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लौट आया है जीका वायरस ! कैसे करें पहचान और बचाव ?

कुछ मामलों में कन्जंगक्टवाइटिस की तरह लक्षण नजर आते है। अगर ये लक्षण दो दिन से ज्यादा रहे तो तुरन्त डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

लौट आया है जीका वायरस ! कैसे करें पहचान और बचाव ?
जीका वायरस के लक्षण और बचाव। © Shutterstock

Written by akhilesh dwivedi |Published : September 23, 2018 8:17 PM IST

पुणे के राष्ट्रीय विषाणु विज्ञान संस्थान ने जयपुर की एक बुजुर्ग महिला के जीका वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि की है. जयपुर के सवाई मानसिंह चिकित्सालय के प्राचार्य डॉ. यू.एस. अग्रवाल ने रविवार को बताया कि एक बुजुर्ग महिला को जोडों में दर्द, आखें लाल होने और कमजोरी के कारण 11 सितंबर को अस्पताल में भर्ती कराया गया था. डेंगू, स्वाइन फ्लू अन्य जांच सामान्य मिलने पर नमूने को पुणे की प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजा गया.

पुणे में जांच में महिला में जीका वायरस की पुष्टि हुई है. उन्होंने बताया कि प्रदेश में जीका वायरस से किसी व्यक्ति के संक्रमित होने का संभवत: यह पहला मामला है. उन्होंने बताया कि महिला की जांच की रिपोर्ट शनिवार को प्राप्त हुई थी.

ये भी पढ़ेंः जीका वायरस के संक्रमण से भी गर्भपात होने की संभावना।

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जयपुर के शास्त्रीनगर निवासी बुजुर्ग महिला में जीका वायरस की पुष्टि होने के बाद अस्पताल प्रशासन ने चिकित्सा विभाग को सर्तक कर दिया है. डॉ. अग्रवाल ने बताया कि महिला को ठीक होने पर कुछ दिन पूर्व अस्पताल से छुट्टी दे दी गई.

जीका वायरस से संक्रमित होने के लक्षण 

  • डेंगू के लक्षण की तरह जीका वायरल डिजीज में भी स्किन रैशेज़ होता है। इसके लक्षण संक्रमित होने के दो से तीन बाद ही नजर आता है और बाद में स्किन बेजान भी नजर आने लगती है।
  • कुछ मामलों में कन्जंगक्टवाइटिस की तरह लक्षण नजर आते है। अगर ये लक्षण दो दिन से ज्यादा रहे तो तुरन्त डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
  • जोड़ों और मसल्स में दर्द- मांसपेशियों और जोड़ो में दर्द को अरथेलजिया भी कहा जाता है। ये जीका वायरस का एक लक्षण है, इसमें कोहनी और जांघ में विशेषकर ज्यादा दर्द होता है।
  • रक्त के द्वारा संक्रमण के कारण जीका वायरस होने पर सिर दर्द जैसे लक्षण सामने आता है। लेकिन इसको आम सिर दर्द समझकर नजरअंदाज न करे।
  • मलेरिया और डेंगू की तरह एडिज मच्छर के कारण जीका होने पर भी बुखार होता है। इसके कारण 102 डिग्री फारेनहाइट तक फीवर होता है जो दो से सात दिनों तक रहता है।
  • अगर आपको बुखार होने के साथ थकान भी महसूस होता है और तीन दिन बाद भी आपको आराम महसूस नहीं हो रहा है तो हो सकता है आपको जीका हुआ है। इसको नजरअंदाज करने के जगह तुरन्त डॉक्टर से सलाह लें।

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बचाव के लिये क्या करें

  1. जब एडिस मच्छर सक्रिय होते हैं, उस समय घर के अंदर रहें। ये मच्छर दिन के दौरान, सुबह बहुत जल्दी और सूर्यास्त से कुछ घंटे पहले काटते हैं।
  2. जब आप बाहर जाएं तो जूते, मोजे, लंबी आस्तीन वाली शर्ट और फुलपैंट पहनें।
  3. यह सुनिश्चित करें कि मच्छरों को रोकने के लिए कमरे में स्क्रीन लगी हो।
  4. ऐसे बग-स्प्रे या क्रीम लगाकर बाहर निकलें, जिसमें डीट या पिकारिडिन नामक रसायन मौजूद हो।
  5. Add The HealthSite as a Preferred Source Add The Health Site as a Preferred Source

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