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Written By: Pallavi Kumari | Updated : April 12, 2022 10:27 AM IST
महिलाओं में सिर दर्द (Headaches and Women) पुरुषों की तुलना में थोड़ा ज्यादा होता है। ये हम नहीं बल्कि हाल ही में आए शोध का कहना है। हाल ही में नॉर्वेजियन यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी द्वारा किए गए एक शोध की मानें तो, 6 प्रतिशत या 20 में से सिर्फ एक महिला को हर महीने कम से कम आधा सिरदर्द होता है। इतना ही नहीं ये शोध ये भी बताता है कि कैसे दुनिया भर में छह में से लगभग एक व्यक्ति को किसी भी दिन सिरदर्द होता है, जिनमें से लगभग आधे लोगों को माइग्रेन का अनुभव करते हैं। साथ ही शोध में बताया गया है कि ये सिर दर्द लोगों को क्यों होता है और समय के साथ ये क्यों बढ़ रहा है। तो, आइए जानते हैं इस शोध के बारे में विस्तार से।
नॉर्वेजियन यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी के शोध के पहले लेखक प्रोफेसर लार्स जैकब स्टोवनर की मानें तो, सिरदर्द वास्तव में लगातार होने वाली समस्या है। लेकिन चिंता की बात ये है कि ये समस्या लगातार बढती जा रही है और वैश्विक रूप ले रही है। शोध में पाया गया है कि 17 प्रतिशत महिला जिन्हें सिर दर्द होता है, उन्हें ये परेशानी माइग्रेन से पीड़ित होने के कारण होतीहै। तो वहीं माइग्रेन केवल 8.6 प्रतिशत पुरुषों को प्रभावित करता है। महिलाओं मे माइग्रेन लगभग तीन दिनों तक रह सकती हैं और उल्टी, प्रकाश और शोर के प्रति संवेदनशीलता पैदा कर सकती है।
द जर्नल ऑफ हेडेक एंड पेन में प्रकाशित इस समीक्षा में पाया गया कि उच्च आय वाले देशों के लोगों में सिरदर्द ज्यादा होता है। तो वहीं, कम आय वाले देशों में रहने वाले लोगों में ये समस्या कम देखी जाती है। दरअसल, इसके पीछे एक बड़ा कारण उनकी लाइफस्टाइल और डाइट है जो बदलते समय के साथ दिन पर दिन खराब होती जा रही है। हालाकिं, महिलाओं में सिर दर्द के पीछे कुछ दूसरे कारण भी हैं।
महिलाओं में सिर दर्द ज्यादा होने के पीछे एक बड़ा कारण है उनकी हार्मोनल हेल्थ। दरअसल, हार्मोनल हेल्थ से जुड़ी गड़बड़ियों के कारण महिलाओं को ज्यादा सिर दर्द होता है। इसके अलावा मेनोपॉज भी सिर दर्द का एक बड़ा कारण है। वहीं, विस्तार से देखें तो महिलाओं और पुरुषों में सिर दर्द के पीछे सबसे बड़ा कारण है तनाव।
तनाव मानसिक सेहत के साथ शारीरिक स्वास्थ्य को भी नुकसान पहुंचाता है और दूसरी बीमारियों के खतरों को बढ़ावा देता है। पर सिर दर्द को लेकर ध्यान देने वाली बात ये है कि बिना सोचे समझे पेनकिलर्स के इस्तेमाल से बचें जो कि, आमतौर पर सिर दर्द में लिया जाता है। इससे हार्मोनल गड़बड़ियां बढ़ सकती है और शरीर में दूसरी समस्याएं पैदा हो सकती हैं।