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Written By: Pallavi Kumari | Published : August 5, 2022 11:17 AM IST
दुनिया के लगभग 80 देशों में मंकीपॉक्स वायरस फैल चुका है। स्थिति ये है कि बस 10 देशों में कुल मामलों के 80 प्रतिशत मामले हैं। पर सबसे ज्यादा मामले अमेरिका (Highest number of Monkeypox cases in US) में हैं। यहां अकेले 5,175 मंकीपॉक्स के मामले हैं। साथ ही यहां ये वायरस तेजी से फैल रहा है, जिसे देखते हए जो बाइडेन सरकार ने हेल्थ इमरजेंसी (U.S. Declares a Health Emergency) का ऐलान किया है। इसक सूचना स्वास्थ्य और मानव सेवा सचिव जेवियर बेसेरा ने गुरुवार को एक ब्रीफिंग में दी।
बता दें कि जो बाइडेन सरकार ने तेजी से बढ़ते मंकीपॉक्सको देखते हुए तमाम स्वास्थ्य एजेंसियों को अलर्ट रहने को कहा है। सरकार का कहना है कि यह सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल हमें प्रभावित समुदायों तक अधिक तेजी से टीके और उपचार प्राप्त करने के लिए अतिरिक्त रणनीतियों का पता लगाने में मदद करेगा। यह हमें अधिकार क्षेत्र से अधिक डेटा प्राप्त करने की अनुमति देगा ताकि हम इस प्रकोप को प्रभावी ढंग से ट्रैक कर सकें। ताकि इस समस्या से बाहर आ सकें।
मंकीपॉक्स के टीके को अमेरिका में असंतोष का माहौल है। यह घोषणा ऐसे समय में भी आई है जब बाइडेन सरकार को मंकीपॉक्स के टीके की उपलब्धता को लेकर आलोचनाओं का सामना करना पड़ा है। न्यूयार्क और सान फ्रांसिस्को जैसे बड़े शहरों में क्लीनिकों का कहना है कि मांग को पूरा करने के लिए उन्हें सरकार की मदद चाहिए। दरअसल, अमेरिका में मंकीपॉक्स इतना तेजी फैला है कि लोग मंकीपॉक्स के टीकेको लेने के लिए परेशान हैं। इस वजह से कई जगहों पर कुछ लोगों को तो पहली खुराक देने के बाद दूसरी खुराक देना बंद करना पड़ रहा है।
बता दें कि पिछले एक दशक में, इस तरह की राष्ट्रव्यापी आपातकालीन घोषणाएं केवल COVID-19 महामारी, ओपिओइड संकट और 2017 में जीका वायरस के प्रकोप के लिए की गई हैं। अब मंकीपॉक्स को लेकर यह घोषणा की गई है।