
रश्मि उपाध्याय
रश्मि उपाध्याय साल 2014 से मीडिया क्षेत्र से जुड़ी हैं और TheHealthSite.Com में बतौर एडिटर काम कर रही हैं। इन्हें ... Read More
Written By: Rashmi Upadhyay | Published : April 27, 2021 12:29 PM IST
सरकार की ओर से इस आदेश को लिखित रूप से सभी ज़िलाधिकारियों (DMs) और मंडलयुक्तों को दे दिया गया है।
देश में कोरोनावायरस के मामले जितनी तेजी से बढ़ रहे हैं उससे योगी का राज्य उत्तर प्रदेश भी अछूता नहीं है। यूपी में रोजना हजारों की संख्या में लोग कोरोना संक्रमित हो रहे हैं और बड़ी संख्या में लोगों की कोविड के चलते मौत भी हो रही है। यूपी में पिछले कुछ घंटों में ही कोरोना के 33,574 मामले दर्ज हुए हैं। ऐसे में अब राज्य में एक्टिव मामलों की संख्या 3 लाखके पार हो चुकी है। राज्य में कोरोना की स्थिति को बिगड़ता देख मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ा फैसला लिया है। सोमवार को सीएम योगी आदित्यनाथ ने आदेश जारी कर कहा कि यदि राज्य के किसी भी संस्थान में काम करने वाला कोई भी प्राइवेट कर्मचारी अगर कोरोना संक्रमित होता है तो उसे भी एक सरकारी कर्मचारी की तरह 28 दिनों के वेतन के साथ छुट्टियां दी जाएंगी। हालांकि इसके लिए कर्मचारी को चिकित्सा प्रमाण पत्र देना अनिवार्य होगा।
सरकार की ओर से इस आदेश को लिखित रूप से सभी ज़िलाधिकारियों (DMs) और मंडलयुक्तों को दे दिया गया है। आदेश में यह भी कहा गया है कि सरकार द्वारा अस्थाई रूप से बन्द कराये गये प्रतिष्ठानों के कर्मचारियों को भी मजदूरी सहित अवकाश देना अनिवार्य है। यानि कि कोरोना के चलते सरकार ने कुछ दुकानें, फैक्ट्रियों और संस्थानों को अस्थाई रूप से बंद कराया है। ऐसे में यदि यहां काम करने वाला कोई कर्मचारी कोरोना संक्रमित होता है तो उन्हें भी मजदूरी सहित अवकाश दिया जाएगा। इस दौरान लॉकडाउन में भी सरकार के बंद कराए गए सभी प्रतिष्ठानों के कर्मचारियों को भी इस अवधि में मजदूरी सहित अवकाश देना अनिवार्य होगा। सिर्फ यही नहीं योगी आदित्यनाथ ने आदेश में यह भी कहा है कि अगर भविष्य में राज्य में 28 दिनों का लॉकडाउन लगता है तब भी प्राइवेट कर्मचारियों को सैलरी के साथ छुट्टियां देने का आदेश दिया है। यूपी सरकार ने प्राइवेट कर्मचारियों के लॉकडाउन में सैलरी देने का आदेश 20 मार्च 2021 को जारी किया है।
सरकारी नियम के मुताबिक अगर किसी सरकारी संस्थान में काम करने वाले कर्मचारी को कोविड होता है तो उसे 28 दिनों की सैलरी के साथ छुट्टियां दी जाती हैं। जबकि प्राइवेट संस्थानों के लिए ऐसा कोई नियम नहीं है। गरीबों और मिडिल क्लास फैमिली की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ये आदेश जारी किया है।