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कोविड-19 वैक्सीन की दूसरी डोज लेने के बाद महिला की मौत, वैक्सीन लेने से पहले 'हेल्दी' थी महिला
कोविड वैक्सीनेशन अभियान को लेकर केंद्र सरकार सफलता के कसीदे पढ़ रही है लेकिन वैक्सीन लेने के बाद होने वाले साइड-इफेक्ट और मौत का सिलसिला अभी भी जारी है। भले ही वैक्सीन लेने के बाद ऐसे मामलों की संख्या कम क्यों न हो लेकिन इसी तरह के मामलों से लोगों के मन में संशय की स्थिति पनप रही है। ताजा मामला बिहार के औरंगाबाद जिले का है, जहां कोविड-19 वैक्सीन की दूसरी डोज लेने के बाद एक महिला की मौत हो गई। स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।
रिपोर्ट के मुताबिक, मामला औरंगाबाद का है, जहां मृतक रिंकू देव ने सदर अस्पताल में जाकर कोविड वैक्सीन की दूसरी डोज ली थी। डोज लेने के बाद महिला भदुआ गांव अपने घर लौट रही थी, तभी अचानक वह सड़क पर गिर पड़ी। उस वक्त महिला के साथ उसका पति भी था। महिला के सड़क पर गिरने के बाद उसके पति जितेंद्र सिंह उन्हें सदर अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
महिला की मौत से नाराज परिजनों ने बड़ी संख्या में सदर अस्पताल पहुंचकर हंगामा किया और कथित रूप से अस्पताल की कुछ संपत्ति को नुकसान पहुंचाया। इसके अलावा परिजनों ने अस्पताल के ही दो डॉक्टरों - विकास कुमार, डिप्टी सीएमओ सहित चिकित्सा कर्मचारियों के साथ मारपीट भी की।
हालात बिगड़ते देख दोनों ही डॉक्टर अस्पताल से भाग निकले। अस्पताल में हुए इस हंगामे के बाद 100 से अधिक पुलिसकर्मी अस्पताल पहुंचें और भीड़ को तितर-बितर किया। भीड़ को खदेड़ने के बाद अस्पताल में स्थिति सामान्य हुई।
मृतक महिला के पति जितेंद्र कुमार का कहना है कि मेरी पत्नी सदर अस्पताल का दौरा करते समय स्वस्थ थी। वह हमारी बेटी की शादी के लिए बस कुछ ही दिनों में कोविड वैक्सीन की दूसरी खुराक लेना चाहती थी। उन्होंने कहा कि मुझे यकीन है कि अस्पताल के डॉक्टरों ने उसे गलत इंजेक्शन दिया था, जिसके कारण उसकी मौत हो गई। कथित डॉक्टरों और नर्सों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया जाना चाहिए।
खुदवा पुलिस स्टेशन के एक अधिकारी का कहना है कि हमें हिंसक भीड़ द्वारा पीटे गए मेडिकल स्टाफ से शिकायत मिली थी, जिसके बाद हम उनकी मौत के वास्तविक कारण का पता लगाने के लिए पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का भी इंतजार कर रहे हैं। रिपोर्ट के बाद कानूनी कार्रवाई शुरू की जाएगी।
(सोर्स--आईएएनएस)