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Written By: Mousumi Dutta | Updated : February 3, 2016 11:30 AM IST
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कई दशकों से कैंसर पूरे विश्व को अपने चपेट में लेता जा रहा है। अगर कैंसर के बीमारी का पता प्राथमिक अवस्था में चल जाता है तो इसका इलाज कारगर साबित होता है और रोगी पूरी तरह से स्वस्थ हो पाते हैं मगर अंतिम अवस्था में पता चलने पर इलाज के नए तकनीकों को अपनाने के बावजुद स्वस्थ होने की संभावना कम ही रहती है।
योग एक ऐसा साधन है जिसके द्वारा कैंसर के तकलीफ को कम किया जा सकता है और स्वस्थ होने की संभावना को कुछ हद तक बढ़ाया जा सकता है। कैंसर के रोगी दवा लेने के साथ-साथ योग से इस रोग को खतरे को कम करने की कोशिश कर सकते हैं। इन सात योगासनों के नियमित अभ्यास से आप कैंसर के कष्ट और संभावना को कुछ हद तक तो कम कर ही सकते हैं। और अगर आप पूरे आत्मविश्वास से योगासन करेंगे तो ठीक होने की संभावना बढ़ जाती है।
ये सात योगासन कैंसर से लड़ने में करते हैं मदद-
भ्रस्तिका प्राणायाम-इस प्राणायाम से आप योग अभ्यास की शुरूआत कर सकते हैं। एक बात का ध्यान यह रखें कि कोई भी आसन करते वक्त जल्दबाजी न करें और धीरे-धीरे इसके समय को बढ़ाये।
सुखासन प्राणायाम- इस प्राणायाम को आप आराम से कर सकते हैं या कुर्सी पर बैठकर भी कर सकते हैं।
कपालभाती प्राणायाम- यह नैचरल रेडिएशन का काम करता है।
अनुलोम-विलोम प्राणायाम- यह शरीर के प्रतिरोधक क्षमता (immunity) को बढ़ाने के साथ-साथ भीतरी शक्ति को भी उन्नत करता है।
शीतली प्राणायाम- रेडिएशन के बाद शरीर के भीतरी ज्वलन को कम करने में मदद करता है।
सीत्करी प्राणायाम- इस प्राणायाम से शरीर की गर्मी कम होती है।
उज्जायी प्राणायाम- गले के कैंसर से राहत दिलाने में मदद करता है।
ये सारे योगासन शरीर के प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाकर कैंसर से लड़कर निरोग होने में सहायता करते हैं मगर इनको करने के पहले डॉक्टर से सलाह ज़रूर ले लें।
चित्र स्रोत: Getty images
विडियो स्रोत: babaramdev/youtube.com
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