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गायनेकोलॉजिकल कैंसर महिलाओं पर छिपकर कर रहा वार, बचाव के लिए करें लक्षणों की पहचान

महिलाओं की प्रजनन प्रणाली में होने वाले 5 तरह के कैंसरों को गायनेकोलॉजिकल कैंसर के नाम से जाना जाता है। इसमें ओवेरियन कैंसर, सर्वाइकल कैंसर, गर्भाशय कैंसर, योनी कैंसर और वल्वर कैंसर शामिल हैं। जानें, क्या है गायनेकोलॉजिकल कैंसर के अंतर्गत आने वाले ओवेरियन और सर्वाइकल कैंसर के लक्षण, कारण।

गायनेकोलॉजिकल कैंसर महिलाओं पर छिपकर कर रहा वार, बचाव के लिए करें लक्षणों की पहचान
गायनेकोलॉजिकल कैंसर महिलाओं पर छिपकर कर रहा वार, जानें इसके बारे में। © Shutterstock

Written by Anshumala |Published : July 2, 2019 7:05 PM IST

भारत में कैंसर जैसी घातक बीमारी के कारण महिलाओं का जीवन बद से बद्दतर होता जा रहा है। महिलाओं की प्रजनन प्रणाली में होने वाले 5 तरह के कैंसरों को गायनेकोलॉजिकल कैंसर के नाम से जाना जाता है। इसमें ओवरियन कैंसर, सर्वाइकल कैंसर, गर्भाशय कैंसर, योनी कैंसर और वल्वर कैंसर शामिल हैं। फोर्टिस हॉस्पिटल में सर्जिकल ऑन्कोलॉजी के निदेशक, डॉ. कपिल कुमार ने इस बारे में जागरूकता के लिए पिछले दिनों एक सेमिनार का आयोजन कराया। उन्होंने गायनेकोलॉजिकल कैंसर के अंतर्गत आने वाले महिलाओं में होने वाले दो सबसे घातक कैंसर ओवेरियन और सर्वाइकल कैंसर के बारे में बताया...

सबसे घातक ओवेरियन कैंसर

महिलाओं में ओवेरियन कैंसर सबसे घातक स्त्री संबंधी रोग माना जाता है। इस कैंसर से किसी की जान बचा पाना अत्यंत मुश्किल होता है। स्तन कैंसर के बाद सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में होने वाला दूसरा सबसे सामान्य प्रकार का कैंसर है। महिलाओं में होने वाले हर तरह के कैंसर में चुनौतियों, लंबे समय तक चलने वाले उपचार और उपचार के अधिक खर्च से बचने के लिए समय से बीमारी का पता चलना जरूरी है।

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समय पर कराएं पेल्विक टेस्ट

डॉक्टर कपिल कुमार ने इस बारे में बात करते हुए बताया, “फेफड़े, स्तन, कोलोन और अग्न्याशय के बाद अंडाशय का यानी ओवरियन कैंसर महिलाओं में होने वाला पांचवां सबसे घातक कैंसर है। 75 फीसदी मरीजों में इस बीमारी का पता तीसरे या चौथे स्तर पर चलता है। ऐसे में यह सलाह दी जाती है कि हर महिला को ओवरियन कैंसर की जांच कराने के लिए समय पर पेल्विक परीक्षण, पेल्विक अल्ट्रासाउंड और कैल्शियम 125 स्तर की जांच करानी चाहिए। ऐसे कैंसर का समय से पता लगाने के लिए इसके जोखिम के कारणों और लक्षणों के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए स्कूलों में शैक्षणिक कार्यक्रमों का आयोजन करने की जरूरत है।”

कैसे होता है ओवेरियन कैंसर

ओवेरियन कैंसर तब होता है, जब महिला की दोनों ओवरीज में सेल्स बहुत तेजी से बढ़ने लगती हैं, जिससे हेल्दी टिशू डैमेज हो जाते हैं। इससे जुड़े जोखिमों के प्रमुख कारणों में बढ़ती उम्र, प्रजनन क्षमता की कमी, ओवरियन कैंसर का पारिवारिक इतिहास, स्तन कैंसर का व्यक्तिगत इतिहास, 30 से अधिक बीएमआई, मासिक धर्म की जल्दी शुरुआत और देर से मेनोपॉज आदि शामिल हैं।

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ओवेरियन कैंसर के लक्षण

- पेट में समस्या

- पाचन में समस्या

- खाने के बाद पेट फूलना

- पेट में दर्द

- ब्लैडर बाउल फंक्शन में बदलाव

- कम भूख लगना

सर्वाइकल कैंसर क्या है

सर्वाइकल कैंसर सर्विक्स से उभरने वाला कैंसर है। यह कैंसर ऐसी कोशिकाओं की असामान्य वृद्धि की वजह से होता है, जो शरीर के अन्य हिस्सो में पहुंच सकती हैं। शुरुआत में कोई लक्षण दिखाई नहीं देता है इसलिए अक्सर इसकी पहचान करने में देर हो जाती है, जिसके बाद इलाज करने में समस्याएं आती हैं।

सर्वाइकल कैंसर के लक्षण

- योनि से असामान्य रक्तस्राव

- मेनरेजी (असामान्य रूप से अधिक या लंबे समय तक चलने वाला मासिक धर्म)

- पोस्ट-कोइटल (यौन संबंध बनाने के बाद) रक्तस्राव

- मासिक धर्म के बाद रक्तस्राव

- योनि से बदबूदार स्राव

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- वजन कम होना

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