Aishwarya Rai Bachchan ने बेटी Aaradhya को फोन व सोशल मीडिया से दूर कैसे रखा, पेरेंटिंग के ये 3 तरीके आप भी सीखें

रेड सी फिल्म फेस्टिवल में एक इंटरव्यू में बात करने के दौरान ऐश्वर्या राय बच्चन ने बताया कि किस तरह से उन्होंने अपनी बेटी के लिए फोन और सोशल मीडिया जैसी चीजों को दूर रखा और एक अच्छी पेरेंटिंग के लिए यह जरूरी क्यों है।

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Written By: Mukesh Sharma | Published : May 31, 2026 4:48 PM IST

हर पेरेंट्स का सबसे बड़ा सपना यही होता है कि उनके बच्चे जीवन में कामयाब बनें और एक अच्छा व्यक्ति बनें और उसके लिए हर माता-पिता अपने बच्चों को जीवनभर सिखाते रहते हैं। ऐश्वर्या राय बच्चन ने अपनी बेटी आराध्या बच्चन की परवरिश हर माता-पिता के लिए एक उदाहरण हो सकता है। रेड सी फिल्म फेस्टिवल में एक छोटे इंटरव्यू के दौरान ऐश्वर्या राय बच्चन ने यह साफ कर दिया कि उनकी बेटी आराध्या सोशल मीडिया पर नहीं है। दरअसल बात एक फेक सोशल मीडिया अकाउंट की थी, जिसके बारे में कुछ लोग बोल रहे थे कि यह आराध्या बच्चन का अकाउंट है और इसपर ऐश्वर्या ने साफ कर दिया कि वह अकाउंट आराध्या का नहीं बल्कि एक फेक अकाउंट है। एक्ट्रेस की यह स्टेटमेंट इस बात को क्लियर करती है कि उन्होंने अपनी बेटी की परवरिश का खास ध्यान रखा है और उसे सोशल मीडिया व फोन जैसी चीजों से दूर रखा है। आजकल पेरेंट्स अपने बच्चों की फोन चलाने और सोशल मीडिया यूज करने की आदत से काफी परेशान हैं और उन्हें पेरेंटिंग के ये 3 टिप्स जरूर जान लेने चाहिए।

बच्चे की प्राइवेसी होना भी जरूरी

बड़ों की तरह बच्चों की प्राइवेसी होना भी जरूरी है, लेकिन अक्सर पेरेंट्स इस बात पर ज्यादा ध्यान नहीं दे पाते हैं। लेकिन छोटे-छोटे बच्चों की प्राइवेसी का ध्यान रखना उनके पेरेंट्स की जिम्मेदारी होती है। ऐश्वर्या राय बच्चन ने अपनी बेटी आराध्या की प्राइवेसी का हमेशा ध्यान रखा है और हर पेरेंट्स को इस बात से सीख लेनी चाहिए। जितना हो सके बच्चे की प्राइवेसी अपने हाथ में रखें और खासतौर पर तब तक रखें जब तक बच्चा बड़ा होकर खुद अपनी प्राइवेसी को समझने न लग जाए।

बच्चे की एक्टिविटी में उसका साथ दें

इंडियन पेरेंट्स में आज के समय में सबसे बड़ी समस्या यही है कि वे अपने बच्चे की एक्टिविटी पर ध्यान नहीं देते हैं। अगर बच्चे सिर्फ खेल-कूद भी रहा है, तो भी बच्चे के साथ रहना चाहिए। पेरेंट्स अगर ऐसा करते हैं, तो बच्चे के अपने माता-पिता के साथ ज्यादा अटैचमेंट फील होता है और वह उनसे ज्यादा जुड़ा हुआ महसूस करते हैं। ऐसे में बच्चे के द्वारा कोई भी बुरी आदत सीखने का खतरा भी काफी हद तक कम हो जाता है, क्योंकि बच्चा ज्यादातर समय अपने पेरेंट्स की देखरेख में होता है।

फोन का एक्सेस की लिमिट सेट करें

हेल्थ एक्सपर्ट्स और यहां तक कि विश्व स्वास्थ्य संगठन जैसी बड़ी संस्थाएं बता चुकी हैं कि स्क्रीन बच्चे की हेल्थ के लिए बिल्कुल भी अच्छी नहीं है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि आप पूरी तरह से बच्चे को स्क्रीन दिखाना बंद कर दें और अगर आप ऐसा भी चाहते हैं तो किया जा सकता है। अगर आप पूरी तरह से स्क्रीन बंद नहीं करना चाहते हैं, तो बच्चे के मोबाइल, टीवी और सोशल मीडिया एक्सेस को लिमिट करना बहुत जरूरी है।

ऐश्वर्या राय बच्चन द्वारा अपनी बेटी आराध्या बच्चन की परवरिश से पेरेंट्स बहुत सी चीजें सीख सकते हैं। आराध्या के पास हर चीज का एक्सेस आसानी से हो सकता है, लेकिन फिर भी पेरेंट्स ने हर चीज को लिमिट में रखा। अभिषेक बच्चन से ज्यादा ऐश्वर्या राय बच्चन ने आराध्या की परवरिश की जिम्मेदारी उठाई, जिससे यह भी सीख मिलती है कि पेरेंट्स में से एक जो बच्चे की देखरेख की जिम्मेदारी जरूर लेनी चाहिए।

डिसक्लेमर: इस लेख का उद्देश्य केवल परवरिश से जुड़ी सही जानकारी देना है और इसमें दी गई किसी भी जानकारी का दावा thehealthsite.com नहीं करता है।

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