बेबी दोनों के लिए ही एकदम नई बात है। इसलिए इसके लिए आपको खुद को तैयार करने के साथ-साथ आपको अपने बेबी के लिए भी इसे सुविधाजनक बनाना है। ब्रेस्‍टफीडिंग के दौरान कुछ चीजें बेबी को परेशान कर सकती हैं। इसके लिए आपको कुछ खास बातों का ध्‍यान रखना होगा।

सिखाएं दूध पीना (Baby care tips)

हो सकता है जब बच्‍चा पहली बार स्‍तनपान कर रहा हो तो वह इसे कर ही न पाए। इसके लिए आपको अपने बेबी की मदद करनी है। इसमें नर्सिंग स्‍टाफ या आपके घर की बड़ी बुजुर्ग भी इसमें आपकी सहायता कर सकती हैं।

दूध उलटना (Baby care tips)

दूध पीने के बाद दूध उलटना ज्‍यादातर बच्‍चों में होने वाली एक सामान्‍य समस्‍या है। इसे लेकर कतई न घबराएं। बेबी के लिए यह नई प्रक्रिया है। उसे नहीं पता कि उसे कितना दूध पीना है। कभी-कभी बच्चों के पेट में जो फूड पाइप जाती है उस रास्ते में बहुत सारा दूध इकट्ठा हो जाता है या फिर जरूरत से ज्यादा दूध पी लेने की वजह से भी बच्चों को उल्टी हो जाती है।

डकार दिलवाना 

दूध उलटने की समस्‍या से बचने के लिए जरूरी है कि बच्‍चे को हर बार दूध पिलाने के बाद डकार दिलवाएं। यह बहुत आसान प्रक्रिया है। बच्‍चे को कंधे से लगाकर उसकी पीठ को सहलाएं। पेट सीधा होने पर बेबी खुद ही डकार ले लेता है। जिससे दूध उलटने की समस्‍या काफी हद तक कम हो जाती है।

ब्रेस्‍टफीडिंग की टाइमिंग

छोटे बच्‍चों को कभी कभी इस बात का भी अहसास नहीं होता कि उन्‍हें भूख लगी है। जबकि कई बार वे अपने भूखे होने का संकेत रोकर देते हैं। पर रोने की और भी कई वजहें हो सकती हैं। इसलिए ब्रेस्‍टफीडिंग की टाइमिंग का ध्‍यान रखें। हर दो से तीन घंटे में बेबी का फीड करवाती रहें। अगर वह सो रहा है, तो उसे जगाकर फीड करवाएं।

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