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Written By: IANS | Published : November 1, 2018 8:18 PM IST
त्यागराज स्टेडियम में बुधवार को तीन दिवसीय 'क्लाइमेट जंबूरी' का आगाज हुआ। इस सम्मेलन में देश-विदेश से 10,000 युवा, 100 से अधिक विशेषज्ञों और 50 से अधिक साझेदारों ने हिस्सा लिया। © Shutterstock
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री सुरेश प्रभु ने कहा कि जलवायु परिवर्तन की समस्या का समाधान करने के लिए युवाओं को एकजुट होकर काम करना होगा क्योंकि इससे दुनिया का हर व्यक्ति प्रभावित है। उन्होंने कहा कि बाढ़, सूखा, पेयजल संकट और प्राकृतिक आपदाएं जलवायु परिवर्तन के ही नतीजे हैं। यह भी पढ़ें - क्या हवा को भी फिल्टर कर सकता है चारकोल ?
प्रभु यहां टेरी स्कूल ऑफ अडवांस्ड स्टडीज और डालमिया सीमेंट की ओर से आयोजित क्लामेट जंबूरी सम्मेलन में बोल रहे थे। त्यागराज स्टेडियम में बुधवार को तीन दिवसीय 'क्लाइमेट जंबूरी' का आगाज हुआ। इस सम्मेलन में देश-विदेश से 10,000 युवा, 100 से अधिक विशेषज्ञों और 50 से अधिक साझेदारों ने हिस्सा लिया। ये पटाखा फैलाता है सबसे ज्यादा प्रदूषण, न करें इस्तेमाल
उन्होंने कहा, "समृद्ध देशों की तरह हमारे पास इस समस्या से निपटने के लिए उपयुक्त संसाधन नहीं है। ऐसे में हम सभी को, खासतौर पर युवाओं को इस मुद्दे पर एकजुट होकर काम करना होगा तथा जलवायु परिवर्तन के प्रति जागरुकता लानी होगी।"
आयोजक ने बताया कि तीन दिवसीय कार्यक्रम युवाओं को हितधारकों से जोड़ेगा और जलवायु परिवर्तन एवं स्थायी विकास के लक्ष्यों के लिए उन्हें सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यह सम्मेलन युवाओं को अपनी आवाज उठाने के लिए प्रेरित करेगा ताकि वे पर्यावरण में कार्बन फुटप्रिंट कम करने के लिए आधुनिक एवं स्थायी समाधान प्रस्तुत कर सकें । इस मौके पर दिसंबर 2018 में पोलैंड में होने वाले सीओपी-24 के लिए समग्र दस्तावेज का ऐलान भी किया जाएगा।
कार्यक्रम में डालमिया ग्रुप के प्रबंध निदेशक पुनीत डालमिया ने कहा, "जलवायु परिवर्तन की समस्या का समाधान तलाशना वक्त की मांग है। हम सभी इस बदलाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं और हमें इसमें योगदान देना चाहिए। भारत में हम प्रकृति को मां का दर्जा देते हैं, ऐसे में इसे सुरक्षित रखना हमारी जिम्मेदारी है।"