डब्ल्यूएचओ ने क्यों बदला मंकीपॉक्स का नाम? अब इस नाम से जाना जाएगा मंकीपॉक्स वायरस

Monkeypox New Name: मंकीपॉक्स वायरस का नाम बदल दिया गया है। डब्ल्यूएचओ ने इसका नाम क्यों बदला है आइए जानते हैं। 

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Written By: Atul Modi | Updated : November 30, 2022 4:23 PM IST

Monkeypox New Name: 28 नवंबर को विश्व स्वास्थ संगठन (WHO) ने एक बयान जारी करते हुए कहा कि अब मंकीपॉक्स वायरस (Monkeypox Virus) को Mpox के नाम से जाना जाएगा। डब्ल्यूएचओ ने मंकीपॉक्स वायरस का नाम क्यों बदला है इसके बारे में संगठन ने खुद ही जानकारी दी है। डब्ल्यूएचओ ने इसके पीछे एक बड़ी वजह बताई है। आइए जानते हैं।

मंकीपॉक्स वायरस का नाम क्यों बदला गया?

मंकीपॉक्स वायरस का नया नाम एम पॉक्स कर दिया गया है इसके पीछे विश्व स्वास्थ्य संगठन ने एक बड़ा लॉजिक दिया है। विश्व स्वास्थ संगठन का कहना है कि, मंकीपॉक्स वायरस संक्रमण के दौरान कई देशों और कम्युनिटीज में वायरस के नाम का प्रयोग नस्लभेदीय और अपमानजनक शब्दों के तौर पर इस्तेमाल किए गए। जिसको लेकर तमाम लोगों ने मंकीपॉक्स वायरस का नाम बदलने की अपील की थी। जिसको ध्यान में रखते हुए मंकीपॉक्स के नाम को बदलने का निर्णय लिया गया है। अब इसे Mpox के नाम से जाना जाएगा।

हालांकि, मंकीपॉक्स शब्द का चलन अगले वर्ष तक रहेगा ताकि विशेषज्ञों के बीच इस नाम को लेकर किसी तरह का भ्रम न फैले। मंकीपॉक्स वायरस का यह पर्यायवाची शब्द आईसीडी-10 में कुछ दिनों में शामिल कर दिया जाएगा।

इस वायरस का नाम क्यों पड़ा मंकीपॉक्स

दरअसल, साल 1970 में पहली बार बंदरों में इस वायरस के होने का पता चला था। जिसके कारण वायरस का नाम मंकीपॉक्स दे दिया गया था। उस दौर में नाम निर्धारित करने के लिए डब्ल्यूएचओ की कोई गाइडलाइन नहीं थी। यह गाइडलाइन साल 2015 में प्रकाशित किए गए थे।

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