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कोरोना के दैनिक मामलों में कमी देखने के बाद ऐसा लग रहा है कि कोरोना धीरे-धीरे सिमट रहा है। इसी बीच विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organization) ने एक नया आंकड़ा जारी किया है। दरअसल, डबल्यूएचओ ने बुधवार को दुनियाभर में कोरोना से होने वाली मौतों (Deaths Due to Covid) आंकड़ा जारी किया है। रिपोर्ट के मुताबिक 21 से 27 मार्च के बीच कोरोना से हुई मौतों के आंकड़ों में 43 प्रतिशत बढ़ोत्तरी देखी गई। हालांकि, भारत में इसके पीछे एक वजह यह भी हो सकती है कि देश में दर्ज हुए आंकड़ों में पुरानी मौतों को अब जोड़ा गया है। उदाहरण के तौर पर केरल में पिछले 24 घंटों में दर्ज हुई पुरानी मौतों का आंकड़ा जोड़ा गया है, जो मौतों के आंकड़े बढ़ने का कारण हो सकता है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक 21 मार्च से 27 मार्च के बीच कोरोना के मामलों में 14 प्रतिशत तक कमी आई है। संयुक्त राष्ट्र स्वास्थ्य एजेंसी ने अपनी रिपोर्ट में कोरोना महामारी को लेकर कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन के पश्चिमी प्रशांत क्षेत्र जहां दिसम्बर में मामले बढ़ रहे थे समेत हर जगह पर कोरोना के मामलों में कमी देखी जा रही है।
भारत समेत दुनियाभर में जहां कोरोना वायरस संक्रमण का ग्राफ नीचे गिर रहा है, वहीं कुछ देशों में यह संक्रमण फिर से पैर पसार रहा है। ताजा जानकारियों के अनुसार चीन और साउथ कोरिया समेत कई देशों में कोरोना महामारी फिर से फैलने लगी है। यहां तक कि चीन के बड़े शहर शंघाई में लॉकडाउन लगा दिया गया है।
चीन समेत कई देशों में लगातार बढ़ रहे कोरोना संक्रमण को देखते हुए और कोरोना के नए वेरिएंट्स की फैलने की क्षमता का अंदाजा लगाते हुए कुछ एक्सपर्ट्स चौथी लहर आने की आशंका जता रहे हैं। वहीं कुछ एक्सपर्ट्स का यह भी मानना है कि भारत में कोरोना का नया वेरिएंट BA. 2 ज्यादा प्रभावी नहीं हो पाएगा।
भारत कोरोना की चौथी लहर आएगी या नहीं और नए वेरिएंट्स का स्वास्थ्य पर कितना असर होगा इस बारे में अभी कोई पुष्टि नहीं की जा सकती है और एक्सपर्ट्स द्वारा बताए जा रहे सभी आंकड़े अध्ययनों पर ही आधारित हैं। इसलिए सरकार के निर्देशों के अनुसार कोरोना संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए सभी एहतियात बरतने की सलाह दी जाती है।