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क्यों teenagers कर रहें है आत्महत्या?

किशोरों को आत्महत्या करने के विचार से कैसे बचायेंगे?

आजकल की दिखावट भरी लाइफस्टाइल के कारण किशोरवर्ग बहुत जल्दी मेंटल स्ट्रेस के कब्जे में आ जाते हैं। आज का बच्चा इस परेशानी से लड़ने के बजाय सुसाइड या आत्महत्या करना बेहतर समझता है। क्योंकि उनके पास अपने दिल की बात कहने और सुनाने के लोगों की कमी होती है। डिप्रेस्ड अवस्था में सबसे ज्यादा जरूरी होता है एक हमदर्द की जो दिल का हाल सुने और समझे। चाहे वह हमदर्द माता-पिता हो या कोई दोस्त।

जीवन की चुनौतियों का सामना कर रहे किसी उदास या संघर्ष कर रहे व्यक्ति को अगर आप जानते हैं तो चीजें बदतर होने के डर से आप उसमें दखल देने से हिचकिचाएं नहीं। आपका सिर्फ उस व्यक्ति को हमदर्दी के साथ सुनना उसके जीवन को बचा सकता है। नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो के अनुसार, देश में हर साल एक लाख से ज्यादा लोग आत्महत्या करते हैं। जानिये आत्महत्या का ख्याल आने पर क्या करना चाहिए?

जार्ज इंस्टीट्यूट फॉर ग्लोबल हेल्थ इंडिया, नई दिल्ली के उप निदेशक पल्लब मौलिक ने कहा, "व्यक्ति के साथ घुलना-मिलना या उसे समझना महत्वपूर्ण है न कि उसके प्रति सहानुभूति जताना। उदास अवस्था के लोगों को सिर्फ सुनने की जरूरत है।" जॉर्ज इंस्टीट्यूट स्वास्थ आदतों व नीतियों में बदलाव पर शोध करता है। आखिर क्यों बच्चे कर रहे हैं

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ग्लोबल बर्डन ऑफ डिसीज (जीबीडी) के आंकड़ों के मुताबिक, मानसिक स्वास्थ्य/आत्महत्या किशोर लड़कियों में मृत्यु दर का शीर्ष कारण है और साथ ही साथ यह आंकड़ा लड़कों में भी मौत के शीर्ष कारणों में है। 10 सितंबर पर मौलिक ने कहा, "अवसाद के कारण आत्महत्या करने वाले किशोरों की संख्या अपने देश में भयावह दर से बढ़ रही है।"

मौलिक ने कहा, "किशोर/किशोरियों और युवाओं में अवसाद के मुख्य कारणों में पढ़ाई का दवाब, निजी रिश्ते टूटना, काम का दवाब, पारस्परिक हिंसा और अंतरंग साथी द्वारा की गई हिंसा प्रमुख है। अल्कोहल और नशीली दवाओं का दुरुपयोग कुछ अन्य कारक हैं, जो मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित करते हैं।"

इंटरनेशनल एसोसिएशन फॉर सुसाइड प्रीवेंशन (आईएएसपी) के मुताबिक दूसरों से करुणा और सहानुभूति ने कमजोर व्यक्तियों के लिए चीजों को बदलने में मदद की। मौलिक का कहना है कि आत्महत्याओं को सामुदायिक और व्यक्तिगत स्तर पर किए गए विभिन्न उपायों के द्वारा रोका जा सकता है।

सौजन्य: IANS Hindi

चित्र स्रोत: Shutterstock 

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