
साधना तिवारी
साधना तिवारी 15 वर्षों से मीडिया क्षेत्र में हैं। लगभग 9 वर्षों से अधिक समय से ZEE ग्रुप के साथ जुड़ी हुई ... Read More
Written By: Sadhna Tiwari | Updated : May 2, 2022 10:19 AM IST
World Asthma Day 2022:अस्थमा या दमा सबसे आम बीमारियों में गिनी जाती है क्योंकि, दुनियाभर में अस्थमा के मरीजों की संख्या काफी अधिक है। अस्थमा के मरीजों में इसके लक्षण के तौर पर घरघराहट, सांस लेने में तकलीफ, सीने में जकड़न और खांसी जैसी समस्याएं होती हैं। विश्व भर के एक्सपर्ट्स का यह एकमत है कि अस्थमा चार सबसे जिद्दी बीमारियों में से एक है और यह मृत्यु के 10 प्रमुख कारणों में भी शामिल है।
आंकड़ों के अनुसार, बीते कुछ समय में अस्थमा के मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। कुछ समय पहले तक विकासशील देशों में अस्थमा के पीड़ितों की संख्या और अस्थमा अटैक्स की दर ऊंची नहीं थी, लेकिन पर्यावरण, आर्थिक और मानवीय कारकों में परिवर्तन की वजह से हाल के वर्षों में दमे के मरीजों की संख्या बढ़ रही है।
अनुमान है कि दुनिया में हर 20 लोगों में से एक अस्थमा से ग्रस्त है। दुनिया में अस्थमा से पीड़ित लोगों की संख्या 30 करोड़ से अधिक है, जिसमें चीनी मरीजों की संख्या लगभग 3 करोड़ है। अस्थमा की जानकारी का कम होना और समय पर इलाज नहीं करवाना अस्थमा होने का मुख्य कारण है।
अस्थमा लोगों के स्वास्थ्य पर बड़ा नुकसान पहुंचाता है। अस्थमा होने के बाद लोगों के लिए रोजमर्रा के काम करने की क्षमता कमजोर होने लगती है और उनकी लाइफ क्वालिटी भी खराब हो सकती है। इसलिए अस्थमा की रोकथाम आवश्यक है। लोगों में अस्थमा की जानकारी बढ़ाने और रोकथाम मजबूत करने के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन(World Health Organization) ने हर मई के पहले मंगलवार को विश्व अस्थमा दिन (World Asthma Day) तय किया।
कोविड-19 महामारी आने के बाद अस्थमा के मरीज भी इससे प्रभावित हुए। एक्सपर्ट्स के अनुसार, चूंकि कोरोना वायरस फेफड़े को बहुत अधिक नुकसान पहुंचाता है, इसलिए अस्थमा मरीजों को अपने स्वास्थ्य पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए। मरीजों को नियमित समय पर अपनी दवाइयां लेनी चाहिए और सांस लेने से जुड़ी कोई भी समस्या दिखने पर तुरंत अस्पताल जाना चाहिए। इसके अलावा जानकारों के अनुसार, अस्थमा की रोकथाम के लिए सामाजिक स्तर पर भी लोगों को भागीदारी लेनी चाहिए। डॉक्टरों को मानकीकृत उपचार करना चाहिए और मरीजों को सही इलाज और उचित दवा लेनी चाहिए, ताकि अस्थमा पर नियंत्रण हो सके।
(आईएएनएस)