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Written By: Yogita Yadav | Updated : May 2, 2019 6:03 PM IST
आज वर्ल्ड टूना डे है। अन्य मछलियों से ज्यादा पोषक तत्वों से भरी यह मछली न सिर्फ स्वादिष्ट है बल्कि पर्यावरण के संरक्षण के लिए भी जरूरी है। डॉल्फिन को बचाने की कोशिश में भी टूना की भूमिका अहम है। आज टूना के जन्मदिन पर जानें कि कैसी है टूना की रंग-बिरंगी दुनिया। ©chickenofthesea
टूना स्कॉमब्रिडे प्रजाति की खारे पानी की मछली है। इनमें से अधिकांश थुन्नुस वर्ग से संबंधित हैं। टूना तेज़ तैराक हैं और इसकी कुछ प्रजातियां 70 किमी/घंटा (43 मील/घंटा) की गति से तैरने में सक्षम हैं। सफ़ेद मांस वाली अधिकांश मछलियों के विपरीत, टूना की मांसपेशियों के उत्तकों का रंग गुलाबी से ले कर गहरा लाल तक होता है। यह लाल रंग एक ऑक्सीजन बाध्यकारी अणु मायोग्लोबिन के कारण होता है, जिसकी मात्रा अन्य मछलियों की तुलना में टूना में अधिक पाई जाती है।
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बदल सकती हैं तापमान
कुछ बड़ी टूना प्रजातियां, जैसे कि ब्लूफिन टूना गर्म खून वाली होती हैं और मांसपेशियों को हिला कर अपने शरीर का तापमान पानी के तापमान से अधिक बढ़ा सकती हैं। यह उन्हें अपेक्षाकृत ठन्डे पानी में जीवित रहने और अन्य किस्मों की मछलियों की अपेक्षा समुद्र के विविधतापूर्ण वातावरण में रहने के लिए सक्षम बनाता है। ठेठ एंडोथर्मिक प्राणियों जैसे स्तनधारियों एवं पक्षियों की तरह, टूना अपेक्षाकृत अत्यंत कम सीमा के भीतर तापमान को नहीं बनाए रखती। टूना सामान्य चयापचय से उत्पन्न गर्मी को संरक्षित कर शारीरिक ऊष्मा को प्राप्त करती है।
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व्हेल के शिकार के साथ संबंध
2005 में, नाउरू ने उस वर्ष की इंटरनेशनल व्हेलिंग कमीशन की बैठक में अपने वोट के बचाव में यह तर्क दिया कि टूना के भंडार तथा देश के मत्स्य पालन के बेड़े को संरक्षित रखने के लिए व्यवसायिक तौर पर व्हेल का शिकार आवश्यक है।
डॉल्फिन और टूना की दोस्ती
डॉल्फिन टूना की कई प्रजातियों के आस पास तैरती हैं। इनमें पूर्वी प्रशांत महासागर में पाई जाने वाली येल्लोफिन टूना शामिल है, किन्तु एल्बाकोर शामिल नहीं है। ऐसा माना जाता है कि शार्क, जो टूना का शिकार करती हैं, के झुंडों से बचने के लिए टूना के झुण्ड खुद को डॉल्फिन मछलियों के बीच मिला लेते हैं। व्यवसायिक मछली पकड़ने की नौकाएं डॉल्फिन के झुंडों की तलाश कर के इस गठजोड़ का फायदा उठाती थीं। नौकाएं नीचे से टूना को पकड़ने के लिए झुण्ड को जालों की सहायता से घेर लेती थीं। हालांकि ये जाल डॉल्फिन मछलियों को भी फंसा कर घायल कर देते थे अथवा मार डालते थे।
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शामिल हुई सी फूड लिस्ट में
2010 में, ग्रीनपीस इंटरनेशनल ने एल्बाकोर, बिगआई टूना, ब्लैकफिन टूना, पैसिफिक ब्लूफिन टूना, उत्तरी ब्लूफिन टूना, दक्षिणी ब्लूफिन टूना और येल्लोफिन टूना को अपनी सीफूड रेड लिस्ट में डाला। "ग्रीनपीस इंटरनेशनल सीफ़ूड रेड लिस्ट उन मछलियों की सूची है जिन्हें आम तौर पर दुनिया भर में सुपरमार्केट में बेचा जाता है और जिन्हें अवैध मत्स्य व्यापार द्वारा प्राप्त करने का अत्यधिक जोखिम होता है।
पोषण और स्वास्थ्य
डिब्बाबंद टूना कई भार उठाने वाले प्रशिक्षकों के आहार का एक प्रमुख घटक है, चूंकि इसमें अत्यधिक प्रोटीन होता है तथा इसे आसानी से तैयार किया जा सकता है।
टूना एक तैलीय मछली है और इसलिए इसमें उच्च मात्रा में विटामिन डी होता है। अमेरिकी आहार के सन्दर्भ में एक तेलयुक्त टूना के एक डिब्बे में शिशुओं, बच्चों, 19-50 वर्ष के पुरुषों तथा महिलाओं के लिए विटामिन डी की पर्याप्त मात्रा (एआई/AI) - 200 आईयू (IU) होती है।
डिब्बाबंद टूना ओमेगा-3 फैटी एसिड का भी एक अच्छा स्रोत हो सकती हैं। यह कभी कभी एक आहार में 300 मिलीग्राम (0.011 औंस) से अधिक होता है।