उत्तर प्रदेश में इस तरह बनाएं जाएंगे जीका वायरस के कंटेनमेंट जोन, जानें नए दिशा-निर्देश

राज्य में जीका के बढ़ते मामलों के बीच सरकार ने जीका वायरस संक्रमित के घर के चारों ओर इस तरह कंटेनमेंट जोन तैयार करने का फैसला किया है।

WrittenBy

Written By: Jitendra Gupta | Published : November 15, 2021 10:56 AM IST

देश में कोरोना वायरस का खतरा अभी टला नहीं है, जिसपर जीका वायरस और डेंगू की दोहरी मार ने लोगों को परेशान करना शुरू कर दिया है। देश के अलग-अलग राज्यों से डेंगू और जीका वायरस के बढ़ते मामलों की रिपोर्ट ने सरकार की मुश्किलें भी बढ़ा दी है। वहीं उत्तर प्रदेश में भी जीका वायरस के बढ़ते मामलों से लोग सख्ते में हैं। राज्य में जीका के बढ़ते मामलों के बीच सरकार ने लखनऊ में जीका वायरस संक्रमित के घर के चारों ओर 400 मीटर तक कंटेनमेंट जोन बनाए जाएंगे।

सरकार ने ये फैसला इसलिए किया है ताकि वायरस को फैलने से रोका जा सके। इसके साथ ही मरीजों को होम आइसोलेशन में रखने का फैसला भी किया है।

क्या कहते हैं अधिकारी

राज्य में डेंगू और जीका वायरस के बढ़ते मामलों के बीच लखनऊ के जिलाधिकारी अभिषेक प्रकाश ने एक आधिकारिक बयान जारी अधिकारियों को सतर्क रहने को कहा है। बयान के अनुसार अधिकारियों को निगरानी समितियों को सक्रिय करने के लिए कहा गया है।

कितनी टीमें बनाई गई हैं

सरकार द्वारा जारी आधिकारिक बयान के मुताबिक, सरकार ने निगरानी के लिए 550 सुपर सर्विलांस टीमों का गठन किया गया है। इसके साथ ही बयान में ये भी कहा गया है कि सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में 25 टीमें मौजूद रहेंगी और वे घर-घर जाकर संक्रमितों का सर्वेक्षण और निगरानी करेंगी।

यहां-यहां नियुक्त की गई टीमें

जीका प्रभावित राज्यों और विदेशों से आने वाले यात्रियों की सूची बनाने के लिए हवाई अड्डों, रेलवे स्टेशनों और बस स्टॉप पर भी प्रभारी नियुक्त किए गए हैं। इस वायरस से निपटने के लिए स्वास्थ्य के बुनियादी ढांचे को बढ़ाने के लिए जिले के आठ अस्पतालों में जीका वायरस वार्ड बनाए जा रहे हैं।

जागरूकता अभियान भी किया जाएगा शुरू

होडिर्ंग्स और पम्फलेट के साथ वायरस के खिलाफ जागरूकता अभियान भी शुरू किया जाएगा। जीका वायरस के लिए भी हेल्पलाइन जारी की गई है। जनता एकीकृत नियंत्रण एवं कमान केंद्र (आईसीसीसी) पर फोन कर इस बीमारी की जानकारी ले सकती है।

(सोर्स--आईएएनएस)