Baby Care Tips : कब लगाना चाहिए बच्चे के सिरहाने तकिया, कुछ जरूरी टिप्स

Baby Care Tips : कब लगाना चाहिए बच्चे के सिरहाने तकिया, कुछ जरूरी टिप्स आप भी जान लें।

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Written By: Anshumala | Published : January 22, 2020 5:44 PM IST

नवजात शिशु की देखभाल (Baby Care Tips) बहुत संभलकर करनी होती है। उनका शरीर इतना नाजुक होता है कि जरा भी लापरवाही बच्चे को नुकसान पहुंचा सकती है। जब बच्चे सोते हैं, तो उनके सोने के पोस्चर, सिर, गदर्न का खास ध्यान रखना चाहिए। अक्सर कुछ पेरेंट्स शिशु के सिरहाने तकिया लगा देते हैं, लेकिन यह भी जानना जरूरी है कि कब और किस तरह का तकिया लगाना बच्चे के लिए हेल्दी है। जन्म के बाद लगभग दो साल तक बच्चे के सिरहाने तकिया लगाना उनकी सेहत के लिए ठीक नहीं होता।

एक अध्ययन के अनुसार, तकिया के इस्तेमाल से बच्चे का दम घुट सकता है। शिशु की अचानक मृत्यु का खतरा (Sudden Infant Death Syndrome) बना रहता है। शिशु के सिर में तेल लगाना, कई पेरेंट्स गैप करके बच्चे को नहलाते हैं, इससे तकिये पर तेल और गंदगी जमा होती रहती है, जिससे उन्हें सिर में फोड़े-फुंसी, रैशेज या स्किन से संबंधित समस्याएं भी हो सकती हैं।

कब लगाएं तकिये की आदत

वैसे इसका कोई फिक्स फॉर्मूला नहीं है कि कब शिशु को तकीया लगाना चाहिए। तकिया लगाने से एक फायदा यह भी होता है कि शिशु के सिर का शेप गोल रहता है। कई बार एक ही करवट लेटे-लेटे सिर चिपटा हो जाता है, इसलिए बच्चों के लिए सरसों यानी राई भर के तकिया तैयार करना चाहिए। एक वर्ष की आयु में बच्चे के सिरहाने तकिया लगाना सबसे सही होता है। इससे उनका सिर भी प्रॉपर शेप ले पाता है, लेकिन तकिया जब लगाएं, तो कोशिश करें कि बच्चे की करवट बदलते रहें वरना एक ही तरफ से सिर का शेप चेंज हो सकता है, जो बाद में ठीक करने में काफी परेशानी आ सकती है।

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कैसा हो तकिया

बच्चे के लिए ठोस (हल्का), छोटा और फ्लैट तकिये का इस्तेमाल करें।

तकिये की साफ-सफाई का भी विशेष ध्यान दें। उनके सिरहाने में नर्म फर वाले तकिये न लगाएं। ऐसे तकिये एलर्जी का कारण बनते हैं।

तकिये नर्म है यो ठोस इसे जांचने के लिए पहले उसे अपने हाथों से दबाकर देखें कि वह कितनी देर में वापस अपने आकार में आता है। अपने आकार में देर से आता है, तो समझ लीजिए कि तकिया काफी सख्त है। यदि तुरंत अपने आकार में आ जाता है, तो तकिया हद से ज्यादा मुलायम है।

ध्यान रखें बच्चे के लिए न तो बहुत ज्यादा सख्त और न ही अधिक मुलायम तकिया लें। पॉलिएस्टर तकिए ही खरीदें। ये नॉन-एलर्जिक होते हैं। साथ ही ये नेचुरल फाइबर तकिए से अधिक टिकाऊ भी होते हैं। तकिए में कभी भी पॉलिएस्टर का कवर न लगाएं। इससे सिर की गर्मी बढ़ती है। ऐसे में बच्चे को बुखार आने की संभावना बढ़ जाती है।

कॉटन फैब्रिक का कवर हो, तो आराम भी महसूस होगा और गर्मी भी नहीं लगेगी। पॉलिएस्टर से पसीना भी अधिक आता है, जिससे फोड़े-फुंसियों के होने की आशंका बढ़ जाती है।