बच्चों में दिखे ये 5 लक्षण तो समझ जाएं गलत संगति के हो गए हैं शिकार

बच्चों को गलत संगत से बचाने के उपाय : बच्चों को गलत संगत से बचाने के लिए सबसे पहले तो माता-पिता को उन लक्षणों के बारे में पता होना चाहिए जो बताते हैं कि वे गलत संगत में पड़ गए हैं। इसके बाद माता-पित्ता इन टिप्स की मदद से उन्हें इससे बाहर निकाल सकते हैं।

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Written By: Pallavi Kumari | Published : May 23, 2022 10:24 AM IST

आज कल के व्यस्त जीवन में माता-पिता ऑफिस और घर के बीच अपने बच्चों पर ध्यान देना कम कर देते हैं। ऐसे में कई बार बच्चों में हो रहे बदलावों को वे देख ही नहीं पाते और बच्चे बिगड़ने लगते हैं। इस स्थिति में सबसे पहले बच्चे गलत दोस्तों और लोगों की संगति से बिगड़ने की शुरुआत ( effects of bad company of friends in kids) करते हैं। बिगड़ने की ये शुरुआत पहले तो इतनी धीमी होती है कि हम इसे समझ भी नहीं पाते और माता-पिता को इसके बारे में तब पता लगता है जब स्कूल से बच्चों की शिकायत आती है या बच्चे कभी किसी बड़ी मुश्किल में फंस जाते हैं। इसलिए जरूरी ये है कि माता-पिता को बच्चों में गलत संगति को पहचानने का तरीका पता होना चाहिए। तो, आइए हम आपको बताते हैं ऐसे 5 चीजों के बारे में जिन्हें आप बच्चों में गलत संगति का संकेत समझ सकते हैं।

बच्चों में दिखे ये 5 लक्षण तो समझ जाएं गलत संगति के हो गए हैं शिकार-Signs your child is fall into bad company

1. चलने-फिरने और बोलने के तरीके में बदलाव

गलत संगति के शिकार होने पर आप अपने बच्चों में कई बदलाव देख सकते हैं। लेकिन इसकी शुरुआत चलने-फिरने और बोलने के तरीके में बदलाव से होती है। जैसे कि अगर आप देखें कि आपका बच्चा अचानक से कुछ नए शब्द बोल हो रहा है और बार-बार बोलता है और आपको ये असल में अच्छा नहीं लग रहा है तो ये उन्होंने अपने नई संगत से सीखा है। इसके अलाव जैसे

- गालियां या गलत शब्दों का प्रयोग करना

-बिना मतलब जानें किसी शब्द का बार-बार इस्तेमाल करना

-किसी खास स्टाइल में चलना या आवाज में बदलाव करना जैसे कोई भी लक्षण जो इनमें अचानक आया हो तो ये गलत संगति के शिकार होने का संकेत हो सकता है।

2. लगातार स्कूल या कोचिंग से आने के समय में देरी

ज्यादातर माता-पिता इस बदलाव को समझ नहीं पाते। जब आपका बच्चा एक दिन स्कूल या कोचिंग से देर से आए तो समझ में आता है। लेकिन अगर वो ये हरकत रोजाना करने लगे तो ये इस बात का संकेत है कि वो स्कूल और कोचिंग के बाद कुछ और करता है जिसके बारे में आपको नहीं पता है और इसी वदह से उन्हें आने में देरी हो जाती है। ऐसे में बच्चे के इस हरकत को नजरअंदाज ना करें और स्मार्टली इसकी पहचान करें।

3. नए दोस्तों के साथ घूमना पसंद करे

अब आप देख सकते हैं कि आपका छोटा बच्चा अपने नए दोस्तों के साथ घूमना पसंद करता है और अपने तथाकथित सुपरहीरो की अच्छी तस्वीर बनाता है, तो यही दोस्त इन्हें बुरी चीजों की तरफ भी ले जा सकते हैं। ऐसे बच्चे बुरे प्रभाव से जल्दी आकर्षित हो सकते हैं और उन्हें यही लगता है कु उनका दोस्त यही करता है इसलिए उसे भी यही करना चाहिए।

4. बार-बार सफेद झूठ बोलना और बातें छुपाना

अगर आपका बच्चा आपकी आंखों में देख कर बात करना बंद कर दे और झेंपना शुरू कर दें तो समझ जाएं कि कुछ गड़बड़ है। ऐसे बच्चों को स्पष्टीकरण देने के लिए कहा जाने पर वह बहुत रुकते और झेंपते हैं और कोशिश करते हैं कि बातें छुपा ले जाएं। साथ ही धीमे-धीमे सफेद झूठ बोलना शुरू कर देते हैं। ऐसी स्थिति में माता-पिता के लिएउसके संगति वाले लोगों के बारे में जानना बेहद जरूरी हो जाता है।

5. हर बात का आक्रामक होना और ज्यादा पैसे खर्च करना

गलत शब्दों का प्रयोग और लोगों को गलत नामों से पुकारना ऐसे संकेत हैं जो सबसे पहले सामने आते हैं। साथ ही घर में हर बात पर आक्रामक ढंग से विद्रोह करना भी इस बात का संकेत है कि आपका बच्चा गलत संगति में है। साथ ही अगर बच्चा उद्दंड हो रहा हो, जानबूझकर आसपास के लोगों को चोट पहुंचाता हो और बहुत तर्कशील हो रहा हो तब भी समझें कि ये अचानक हुआ बदलाव गलत संगति का असर हो सकता है। इसके अलावा ज्यादा पैसे मांगना या पहले कि तुलना में ज्यादा पैसे खर्च करना और इस बारे में विस्तार से ना बताना भी इस बात का संकेत है कि उनकी टोली में कुछ नए लोग शामिल हुए हैं जिसके बारे में वो आपको बताना नहीं चाहता।

बच्चों को गलत संगत से बचाने के उपाय-How to deal with a bad company

-बच्चों का दोस्त बनें ताकि वो आपको हर छोटी-बड़ी चीज के बारे में बताएं।

-बच्चों के दोस्तों के बारे में पूछें और किसी बहाने से उनसे खुद मिलें।

-बच्चों को ज्यादा पैसे ना दें।

-बातचीत और व्यवहार संबंधी बदलावों को लेकर उनसे पूछें कि ये उन्होंने कहां से सीखा और बताएं कि ये क्यों गलत है।

-बच्चों को किसी भी बात के लिए सीधे मना ना करें। प्यार से समझाएं ताकि वे विद्रोही ना बनें।

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