ऑस्टियोपोरोसिस से महिलाओं को होता है ज्यादा खतरा, जानें बचाव के 5 आसान उपाय

ज्यादातर महिलाओं को ऑस्टियोपोरोसिस की समस्या मेनोपॉज के बाद ही होती है। आंकड़ों की माने तो विश्वभर में 3 में से एक महिला की 50 के बाद हड्डियों के टूटने का खतरा बढ़ जाता है।

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Written By: akhilesh dwivedi | Published : October 20, 2018 5:09 PM IST

विश्व ऑस्टियोपोरोसिस दिवस पर इस बात की जानकारी रखना बेहत जरूरी है कि यह महिलाओं के लिए ज्यादा खतरनाक क्यों है ? इसका सबसे मुख्य कारण जो एक्सपर्ट्स मानते हैं वह यह है कि महिलाओं में कैल्शियम की अत्यधिक कमी होने की संभावना ज्यादा होती है। महिलाओं में मेनोपॉज के बाद कैल्शियम की संभावना और भी बढ़ जाती है। ज्यादातर महिलाओं को ऑस्टियोपोरोसिस की समस्या मेनोपॉज के बाद ही होती है। आंकड़ों की माने तो विश्वभर में 3 में से एक महिला की 50 के बाद हड्डियों के टूटने का खतरा बढ़ जाता है। ज्यादातर 50 के बाद महिलाओं की हड्डी टूटने का कारण ऑस्टियोपोरोसिस ही होता है।

ऑस्टियोपोरोसिस की समस्या से बचने के लिए महिलाओं को ज्यादा सतर्कता की जरूरत होती है। हम यहां पर महिलाओं को ऑस्टियोपोरोसिस की समस्या से बचने के लिए कुछ खास उपाय बता रहे हैं। ये 5 खास उपाय महिलाओं को ऑस्टियोपोरोसस की समस्या से दूर रख सकते हैं।

एक्सरसाइजः एक्सरसाइज बेहतर हेल्थ के लिए जरूरी है, महिलाओं को रोजाना कम से कम 30 से 40 मिनट की एक्सरसाइज जरूर करनी चाहिए। हफ्ते में 3 से 4 दिन एक्सरसाइज करने वाली महिलाओं में ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा कम हो जाता है। ये भी पढ़ेंः 4 एक्सरसाइज जो फेफड़ों को करती हैं मजबूत। 

विटामिन डी और कैल्शियमः विटामिन डी और कैल्शियम की कमी से हड्डियां कमजोरो होती हैं। खान-पान में विटामिन डी और कैल्शियम पदार्थों का सेवन करें। सुबह की धूप से शरीर में विटामिन डी बनता है। सुबह के समय से दिन के 8 बजे तक की धूप ज्यादा कारगर मानी जाती है। अगर विटामिन डी का स्तर बहुत कम होत गया है तो इसका सप्लीमेंट भी ले सकते हैं, सप्लीमेंट लेने से पहले डॉक्टर की सलाह अवश्य ले लें। ये भी पढ़ेंः विटामिन डी की कमी है तो डायट में शामिल करें ये 5 चीज़ें। 

नशे की लतः स्मोकिंग और एल्कोहल के सेवन से हड्डियां कमजोर होती हैं। इनका सेवन जल्द बंद कर देना चाहिए। तम्बाकू उत्पादों के सेवन से शरीर में कैल्शियम का एब्जार्बेशन प्रभावित होता है। जिन महीलाओं का वजन कम होता है उनको ऑस्टियोपोरोसिस होने की संभावना ज्यादा होता है।

खतरे से रहे सावधानः वैसे तो ये रोग मुख्यत: मेनोपॉज के वक्त ही शुरु होता है लेकिन इसके अलावा भी कई और कारण हो सकते हैं। जैसे आर्थराइटिस की दवा का साइड इफेक्ट, या माल एब्जार्बशन डिसॉडर। यही नहीं जेनेटिक डिसॉडर भी यहां रिसपॉसेबल होता है। इसलिए अगर फैमली में ऑस्टियोपोरोसिस की हिस्ट्री हो तो आप समय रहते सतर्क हो जाएं।

बोन डेंसेटी चेक करा लेंः हड्डियों के कमजोर होने की शुरुआत सामान्यतया 30 से 40 की उम्र में शुरू होत जाती है। 40 के बाद महिलाओं को अपनी बोन डेंसेटी जरूर चेक करवा लेना चाहिए। ये भी पढ़ेंः दिल्ली वासियों की हड्डियां हो रही हैं कमजोर, जानें कारण।

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