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इंटरनेट पर पढ़कर दवा खाना पड़ गया भारी, लड़की को हुआ किडनी में इंफेक्शन,अस्पताल में होना पड़ा भर्ती

इंटरनेट पर पढ़कर दवा खाना पड़ गया भारी, लड़की को हुआ किडनी में इंफेक्शन,अस्पताल में होना पड़ा भर्ती

डॉक्टरों ने बताया कि ऑनलाइन उपलब्ध जानकारियों की मदद से इलाज करने का दुष्परिणाम क्या हो सकता है उसका एक बड़ा उदहारण यह केस है।

Written by Sadhna Tiwari |Updated : December 1, 2023 8:56 PM IST

Antibiotic resistance: इंटरनेट पर पढ़कर दवाइयां खाने की आदत से सिकंदराबाद में एक व्यक्ति भारी नुकसान उठाना पड़ा। इस व्यक्ति ने इंटरनेट की मदद से अपनी बेटी की बीमारी का इलाज करने की कोशिश की लेकिन, उसकी किडनी में बहुत ही गम्भीर इंफेक्शन हो गया। एजेंसी रिपोर्ट्स के अनुसार लड़की का इलाज कर रहे डॉक्टरों ने बताया कि ऑनलाइन उपलब्ध जानकारियों की मदद से इलाज करने का दुष्परिणाम क्या हो सकता है उसका एक बड़ा उदहारण यह केस है।

मिली जानकारी के अनुसार, इस व्यक्ति ने इंटरनेट पर पढ़कर अपनी बेटी को एंटीबायोटिक दवाएं दीं और उसका इलाज करने की कोशिश की। यह केस जिम्मेदार स्वास्थ्य देखभाल प्रथाओं का पालन करने की आवश्यकता को रेखांकित करता है। बीमार लड़की का इलाज एशियन इंस्टीट्यूट ऑफ नेफ्रोलॉजी एंड यूरोलॉजी (एआईएनयू) सिकंदराबाद में किया गया।

एंटीबायोटिक्स के आधे-अधूरे कोर्स की वजह से हुआ संक्रमण

AINU के कंसल्टेंट यूरोलॉजिस्ट डॉ. राघवेंद्र कुलकर्णी ने बताया कि, अधूरे एंटीबायोटिक कोर्स के कारण लड़की को संक्रमण हुआ और किडनी में मैट्रिक्स नामक पत्थर जैसा कुछ बनने लगा।

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किडनी स्टोन की समस्या से जूझ रही इस महिला को पहले इलाज के लिए दूसरे अस्पताल ले जाया गया था जहां पथरी निकाल पाने में दिक्कतें आयीं। फिर मरीज को एआईएनयू ले जाया गया जहां एक सीटी स्कैन में 10-13 मिमी आकार के कई स्टोन्स का पता चला। डॉक्टरों के अनुसार इनमें केवल 2 स्टोन्स थे और बाकी सारी गांठें मैट्रिक्स में बदल गयीं थी।

मिली जानकारी के अनुसार, डेढ़ साल पहले इस लड़की का किडनी स्टोन का ऑपरेशन हुआ था, लेकिन कुछ समस्याएं पूरी तरह से ठीक नहीं हो पायीं। जिसकी वजह से महिला को बार-बार कुछ परेशानियां हो रहीं थीं। डॉक्टर से सलाह लेने की बजाय अपने पिता की सलाह मानी जिन्होंने इंटरनेट की मदद से प्राप्त जानकारी के आधार पर एंटीबायोटिक्स देना शुरू कर दिया। कुछ समय बाद एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस होने लगा और बैक्टेरिया प्रोटीन किडनी में जमा होने लगा जो मैट्रिक्स में बदल गया।