
... Read More
Written By: Pallavi Kumari | Published : June 25, 2022 1:34 PM IST
बच्चों को जीवन की हर मुश्किलों के लिए तैयार करना माता-पिता की जिम्मेदारी है। ऐसे में माता-पिता को चाहिए कि वे अपने बच्चों को शारीरिक और मानसिक दोनों तरह से तैयार करें। माता-पिता को समझना होगा कि उन्हें बच्चों को पढ़ाई लिखाई के साथ इमोशनल और मेंटल तरीकों से मजबूत बनाना होगा। इसके लिए पढ़ाई के अलावा आपको अपने बच्चों को कुछ दूसरे काम सिखाना चाहिए। तो, आइए हम आपको बताते हैं कुछ ऐसे कामों के बारे में जो कि 5 साल से 10 तक मानसिक विकास (activities for 5 year olds for mental growth) में मदद करते हैं।
पर्सनल हाइजीन के बारे में बच्चों को बताना बेहद जरूरी है। दरअसल, बच्चों का बचपन से साफ सफाई सीखना बेहद जरूरी है। ये ना सिर्फ मानसिक रूप से मजबूत बनाए रखने में मदद करता है बल्कि अंदर से स्वस्थ रखने में भी मदद करता है। इसलिए अपने 5 साल से 10 साल के बच्चों को टॉयलेट इस्तेमाल करने का सही तरीका, खुद को साफ रखने का तरीका, नहाने का तरीका, हाथ धोने का तरीका और नाखून की साफ-सफाई का तरीका जरूर बताएं। ये उन्हें शरीर से स्वस्थ रख कर मानसिक रूप से एक बेहतर व्यक्ति के रूप में तैयार करेगा।
म्यूजिक या डांस दोनों ही शरीर के साथ मन के लिए फायदेमंद है। हमेशा से कहा गया है और यह सच भी है कि कला आपको एक बेहतर इंसान बनाती है। साथ ही ये हमारे ब्रेन के हिस्से को तेज करती है और न्यूरो फंक्शन को और बेहतर बनाने में मदद करती है। ऐसे में आपको पढ़ाई लिखाई के अलावा अपने बच्चों को म्यूजिक या डांस जरूर सिखाना चाहिए।
हम अपने बच्चों को गेल्म खेलने के लिए कभी भी प्रोत्साहित नहीं करते। बल्कि कोई खेल खेलना बच्चों को अनुशासन सिखाता है और उन्हें नियमों का पालन करना बताता है। साथ ही खेल मानसिक विकास में भी मदद करते हैं और दिमाग तेज करते हैं। इसके अलावा किसी भी काम करने की गति और टीम वैल्यूज को बढ़ा देते हैं। तो, अपने बच्चों कोई ना कोई रेगुलर गेम खेलना सिखाएं।
एक्सरसाइज और योगकरना ज्यादातर माता-पिता अपने बच्चों को नहीं सिखाते। जबकि 5 साल की उम्र से ही आपको अपने बच्चों को एक्सरसाइज या योग करना सिखाना चाहिए। ये ना सिर्फ उनके शारीरिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देते हैं बल्कि मानसिक रूप से भी उन्हें स्वस्थ रखते हैं।
गार्डिंग का गुण हर बच्चे के लिए बेहद जरूरी है। ये ना सिर्फ उनको एक बेहतर इंसान के रूप में तैयार करता है बल्कि उनके मन में प्रेम और मेहनत करने की भावना को बढ़ावा देता है। साथ ही पौधों को बड़े होते हुए देखने का इंतजार उन्हें धैर्य रखना भी सिखाता है। इस तरह आगे चल कर जीवन में उन्हें जब कोई चीज जल्दी नहीं मिलेगी तो वे गुस्से पर काबू करके मानसिक रूप से मजबूत रहेंगे और धैर्य रखेंगे।