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Zika Virus In Uttar Pradesh: उत्तर प्रदेश में जीका वायरस के मामलों में बढ़ोतरी देखी जा रही है। राज्य का कानपुर शहर जीका वायरस का हॉटस्पॉट बना ही हुआ है। ताजा आंकड़ों के अनुसार, कानपुर में अब तक जीका वायरस के 130 मामले सामने आए हैं। वहीं, कानपुर, राजधानी लखनऊ और कन्नौज के बाद मंगलवार को उन्नाव में जीका वायरस का पहला मामला सामने आया। बता दें कि, उन्नाव राज्य में जीका वायरस के मामले की रिपोर्ट करने वाला उत्तर प्रदेश का चौथा जिला बन गया है।
समाचार एजेंसी आईएएनएस की रिपोर्ट के अनुसार, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि 35 वर्षीय संक्रमित शुक्लागंज के मिश्रा कॉलोनी का रहने वाला है और रोजाना कानपुर जाता है जहां वह लाल बांग्ला क्षेत्र के जाजमऊ में एक धागे की फैक्ट्री में काम करता है। कानपुर में अब तक जीका वायरस के कुल 130 मामले सामने आए हैं।
उन्नाव जिले में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। डॉक्टरों की एक टीम संक्रमित व्यक्ति के घर पहुंची और सभी प्रकार के बचाव के उपाय सुनिश्चित किए। उन्नाव के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ सत्य प्रकाश ने शुक्लागंज में जीका की जांच के लिए सैम्पलिंग बढ़ाने का आदेश जारी किया है। जीका संक्रमितों को इलाज के लिए उन्नाव जिला अस्पताल के डेंगू वार्ड में भेजा गया है।
डॉ वी.के. संक्रामक रोग नियंत्रण इकाई के नोडल अधिकारी गुप्ता ने बताया कि 13 नवंबर को कानपुर में संक्रमित का सैंपल लिया गया और वहां ही उसकी जांच की गई। मंगलवार को आई रिपोर्ट में पुष्टि की गई कि वह जीका से संक्रमित है। अधिकारी ने कहा, "हमें कानपुर से एक रिपोर्ट मिली कि हमारे जिले के एक निवासी ने जीका वायरस के लिए पॉजिटिव परीक्षण किया है। उसके नमूने 13 नवंबर को कानपुर में लिए गए और आज उसे जीका पॉजिटिव घोषित किया गया। उसे उन्नाव जिला अस्पताल के डेंगू वार्ड में स्थानांतरित कर दिया गया है।"
एकीकृत रोग निगरानी कार्यक्रम (आईडीएसपी) के डॉ रवि यादव और डॉ वी.के. सिंह ने भी शुक्लागंज पहुंचकर उनके घर का निरीक्षण किया। उन्नाव नगर निगम की टीम ने संक्रमित व्यक्ति के घर और उसके आसपास बड़े पैमाने पर फॉगिंग की और मलेरिया विभाग एंटी लार्वा केमिकल का छिड़काव कर रहा है।
(आईएएनएस)