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Written By: Atul Modi | Published : November 19, 2021 3:42 PM IST
देश की राजधानी दिल्ली इन दिनों डेंगू (Dengue) की चपेट में है। यहां 2015 के मुकाबले इस वर्ष सबसे ज्यादा डेंगू के मामले दर्ज किए गए हैं। दिल्ली में अब तक डेंगू के 5200 से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं। अगर पिछले सप्ताह की बात करें तो शहर में मच्छर जनित इस बीमारी के लगभग 2570 नए मरीजों में डेंगू का संक्रमण पाया गया है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों की मानें तो दिल्ली में बढ़ते डेंगू के मामले कंट्रोल नहीं हुए तो स्थिति गंभीर हो सकती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि DENV-2 प्रकार का डेंगू वायरस राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में और उसके आसपास के क्षेत्रों में बढ़ते मामलों का कारण हो सकता है। डेंगू का यह टाइप टू वायरस की प्रकृति अधिक गंभीर है जो शरीर पर लंबे समय तक प्रभाव डालता है गंभीर मामलों में यह मृत्यु का कारण भी बन सकता है।
अपोलो हॉस्पिटल के डॉ. आलोक कुमार अग्रवाल ने इंडिया टुडे से बातचीत में बताया कि, यह संभावना है कि DENV-2 से डेंगू के मामलों में वृद्धि दर्ज हुई है। 'डेंगू के मुख्य चार प्रकार हैं उनमें से DENV-2 के खतरे ज्यादा हैं, हालांकि सरकारी प्रयोगशालाओं द्वारा इसकी पुष्टि की जानी है जो संभवतः लहर खत्म होने के बाद होगी।'
डेंगू बुखार आमतौर पर एक मच्छर जनित वायरल संक्रमण है जो डेंगू वायरस (DENV) के कारण होता है। यह मुख्य रूप से एडीज इजिप्टी प्रजाति के फीमेल मच्छरों द्वारा फैलता है, जो चिकनगुनिया, येलो फीवर और जीका वायरस का भी एक वेक्टर है। डेंगू फ्लेविविरिडे परिवार के एक वायरस के कारण होता है जिसके चार सीरोटाइप होते हैं: DENV-1, DENV-2, DENV-3 और DENV-4। जबकि तीन अन्य तुलनात्मक रूप से कम संक्रामक हैं, DENV-2 गंभीर संक्रमण की ओर ले जाता है, जिसका समय पर इलाज न मिलने पर मृत्यु का कारण बन सकता है।