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बच्चों के दांत क्या टूथपेस्ट की वजह से जल्दी सड़ रहे हैं ?

छोटे बच्चों के दांत बहुत नही नाजुक होते हैं और टूथपेस्ट में पाये जाने वाले कैमिकल खतरनाक हो सकते हैं। टूथपेस्ट में पाया जाने वाला फ्लोराइड की मात्रा दांतों पर सबसे ज्यादा प्रभाव डालती है। ©Shutterstock.

बाजारवाद के इस जमाने में जब सककुछ बाजार और प्रचार पर निर्भर है तो बच्चों के लिए उपयोग किये जाने वाले हर सामान पर आपको पैनी नजर रखनी चाहिए। हाल ही में हुए एक शोध में यह पाया गया है कि जो बच्चे ज्यादा मात्रा में पेस्ट का उपयोग करते हैं उनके दांत जल्दी सड़ने लगते हैं।

Written by akhilesh dwivedi |Updated : February 2, 2019 12:44 PM IST

बच्चों का लालन-पालन करना एक बहुत बड़ी जिम्मेदारी होती है। बाजारवाद के इस जमाने में जब सककुछ बाजार और प्रचार पर निर्भर है तो बच्चों के लिए उपयोग किये जाने वाले हर सामान पर आपको पैनी नजर रखनी चाहिए। हाल ही में हुए एक शोध में यह पाया गया है कि जो बच्चे ज्यादा मात्रा में पेस्ट का उपयोग करते हैं उनके दांत जल्दी सड़ने लगते हैं। आपने देखा होगा बच्चों के दूध वाले दांत भी अब सड़ने लगे हैं।

छोटे बच्चों के दांत बहुत नही नाजुक होते हैं और टूथपेस्ट में पाये जाने वाले कैमिकल खतरनाक हो सकते हैं। टूथपेस्ट में पाया जाने वाला फ्लोराइड की मात्रा दांतों पर सबसे ज्यादा प्रभाव डालती है। आइए जानते कुछ फैक्ट्स। दांत-मसूड़े नहीं होंगे स्वस्थ, तो मां बनने में होगी परेशानी।

फ्लोराइड हो सकता है खतरनाक ?

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दांतों के इनेमल को मजबूत बनाने के लिए फ्लोराइड लाभदायक है, लेकिन अगर बच्चे के टूथपेस्ट में फ्लोराइड की मात्रा बहुत अधिक है तो यह दांतो के लिए खतरनाक भी हो सकता है। खास कर छोटे बच्चों के टूथपेस्ट में फ्लोराइड की मात्रा अधिक नहीं होनी चाहिए। मार्केट में कई ब्रांड के टूथपेस्ट मौजूद है जिनमे फ्लोराइड की अलग-अलग मात्रा होती है। टूथपेस्ट के बॉक्स के पीछे देख कर फ्लोराइड की मात्रा का पता लगाया जा सकता है। इन हर्ब्स से करें दांत दर्द और मसूड़ों की समस्या का इलाज।

टूथपेस्ट का स्वाद कैसा हो ?

[caption id="attachment_645165" align="alignnone" width="655"]too-much-fluoride-can-lead-to-tooth-streaking-or-spottiness-or-dental-fluorosis फ्लोराइड की मात्रा बहुत अधिक है तो यह दांतो के लिए खतरनाक भी हो सकता है। ©Shutterstock.[/caption]

जब बच्चों की उम्र थोड़ी अधिक हो जाती है तो उन्हें नीम और पुदीने जैसे फ्लेवर के टूथपेस्ट के उपयोग में लाने के लिए कहा जाता है, लेकिन छोटे बच्चों के दांत बहुत अधिक सेंसटिव होते हैं, इसलिए उन्हें इस तरह के फ्लेवर पसंद नहीं आते हैं और उन्हें दातों में भी परेशानी होती है। छोटे बच्चों को फलों के फ्लेवर वाला टूथपेस्ट ही देना चाहिए। दांत में दिख रहे हैं भूरे व सफेद धब्बे हो सकती है फ्लोरोसिस बीमारी, जानें लक्षण और इलाज।

कुल्ला कैसे कराएं ?

अगर आपके बच्चे के मुंह में एक दो दांत आ चुके हैं, तो उसे ब्रश करवाने की वजह कुल्ला करवाने की आदत डालें। इस उम्र में उन्हें कुछ भी खिलाने पिलाने से पहले कुल्ला करवाएं। अगर बच्चे के थोड़ी बहुत दांत आ गए हैं तो मीठा खाने के तुरंत बाद उसे पानी से कुल्ला करवा दें, क्योंकि मीठी चीजें दाँतो के लिए हानिकारक हो सकती है। अगर आप बहुत कम उम्र से ही बच्चे में कुल्ला करने की आदत डाल देते हैं, तो वह कुछ बड़ा हो जाने के बाद भी मीठा खाने के बाद कुल्ला करेगा। ब्लूबेरीज खाएं, दांत और मसूड़े रहेंगे हरदम स्वस्थ।

बड़े बच्चों के लिए सावधानियां

अगर आपके बच्चे की उम्र थोड़ी बड़ी है या फिर आपका बच्चा टूथपेस्ट को निगलने के बजाय थूंकने में सक्षम हो गया है, तो उसे फ्लोराइड युक्त टूथपेस्ट ही करने को दें| फ्लोराइड हमारे दांतों का ख़ास ख्याल रखता है और दांतों के इनेमल को मजबूत बनाता है जिससे खतरनाक बैक्टीरिया दांतों पर कब्जा नही कर पाते हैं। दांत रहेंगे स्वस्थ और मजबूत, जब खाएंगे ये 6 सुपरफूड्स।

बिना फ्लोराइड वाला टूथपेस्ट

छोटे बच्चों को हमेशा बिना फ्लोराइड वाला टूथपेस्ट ही करने के लिए देना चाहिए| दरअसल, छोटे बच्चे टूथपेस्ट को थूंकने के बजाय निगल लेते हैं और माता पिता इस बात पर ध्यान नही देते | ऐसे कई टूथपेस्ट मार्केट में बनाए जाते हैं जिनमे फ्लोराइड नही होता और यह ख़ास छोटे बच्चों के लिए बनाए जाते हैं| इसलिए अगर आपका बच्चा बहुत छोटा है तो फ्लोराइड फ्री टूथपेस्ट ही उसके लिए सही रहेगा।

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