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Written By: Atul Modi | Published : February 17, 2023 9:01 PM IST
Single Child Parenting Tips: घर में जब इकलौती संतान होती है तो उसके प्यार और दुलार में माता पिता इतने मशगूल हो जाते हैं कि ना चाहते हुए भी ऐसी गलतियां कर ही बैठते हैं जिससे कि बच्चों पर इसका बुरा प्रभाव पड़ने लगता है। वैसे तो बच्चा एक हो या दो मां बाप के लिए बराबर ही होते हैं, लेकिन इकलौते बच्चे से लाड-प्यार ज्यादा होता है। इकलौते बच्चे से पेरेंट्स को भी ज्यादा उम्मीदें होती हैं, आशाएं होती है। इसलिए उस पर ज्यादा ध्यान देते हैं। बच्चा कहीं अकेलेपन से ना घिर जाए इसलिए पेरेंट्स उनके आसपास ही रहते हैं। लेकिन कुछ गलतियां ऐसी होती है जो ना चाहते हुए भी पेरेंट्स कर ही जाते हैं तो चलिए जानते हैं बच्चों की देखभाल में ऐसी कौन सी चूक है जो आपसे हो जाती है।
इकलौते बच्चे से माता-पिता को ज्यादा उम्मीदें होती हैं, आशाएं होती हैं और अपेक्षाएं भी होती हैं। वह अपनी उम्मीदों को अपने बच्चों पर हावी कर देते हैं, जिससे बच्चा ना चाहते हुए भी तनाव में रहने लगता है। तो इस स्थिति में पेरेंट्स को अपने बच्चे की मानसिक स्थिति को समझने की जरूरत है और उस पर किसी तरह का दबाव बनाने की जरूरत नहीं है। अगर आप ऐसा करते हैं तो बच्चा कम उम्र में ही अस्वस्थ होने लगता है। मानसिक विकार भी उसे घेरने लगते हैं।
बच्चा जब बड़ा होने लगता है तो उसे बात बात पर रोकना टोकना सही नहीं है। उससे बच्चा दबाव फील करने लगता है। पेरेंट्स ओवर प्रोटेक्टिव हो जाते हैं और ऐसे में बच्चों पर इसका प्रेशर पड़ता है। बच्चों की सुरक्षा को लेकर पेरेंट्स चिंतित रहते हैं। इस कंडीशन में बच्चे अपने लाइफ के बारे में कुछ फैसले नहीं ले पाता और हमेशा ही अपने माता-पिता के सहारे ही रहता है। ऐसा आप बिल्कुल भी ना करें। बच्चों को खुद के फैसले लेना सिखाएं और उस पर अमल भी कराएं।
बच्चों को बाहर की दुनिया से रूबरू जरूर कराएं क्योंकि जब वह बाहर निकलता है तो से कई सारी चीजों को फेस करना पड़ता है। पेरेंट्स अपने बच्चों को बाहर जाने से कभी ना रोकें। अगर आप ऐसा करते हैं तो बच्चा अपने आप को कैद फील करने लगता है और बाहरी दुनिया से बिल्कुल अनजान रहता है। ऐसा भी हो सकता है कि वह अकेलेपन का शिकार भी हो जाए।
बच्चा हो या बड़ा व्यक्तिगत दूरी यानी की पर्सनल स्पेस होना जरूरी है। इससे बच्चा खुद को सोचने और समझने में सक्षम होता है। वह अपनी जिम्मेदारी को भी समझता है। जब बच्चा खुद अकेला होगा तो आपके साथ बिताए गए हर एक पल याद करेगा और उसकी कीमत भी समझेगा।