सर्दी के मौसम में विटामिन ई का सेवन क्यों है जरूरी ? जानें कारण और विटामिन ई के मुख्य स्रोत

विटामिन ई एक ऐसा विटामिन है जो, हमारे संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए उपयोगी होता है। यह वसा में घुलनशील होता है, और एक अच्छे एंटीऑक्सीडेंट के रूप में भी कार्य करता है।

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Written By: akhilesh dwivedi | Updated : November 28, 2018 10:21 AM IST

आमतौर पर माना जाता है कि विटामिन ई हमारे बालों और त्वचा के लिए फायदेमंद है। इसलिए बाल झड़ने की समस्या या त्वचा को झुर्रियों से बचाने के लिए विटामिन ई के कैप्सूल्स और आहारों के सेवन की सलाह दी जाती है। मगर विटामिन ई से शरीर को अन्य कई फायदे भी मिलते हैं। विटामिन ई शरीर की कई क्रियाओं को बेहतर करता है। इसके साथ ही डायबिटीज और दिल की बीमारी से बचाव में भी विटामिन ई महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

रक्त कोशिकाओं के निर्माण में सहायता

विटामिन ई, शरीर में खून को बनाने वाली रेड ब्‍लड सेल्‍स यानि लाल रक्‍त कोशिकाओं का निर्माण करती हैं। अगर प्रेग्‍नेंसी के दौरान गर्भवती स्‍त्री विटामिन ई का सेवन नहीं करती है तो उसके बच्‍चे को एनीमिया यानि खून की कमी की शिकायत रहेगी।

एंटीऑक्सीडेंट की तरह होता है विटामिन ई

चाहे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत बनाए रखने की बात हो या शरीर को एलर्जी से बचाए रखने की या फिर कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित रखने में प्रमुख भूमिका निभाने की, विटामिन ई बहुत जरूरी होता है। विटामिन ई एक ऐसा विटामिन है जो, हमारे संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए उपयोगी होता है। यह वसा में घुलनशील होता है, और एक अच्छे एंटीऑक्सीडेंट के रूप में भी कार्य करता है। शरीर में विटामिन ई की कमी से कई बीमारियां हो सकती हैं।

डायबिटीज में फायदेमंद विटामिन ई

डायबिटीज में रोगियों को विटामिन-ई का सेवन करना चाहिए क्योंकि यह शरीर में इंसुलिन की उत्पादन क्षमता को बढ़ाता है। इंसुलिन रक्त से शुगर की मात्रा को दूर रखता है। इसके अलावा, डायबिटीज के रोगियों में हृदय रोग का खतरा होता है। एक रिसर्च के मुताबिक 40 प्रतिशत डायबिटीज के रोगियों को आम लोगों की तुलना में हृदय रोगों का दुगना या तीन गुना अधिक जोखिम होता है। इस जोखिम को कम करने का काम विटामिन-ई करता है। ऐसे लोगों को दिन में 400 आईयू विटामिन-ई लेना चाहिए। इससे उनका जोखिम 50 प्रतिशत तक कम हो जाता है।

विटामिन ई के फायदे 

  • शरीर के फैटी एसिड को संतुलन करने का काम विटामिन-ई का है।
  • गर्भावस्था में लेने पर विटामिन-ई प्रीमेच्योर या नवजात शिशु को एनीमिया जैसी ही कई बीमारियों से सुरक्षा प्रदान करता है
  • रक्त सेल्स के अस्तित्व को बनाए रखने के लिए सेल के बाहरी कवच यानी सेल मेमब्रेन को बनाए रखने का काम विटामिन-ई करता है।
  • त्वचा को मुलायम, खूबसूरत बनाने और झुर्रियां दूर करने में विटामिन-ई बहुत लाभकारी है।
  • शरीर में अनेक अंगों को सामान्य रूप में बनाये रखने में विटामिन-ई मदद करता है। जैसे- मांसपेशियां और अन्य टिश्यू
  • हार्मोनल संतुलन के लिए विटामिन-ई का महत्वपूर्ण योगदान है।
  • विटामिन-ई से संक्रमण रोगों के प्रति सुरक्षा मिलती है।

विटामिन ई के मुख्य स्रोत

अंडे, सूखे मेवे, बादाम और अखरोट, सूरजमुखी के बीज, हरी पत्तेदार सब्जियां, शकरकंद, सरसों, शलजम, एवोकेडो, ब्रोकली, कड लीवर ऑयल, आम, पपीता, कद्दू, पॉपकार्न से विटामिन-ई मिलता है। गेंहू, साग, चना, जौ, खजूर, चावल के मांढ, क्रीम, मक्‍खन, स्‍प्राउट और फल भी विटामिन-ई के समृद्ध स्रोत हैं।

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