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Teenagers में क्यों हो जाती है खून की कमी? जानिए एनीमिया के 5 बड़े कारण

Teenagers Anemia : टीनएज में कई कारणों से शरीर में खून की कमी होने लगती है, जिसपर माता-पिता को खास ध्यान देने की जरूरत होती है। आइए जानते हैं इस बारे में विस्तार से-

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Written By: Kishori Mishra | Published : July 29, 2026 10:00 AM IST

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Medically Verified By: Dr. Abha Dubey

Why is anemia common in teenagers : टीनएज शरीर के तेजी से विकास का समय होता है। इस दौरान शरीर को आयरन, विटामिन और अन्य पोषक तत्वों की पहले से अधिक जरूरत होती है। लेकिन खराब खानपान, अनियमित लाइफस्टाइल और बढ़ती पोषण संबंधी जरूरतों के कारण इस उम्र में एनीमिया यानि खून की कमी एक आम लेकिन अक्सर नजरअंदाज की जाने वाली समस्या बन जाती है।

अहमदाबाद स्थित कंसल्टेंट, हीमेटो-ऑन्कोलॉजी एवं बोन मैरो ट्रांसप्लांट डॉ. आभा दुबे का कहना है कि अक्सर माता-पिता एनीमिया की वजह से होने वाले बच्चों की थकान को पढ़ाई का दबाव, मोबाइल का ज्यादा इस्तेमाल या नींद की कमी समझ लेते हैं। जबकि लगातार रहने वाला एनीमिया बच्चे की शारीरिक वृद्धि, पढ़ाई, रोग प्रतिरोधक क्षमता और मानसिक स्वास्थ्य तक को प्रभावित कर सकता है। लेकिन माता-पिता के लिए अच्छी बात यह कि अगर आप समय पर इसकी पहचान करते हैं, तो इसका इलाज काफी किया जा सकता है। आइए जानते हैं इस विषय को विस्तार से-

Anemia

एनीमिया क्या होता है?

WHO के मुताबिक, एनीमिया वह स्थिति है, जब शरीर में पर्याप्त रूप से रेड ब्लड सेल्स या फिर हीमोग्लोबिन नहीं बन पाता। हीमोग्लोबिन शरीर के सभी अंगों तक ऑक्सीजन पहुंचाने का काम करता है। इसकी कमी होने पर शरीर को अधिक मेहनत करनी पड़ती है, जिससे कमजोरी, थकान, चक्कर आना, सिरदर्द, ध्यान लगाने में परेशानी और ऊर्जा की कमी जैसी समस्याएं होने लगती हैं। ये लक्षण धीरे-धीरे विकसित होते हैं, इसलिए कई बार परिवार इन्हें सामान्य थकान समझकर नजरअंदाज कर देता है।

टीनएजर्स में एनीमिया का खतरा ज्यादा क्यों होता है?

टीनएज में शरीर की लंबाई, मांसपेशियां और ब्लड की मात्रा तेजी से बढ़ती है। ऐसे में आयरन, फोलिक एसिड, विटामिन B12 और प्रोटीन की जरूरत भी बढ़ जाती है। वहीं, टीनएज की लड़कियों का पीरियड्स शुरू होने के बाद आयरन की आवश्यकता और बढ़ जाती है। अगर इसके साथ संतुलित भोजन न मिले या भोजन छोड़ने की आदत हो, तो एनीमिया होने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।

टीनएजर्स में एनीमिया किन कारणों से होते हैं?

टीनएज में एनीमिया के कई कारण हो सकते हैं। आइए जानते हैं इन कारणों के बारे में-

Teenage anemia

1. आयरन की कमी

टीनएजर्स में एनीमिया का सबसे बड़ा कारण आयरन की कमी है। अक्सर टीनएज में बच्चे खाने-पीने को लेकर काफी ज्यादा नखरे रखते हैं। कई बच्चे हरी पत्तेदार सब्जियां, दालें, बीन्स, ड्राईफ्रूट्स और आयरन से भरपूर भोजन कम खाते हैं, जबकि जंक फूड, प्रोसेस्ड फूड और कोल्ड ड्रिंक का सेवन अधिक करते हैं। इससे शरीर में पर्याप्त हीमोग्लोबिन नहीं बन पाता।

2. ज्यादा ब्लीडिंग वाले पीरियड्स

कुछ टीनएज की बच्चियों में एनीमिया का कारण पीरियड्स के दौरान काफी ज्यादा ब्लीडिंग हो सकती है। अगर पीरियड्स कई दिनों तक चलें, बार-बार पैड बदलना पड़े या बड़े ब्लड क्लॉट्स आएं, तो इसे सामान्य नहीं मानना चाहिए। लंबे समय तक काफी ज्यादा ब्लीडिंग शरीर में आयरन की कमी पैदा कर सकता है। माता-पिता को बेटियों से पीरियड्स के बारे में खुलकर बात करनी चाहिए और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।

3. संतुलित भोजन न लेना और मील स्किप करना

टीएज में कई लोगों को वजन कम करने की होड़ लग जाती है। वजन घटाने की कोशिश, फैड डाइट या सुबह का नाश्ता छोड़ना भी एनीमिया का बड़ा कारण बन सकता है। ऐसी आदतों के कारण शरीर को आयरन, फोलिक एसिड, विटामिन B12 और प्रोटीन जैसे जरूरी पोषक तत्व नहीं मिल पाते, जो स्वस्थ रक्त बनाने के लिए आवश्यक हैं।

4. विटामिन B12 और फोलिक एसिड की कमी

सिर्फ आयरन ही नहीं, बल्कि विटामिन B12 और फोलिक एसिड की कमी भी एनीमिया का कारण बन सकती है। यह समस्या खासकर उन टीनएजर्स में अधिक देखी जाती है, जो संतुलित भोजन नहीं लेते या जिन्हें आंतों से पोषक तत्वों के अवशोषण में परेशानी होती है। लंबे समय तक इसकी कमी रहने पर नर्वस सिस्टम और ब्रेन भी प्रभावित हो सकता है।Vitamin B12

5. कोई अन्य गंभीर बीमारी

कुछ मामलों में एनीमिया के पीछे पुरानी बीमारियां, किडनी की बीमारी, ऑटोइम्यून रोग या रक्त संबंधी विकार भी जिम्मेदार हो सकते हैं। अगर खानपान सुधारने और आयरन सप्लीमेंट लेने के बाद भी एनीमिया ठीक नहीं हो रहा है, तो विस्तृत जांच कराना जरूरी है।

किन लक्षणों को बिल्कुल नजरअंदाज न करें?

अगर आपके बच्चे में ये लक्षण दिखाई दें, तो डॉक्टर से जरूर सलाह लें-

  1. हर समय थकान या कमजोरी महसूस होना
  2. स्किन, होंठ या नाखून पीले पड़ना
  3. बार-बार चक्कर आना या सिरदर्द होना
  4. थोड़ा काम करने पर सांस फूलना
  5. पढ़ाई में ध्यान न लगना
  6. स्कूल प्रदर्शन में गिरावट
  7. खेलते समय जल्दी थक जाना
  8. बाल झड़ना और नाखून कमजोर होना
  9. बार-बार बीमार पड़ना
  10. दिल की धड़कन तेज होना, इत्यादि।

बच्चों को एनीमिया होने पर क्या करें पेरेंट्स?

अगर आप चाहते हैं कि आपका बच्चा एनीमिया जैसी स्थिति से सुरक्षित रहे, तो आपको कुछ उपायों को अपनाने की जरूरत होती है, जैसे-

  • बच्चे को आयरन, प्रोटीन, फोलिक एसिड और विटामिन B12 से भरपूर संतुलित भोजन दें।
  • भोजन में पालक, दालें, बीन्स, अंडे, मछली, दूध, दही और सूखे मेवे शामिल करें।
  • आयरन वाले भोजन के साथ विटामिन C युक्त फल जैसे संतरा, आंवला या नींबू दें ताकि आयरन का अवशोषण बेहतर हो।
  • बच्चों को नाश्ता छोड़ने की आदत न बनने दें।
  • बेटियों से पीरियड्स के बारे में खुलकर बात करें।
  • लगातार थकान रहने पर ब्लड टेस्ट जरूर कराएं, इत्यादि।

Disclaimer: यह लेख सिर्फ सामान्य स्वास्थ्य संबंधी जानकारी और जागरूकता के उद्देश्य से तैयार किया गया है। अगर आपके बच्चे में लगातार थकान, कमजोरी, पीली त्वचा, अत्यधिक मासिक धर्म या एनीमिया से जुड़े अन्य लक्षण दिखाई दें, तो स्वयं इलाज करने के बजाय योग्य चिकित्सक से सलाह लें। उचित जांच और डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही उपचार कराएं।