जापान में कम हुए बच्चे पैदा होने की रफ्तार, क्या सच होगी एलन मस्क की बात?

फर्टिलिटी रेट (Japan's fertility rate) और बर्थ रेट (Japan's birth rate) में लगातार गिरावट आने से जापान की जनसंख्या कम हो रही है। ऐसे में एलन मस्क की बात सच होने का डर है। क्यों, जानते हैं।

WrittenBy

Written By: Pallavi Kumari | Updated : June 9, 2022 3:06 PM IST

जापान में लगातार छठे वर्ष जन्म दर में यानी कि बर्थ रेट (japan's low birth rate) में और गिरावट देखी गई है। साल 2021 में , साल 2020 की तुलना में 3.5 प्रतिशत की गिरावट देखी गई है। पिछले साल, जापान के स्वास्थ्य, श्रम और कल्याण मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, देश में सिर्फ 811,604 बच्चों जन्म हुए, जो रिकॉर्ड में सबसे निचला स्तर है। यह देश के 123 साल के इतिहास में सबसे कम बर्थ रेट की संख्या है। बात दें कि इस खबर ये जापन में ही नहीं बल्कि पूरे विश्व में बेचैनी कि आखिरकार जापान किस ओर बढ़ रहा है। कहीं लगातार कम होते फर्टिलिटी रेट (Japan's fertility rate is declining) और बर्थ रेट से जापान (Japan's birth rate is declining) जल्द ही खत्म होने के कगार पर ना आ जाए। ये सिर्फ हम नहीं टेस्ला के सीईओ एलन मस्क (Elon Musk) का भी कहना है।

जापान का अस्तित्व समाप्त ना हो जाए: Elon Musk

दरअसल, कुछ हफ्ते पहले पहले, टेस्ला के सीईओ एलन मस्क (Elon Musk) ने भी जापान की गिरती जन्म दर के बारे में चिंता व्यक्त की और यह चेतावनी देते हुए कहा कि ''जापान जल्द ही अपने अस्तित्व को समाप्त कर सकता है। यह दुनिया के लिए एक बड़ा नुकसान होगा।''

जापान की जनसंख्या में लगातार गिरावट

दरअसल, जापान की जनसंख्या में लगातार गिरावट आ रही है। खबरों का मानें तो, साल 2021 में 1 अक्टूबर को देश की जनसंख्या 125.5 मिलियन थी, जो अब 644,000 कम है। जहां 2021 में जापान में 831,000 जन्म हुए, वहीं 1.44 मिलियन मौतें भी हुईं। जापान के आंतरिक मामलों और संचार मंत्रालय का कहना है कि 1950 में तुलनीय डेटा उपलब्ध होने के बाद से यह कमी सबसे बड़ी थी। साथ ही यहां कि फर्टिलिटीरेट में भी 0.30 प्रतिशत की गिरावट आई है।

जनसंख्या में गिरावट के पीछे क्या कारण है?

जापान दो समस्याओं से जूझ रहा है: एक लोगों की प्रोडक्टिविटी और दूसरा एक वृद्ध जनसंख्या याकि कि एक बड़ी आबादी का बुजुर्ग होना। दरअसल, कोरोनावायरस का हानिकारक प्रभाव पड़ा है और बहुत से लोगों की मौत भी हुई। साथ ही देश की कुल प्रजनन दर (fertility rate) में भी 0.30 अंक की गिरावट आई है। इसमें 1.30 प्रतिशत महिला हैं।जापान की प्रजनन दर में 1975 से लगातार गिरावट देखी गई है जब यह पहली बार 2.0 से नीचे गिर गया था।

अब अंदेशा यही है कि आने वाले सालो में जापान की स्थिति नहीं सुधरी और बर्थ रेट नहीं बढ़ा तो ये देश आर्थिक संकटों का भी सामना कर सकता है। हालांकि, जापान अकेला ऐसा देश नहीं बल्कि जर्मनी, बुल्गारिया, इटली आदि देश भी इस समस्या के शिकार हो रहे हैं।

Add The Health Site as a Preferred Source Add The Health Site as a Preferred Source