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पहले कोरोना की मार और अब डेंगू की रफ्तार ने देश में लोगों का जीना मुहाल किया हुआ है। उत्तर प्रदेश का कानपुर अब जीका वायरस की मार झेलने को मजबूर है क्योंकि यहां पर जीका वायरस के सबसे ज्यादा मामले सामने आए हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक, कानपुर जिले में 16 और नए मरीज मिले हैं, जिसके बाद कुल मामलों की संख्या बढ़कर 105 हो गई हैं। बता दें कि इन 16 नए मामलों में दो गर्भवती महिलाएं भी शामिल हैं।
कानपुर में लगातार बढ़ते जीका वायरस के प्रकोप को देखते हुए खुद राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हालात का जायजा लेने पहुंचेंगे। खबर के मुताबिक, सीएम योगी यहां पहुंचेंगे और कानपुर डेवलपमेंट अथॉरिटी ऑडिटोरियम में जिले के स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ मुलाकात करेंगे। इस दौरान योगी जिले में जीका वायरस से निपटने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान और तैयारियों का जायजा लेंगे। ़
इसके अलावा मुख्यमंत्री योगी जीका वायरस से प्रभावित इलाकों का भी दौरा कर सकते हैं और जीका वायरस संक्रमित मरीजों के परिजनों से भी उनकी मुलाकात संभव हो सकती है।
डेंगू, चिकनगुनिया और मलेरिया की तरह ही जीका भी मच्छर के काटने से फैलने वाला वायरस है, जो एडीज एजिप्टी नाम के मच्छर के काटने से फैलता है। ये मच्छर आमतौर पर दिन में काटता है। ऐसा बताया जा रहा है कि जीका वायरस का संक्रमण किसी प्रकार की कोई गंभीर समस्या का कारण नहीं बनता है लेकिन ये गर्भवती महिलाओं और उनके भ्रूण के लिए खतरनाक साबित हो सकता है।
उत्तर प्रदेश के कानपुर में जीका वायरस के बढ़ते प्रकोप के बीच जिले के स्वास्थ्य अधिकारियों ने मच्छरों की धर-पकड़ शुरू की थी। रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली से पहुंची स्वास्थ्य विभाग की एक टीम ने अधिक संक्रमण वाले इलाकों से 250 मच्छरों को पकड़कर जांच के लिए वापस दिल्ली भेजा था। ये सभी मच्छर एक स्पेशल ट्रेन से दिल्ली भेजे गए थे।
गौरतलब हो कि हाल ही में दिल्ली के नेशनल इंस्टीट्यूट आफ मलेरिया रिसर्च सेंटर में जांच के लिए भेजे गए मच्छरों में से एक में जीका वायरस की पुष्टि हुई थी। इसके बाद ही ये साफ हो गया था कि मच्छर ही जीका वायरस के फैलने की प्रमुख वजह हैं। इस बात को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं कि आखिर मच्छरों में जीका वायरस पहुंचा कैसे?
इसके साथ ही कानपुर में जीका वायरस के बढ़ते मामलों के बीच स्वास्थ्य विभाग ने जीका वायरस के बढ़ते मामले के बाद जांच किट मंगवाई है, जिनसे आज से जांच शुरू करने में मदद मिलेगी। बता दें कि पहले जांच के लिए सैंपलपुणे और लखनऊ भेजे जाते थे, जिसके कारण रिपोर्ट मिलने में काफी विलंब हो रहा था।
दिल्ली से पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम ने एयरफोर्स स्टेशन, लाल बंगला, हरजिंदर नगर, काजी खेड़ा, लालकुर्ती, जाजमऊ, काकोरी, शिव कटरा, आदर्श नगर, तिवारीपुर बगिया, पोखरपुर, जेके कालोनी, केडीए कालोनी, ओमपुरवा, गिरिजा नगर में हर घर से मच्छरों को पकड़ा है। इन मच्छरों को पकड़ कर उनकी सैंपलिंग करवाई जा रही है। हालांकि गनीमत ये रही कि सोमवार को एक भी नया मामला सामने नहीं आया है।