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Written By: Agencies | Published : November 10, 2017 6:14 PM IST
टीकों से जीवनभर मिलने वाले लाभ के बारे में जागरूकता फैलाने के लिये GSK कंपनी ने ‘वैक्सीनेट फॉर लाइफ’ अभियान शुरू किया है। साथ ही इस अभियान को वैक्सीनेशन या टीकाकरण के बारे में हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स (एचसीपी) और वयस्क मरीजों के बीच संवाद को प्रोत्साहित करने के लिये शुरू किया गया है।
बहु-देशीय सर्वेक्षण में ये बात सामने आई है कि जीवन भर टीकाकरण करवाने को लेकर हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स और वयस्क मरीजों के बीच संवाद का अभाव पाया जाता है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) द्वारा ये कहने के बावजूद कि टीकाकरण सबसे शक्तिशाली और लागत-प्रभावी उपाय है, Iposs MORI द्वारा कराये गये एक नये ग्लोबल सर्वेक्षण में पाया गया कि 68 प्रतिशत वयस्कों को उन वैक्सीन की जानकारी नहीं थी, जो उन्हें लगवाने की सलाह दी गई थी। इस सर्वेक्षण कोGSK ने स्पॉन्सर किया था। ब्राजील, भारत, यूनाइटेड स्टेट्स और इटली में 6,002 वयस्कों पर किये गये वैक्सीनेट फॉर लाइफ सर्वेक्षण में ये परिणाम सामने आये:
अन्य स्वास्थ्य सेवाओं की प्राथमिकता: सर्वेक्षण में शामिल 53 प्रतिशत वयस्कों ने माना कि भले ही एक सेहतमंद जीवनशैली जीना महत्वपूर्ण है, बावजूद इसके वो सेहत से जुड़ी अन्य सेवाओं को वैक्सीन से ज्यादा महत्व देते हैं।
*11बी सवाल ब्राजील में नहीं पूछा गया
जीएसके ने 6 जुलाई से 14 सितंबर के बीच कराये गये ‘वैक्सीनेट फॉर लाइफ’ सर्वेक्षण के परिणामों की आज घोषणा की, जहां भारत के 6 शहरों (दिल्ली,कोलकाता, मुंबई, बेंगलुरू, हैदराबाद और चेन्नई) के 2,002 वयस्कों पर सर्वेक्षण किया गया। इस सर्वेक्षण का लक्ष्य 18 साल और उससे ऊपर के वयस्कों के बीच ताउम्र टीकाकरण को लेकर क्या सोच है और उसको लेकर उनमें कितनी जागरूकता है, उसका पता लगाना है।
भारत में कराये गये सर्वेक्षण की मुख्य बातें निम्नलिखित हैं:
हालांकि, 42 प्रतिशत वयस्कों ने बेहतर शारीरिक स्वास्थ्य को जीवन की पहली प्राथमिकता माना, लेकिन सामान्यतौर पर स्वस्थ रहने के लिये अन्य तरीकों की बजाय टीकाकरण को लेकर सतर्क रहने को कम महत्व दिया। अन्य तरीकों में जैसे सेहतमंद खाना, सक्रिय बने रहना और धूम्रपान नहीं करना, खासतौर से पुरुषों में, शामिल था।
1) भारत में सर्वे में शामिल ज्यादातर वयस्कों ने माना कि वैक्सीन गंभीर बीमारियों से बचने का एक प्रभावी तरीका है, इसके बावजूद:
ए. उनमें से 34 प्रतिशत का मानना है कि ये केवल यात्रा के उद्देश्य से है
बी. 38 प्रतिशत मानते हैं कि ये केवल बच्चों और/या शिशुओं के लिये है
सी. 26 प्रतिशत मानते हैं कि यदि कोई तंदुरुस्त और स्वस्थ है तो उसे टीकाकरण की जरूरत नहीं
डी. 19 प्रतिशत का मानना है कि टीकाकरण केवल बुजुर्गों के लिये होता है
2) सर्वे किये गये 43 प्रतिशत वयस्कों ने माना कि उन्हें वयस्क टीकाकरण के बारे में बहुत कम/बिलकुल भी जानकारी नहीं है।
3) लगभग आधे (49 प्रतिशत) वयस्क किसी अन्य स्रोत से जानकारी पाने की बजाय एचसीपी के पास जाकर सलाह लेना पसंद करते हैं।
4) उन वयस्कों ने जिन्होंने बीते सालों में एचसीपी से वयस्क टीकों के बारे में सलाह नहीं ली, उसकी प्रमुख बाधा एचसीपी पर भरोसा था कि उन्हें संबंधित टीकों के बारे में सही जानकारी दी गई है या नहीं। साथ ही पूरी वयस्क अवस्था के दौरान टीकाकरण करवाने की आवश्यकता के बारे में एचसीपी से बातचीत में अभाव भी इसका कारण रहा (75 प्रतिशत वयस्क इससे सहमत थे)। 45 प्रतिशत से 50 प्रतिशत वयस्कों ने टिटेनस, हेपेटाइटिस ए और बी, इन्फ्लूएंजा और एचपीवी वैक्सीन को 18-64 साल के वयस्कों के लिये अधिक उपयोगी माना।
ए. अन्य उपयोगी टीकों के बारे में जागरूकता तुलनात्मक रूप से काफी कम हो सकती है
बी. सर्वे किये गये 31 प्रतिशत वयस्कों ने पिछले पांच सालों में कोई भी वैक्सीन नहीं लगवाई थी।
वयस्क सूचना स्रोतों की व्यवस्था को समझते हैं जो उन्हें रिकॉर्ड को समझने और उनके लिए प्रासंगिक टीकाकरण पर नजर रखने में मदद करती हैं। इनमें शामिल हैं – ऑनलाइन टूल्स, बुकलेट, और टेक्स्ट मैसेजिंग जोकि सबसे उपयोगी साधन हैं।
वैक्सीनेट फॉर लाइफ सर्वे के बारे में बताते हुए ग्लैक्सोस्मिथक्लाइन फार्मास्यूटिकल्स लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर ए. वैधीश ने कहा, “सर्वे के परिणाम बताते हैं कि वयस्क टीकाकरण के बारे में देश में जागरूकता फैलाना कितना आवश्यक है। ज्यादातर लोग बचपन में टीकाकरण कराने के महत्व के बारे में जानते हैं, जबकि टीकाकरण किशोरों, वयस्कों और बुजुर्गों के लिये भी उतना ही महत्वपूर्ण होता है। यूनिसेफ और विश्व बैंक के अनुसार जीवन बचाने के मामले में टीकाकरण के समक्ष केवल साफ पानी पीना ही उसके मुकाबले में खड़ा हो सकता है। बहुत पुराने सुझाव के बावजूद, वयस्क टीकाकरण की संख्या वास्तविक रूप में काफी कम है। इसके पीछे सबसे प्रमुख वजह सामान्य जागरूकता है- इस कथन को सर्वे के परिणामों के आधार पर स्थापित किया गया है।”
इस अभियान के बारे में बताते हुए डॉ. शफी कोल्हापुरे, वाइस प्रेसिडेंट मेडिकल अफेयर्स वैक्सीन्स, ग्लैक्सोस्मिथक्लाइन फार्मास्यूटिकल्स लिमिटेड ने कहा, “वैक्सीनेट फॉर लाइफ अभियान वैश्विक स्वास्थ्य पर जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से शुरू किया गया है ताकि वयस्क टीकाकरण दर में वृद्धि हो सके। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डल्ब्यूएचओ) का कहना है कि टीकाकरण जन साधारण के स्वास्थ्य के लिये सबसे प्रभावी उपायों में से एक है। साथ ही दुनिया के सबसे बड़े वैक्सीन निर्माताओं में से एक, जीएसके टीकों के बारे में सामान्य जागरूकता फैलाने और जीवनभर टीकाकरण को प्रोत्साहित करने के लिये दूसरों के साथ साझीदारी करने के लिये प्रतिबद्ध है।”
मुंबई के आंकड़े
वैक्सीनेट फॉर लाइफ सर्वे में मुंबई के बारे में भी कई दिलचस्प परिणाम सामने आये हैं। 41 प्रतिशत वयस्कों ने अच्छी सेहत को बनाये रखना अपनी पहली प्राथमिकता माना है। इसके बाद एक सफल करियर और परिवार के भरण-पोषण (16 प्रतिशत) का स्थान आता है, फ्रि वित्तीय सुविधा (12प्रतिशत) और अपना घर खरीदना और दुनिया की सैर (6 प्रतिशत) का स्थान आता है। प्राथमिकताओं की बात की जाये तो मुंबई में रहने वाले माता-पिता का मानना है कि बच्चों के टीकाकरण को लेकर सतर्क रहना उनके अपने टीकाकरण से कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण है।
| धारणा | उम्र का प्रतिशत |
| वयस्कों का टीकाकरण गंभीर बीमारियों से बचाव का एक प्रभावी तरीका है | 76 प्रतिशत |
| वयस्क टीकाकरण सरकार/बीमा कंपनियों द्वारा भुगतान योग्य है | 28 प्रतिशत |
| 18 साल से अधिक उम्र के वयस्कों के लिये टीकाकरण केवल यात्रा के उद्देश्य से होता है | 33 प्रतिशत |
| टीकाकरण की जरूरत नहीं, यदि आप स्वस्थ हैं | 25 प्रतिशत |
| टीकाकरण केवल शिशुओं के लिये होता है | 34 प्रतिशत |
| टीकाकरण केवल बुजुर्गों के लिये होता है | 21 प्रतिशत |
सेहतमंद आदतों को लेकर सतर्क रहने के मामले में, ज्यादातर मुंबईकरों (80 प्रतिशत) ने सेहतमंद खाने की आदत को सबसे महत्वपूर्ण माना है, उसके बाद निम्नलिखित चीजें आती हैं:
जहां तक जानकारी के स्रोत की बात है, वयस्क कई सारे विकल्पों पर निर्भर करते हैं, 94 प्रतिशत मुंबईवासियों ने हेल्थ प्रोफेशनल्स को जानकारी प्राप्त करने का सबसे भरोसेमंद स्रोत बताया है, इसके बाद निम्नलिखित का स्थान आता है:
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ग्लैक्सोस्मिथक्लाइन फार्मास्यूटिकल्स लिमिटेड के विषय में
ग्लैक्सोस्मिथक्लाइन फार्मास्यूटिकल्स लिमिटेड ग्लैक्सोस्मिथक्लाइन पीएलसी की सहायक कंपनी है, ये दुनिया की प्रमुख शोध आधारित फार्मास्यूटिकल्स और हेल्थकेयर कंपनियों में से एक है। लोगों को और अधिक प्रयास करने के लिये सक्षम बनाने, बेहतर महसूस कराने और लंबी उम्र प्रदान के लिये ये कंपनी प्रतिबद्ध है। और अधिक जानकारी के लिये www.gsk-india.com पर जायें ।
समाप्त
संपादकों के ध्यानार्थ
वैक्सीनेट फॉर लाइफ के विषय में
वैक्सीनेट फॉर लाइफ अभियान को पूरे जीवनकाल में टीकाकरण के फायदों के बारे में जागरूकता फैलाने और हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स (एचसीपी) और उनके वयस्क मरीजों के बीच संवाद को और बेहतर बनाने के लिये शुरू किया गया है। इस दौरान उन्हें बताया गया है कि उनके लिये कौन-से टीके उपलब्ध हो सकते हैं।
वैक्सीनेट फॉर लाइफ सर्वे के विषय में
वैक्सीनेट फॉर लाइफ ग्लोबल जनरल पब्लिक सर्वे
‘वैक्सीनेट फॉर लाइफ सर्वे’ का आयोजन 2017 के जुलाई और सितंबर महीने में 18 साल और उससे अधिक उम्र के वयस्कों पर ऑनलाइन माध्यम से किया गया था। इसमें पांच देशों (ब्राजील, जर्मनी, भारत, इटली और यूनाइटेड स्टेट्स) से 6,002 नमूने प्राप्त किये गये थे। प्रत्येक बाजार में नमूनों का संयोजन इस प्रकार का था:
| ब्राजील | जर्मनी | भारत | इटली | यूनाइटेड स्टेट्स | |
| आम जनता | 1000 | 1000 | 2002 | 1000 | 1000 |
बाजार द्वारा दी गई नमूनों के बारे में महत्वपूर्ण टिप्पणी
पांच में से चार बाजारों (ब्राजील, इटली,जर्मनी और यूनाइटेड स्टेट्स) में विशेष विवरणों वाले निम्नलिखित नमूनों के अनुसार नमूने एकत्रित किये गये:
भारत* में निम्नलिखित विशेषताओं के अनुसार नमूनों को एकत्रित किया गया:
* भारत के लिये आंकड़े केवल 6 शहरों पर आधारित हैं (मुंबई, दिल्ली, बेंगलुरू, कोलकाता, चेन्नई और हैदराबाद)
संदर्भ -
सौजन्य: प्रेस विज्ञप्ति (Press Release)
चित्र स्रोत: shutterstock