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Written By: Atul Modi | Published : June 27, 2021 5:26 PM IST
Image credits by: कोरोना से बचाव के लिए क्या कर रही है योगी सरकार?
कोरोना वायरस के नए वेरिएंट डेल्टा प्लस (Delta Plus Variant in India) का खतरा देश के अलग-अलग राज्यों में दिखाई देने लगा है. अब तक महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और तमिलनाडु समेत कई राज्यों में डेल्टा प्लस के मामले सामने आ चुके हैं. कुछ लोगों की मौत भी हो चुकी है. इस खतरे को देखते हुए उत्तर प्रदेश की सरकार भी अलर्ट हो गई है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने डेल्टा प्लस वेरिएंट का अध्ययन करने के लिए जिनोम सीक्वेंसी (Genome Sequence of Covid-19) की सुविधा बढ़ाने पर जोर दिया है.
सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने निर्देश दिया है कि, लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) और राम मनोहर लोहिया संस्थान की तर्ज पर वाराणसी और नोएडा के मेडिकल इंस्टीट्यूशंस में टेस्टिंग सुविधाओं को बढ़ाया जाए, साथ ही उन्होंने यह भी कहा है कि अगर जरूरत पड़ी तो निजी क्षेत्रों से भी सहयोग लिया जाएगा.
उत्तर प्रदेश सरकार के मुताबिक डेल्टा वेरिएंट के अध्ययन के लिए 100 नमूनों की जीनोम सीक्वेंसिंग शुरू कर दी गई है इन नमूनों के परिणाम डेल्टा प्लस वेरिएंट के खतरों का मुकाबला करने में मदद करेंगे।
राज्य सरकार ने संभावित तीसरी लहर को देखते हुए जल्द से जल्द सभी जरूरी प्रयास करने के आदेश दिए हैं.
योगी सरकार ने बीआईपीएपी मशीन, बाल चिकित्सा आईसीयू, मोबाइल एक्स-रे मशीन सहित सभी आवश्यक उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित की है. जल्दी आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए उनकी निर्माण कंपनियों के साथ सीधा संवाद किया जा रहा है.
विशेषज्ञों की भविष्यवाणी के अनुसार बहुत ज्यादा जोखिम वाले बच्चों की सुरक्षा के लिए, उत्तर प्रदेश सरकार ने नए घातक संस्करण का पता लगाने के लिए सभी बस अड्डों, रेलवे स्टेशनों और हवाई अड्डों पर सैंपल एकत्र किये जा रहे हैं।
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