जल्द ही आने वाला है मंकीपॉक्स का टीका (Monkeypox vaccine): WHO

Monkeypox vaccine: मंकीपॉक्स वैक्सीन को लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने एक बड़ा बयान जारी किया है। इसमें उन्होंने बताया है कि मंकीपॉक्स को रोकने के लिए वे एक नया वैक्सीन-साझाकरण तंत्र (vaccine-sharing mechanism) बना रहे हैं।

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Written By: Pallavi Kumari | Published : June 16, 2022 12:59 PM IST

वैश्विक स्तर पर मंकीपॉक्स वायरस (monkeypox virus) से पीड़ित कुल लोगों संख्या अब बढ़कर 1,600 हो गई है और इसे लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) चिंतित हो गई है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने इसलिए एक आपातकालीन बैठक बुलाई है कि क्या ये असामान्य प्रकोप एक अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य आपातकाल है। जिनेवा में एक मीडिया ब्रीफिंग को संबोधित करते हुए, डब्ल्यूएचओ के प्रमुख टेड्रोस एडनॉम घेबियस ने बताया कि इस वर्ष अब तक 39 देशों से डब्ल्यूएचओ को 1,600 से अधिक पुष्ट मामले और लगभग 1,500 संदिग्ध मामले डब्ल्यूएचओ को सूचित किए गए हैं - जिनमें सात देश शामिल हैं जहां मंकीपॉक्स का पता चला है और इस तरह ये वायरस लगभग 32 देशों में अब फैल चुका है। ऐसे में अब विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) मंकीपॉक्स के प्रकोप को रोकने के लिए एक नया वैक्सीन-साझाकरण तंत्र (vaccine-sharing mechanism) बना रहा है।

कुछ हफ्तों में आ जाएगी मंकीपॉक्स वैक्सीन

डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक टेड्रोस घेब्येयियस ने कहा कि एजेंसी टीकों और उपचारों के लिए उचित पहुंच विकसित करने में लगी हुई है और उम्मीद है कि कुछ हफ्तों में मंकीपॉक्स वैक्सीन (WHO will share vaccines to stop monkeypox) आ जाएगी। बता दें कि ब्रिटेन, कनाडा, फ्रांस, जर्मनी और अमेरिका जैसे कई देशों में मंकीपॉक्स के मामले सामने आए और यहां से दूसरे देशों में भी ये प्रसारित हो रहा है।

गरीब देशों को भी मिले मंकीपॉक्स वैक्सीन: WHO

डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक टेड्रोस घेब्येयियस का कहना है कि संयुक्त राष्ट्र की स्वास्थ्य एजेंसी अमीर देशों को दुर्लभ वैक्सीन खुराक वितरित कर सकती है लेकिन कई गरीब देश हैं जहां के लोगों तक इस वैक्सीन की पहुंच मुश्किल हो सकती है। ऐसी ही स्थिति से निपटने के लिए हमने वैक्सीन-साझाकरण तंत्र (vaccine-sharing mechanism) बना रहे हैं। कुछ स्वास्थ्य विशेषज्ञों के लिए, पहल संभावित रूप से अफ्रीकी देशों में मंकीपॉक्स वायरस को नियंत्रित करने के अवसर को याद करती है जहां यह दशकों से संक्रमित लोग हैं, जो कोरोनोवायरस महामारी के दौरान देखे गए टीके वितरण में असमानता का एक और उदाहरण है। इसलिए ऐसे सभी गरीब प्रभावित देशों के लिए हमारा काम उन तक वैक्सीन पहुंचाना होगा।

चेचक (smallpox) का टीका मंकीपॉक्स के खिलाफ लगभग 85% प्रभावी

इतना ही नहीं इस बैठक में यह भी बताया गया है कि चेचक के टीके (smallpox vaccine) मंकीपॉक्स के खिलाफ लगभग 85% प्रभावी माना जाता है।साथ ही कार्यक्रम में यह भी कहा गया है कि टीका सभी देशों के लिए बनाया जा रहा है और टीकों को बड़े पैमाने पर उनकी महामारी संबंधी जरूरतों के आधार पर वितरित किया जाएगा।

बता दें कि इस समय यूरोप इस बढ़ते प्रकोप का केंद्र बना हुआ है, जिसमें 25 देश 1,500 से अधिक मामलों की रिपोर्ट कर रहे हैं और 85% मरीज यूरोपीय देशों से निकल कर सामने आ रहे हैं। बैठक में यह भी कहा कि 2022 में पहले से प्रभावित देशों से अब तक मंकीपॉक्स वायरस से जुड़ी 72 मौतों की सूचना मिली है। हालांकि, नए प्रभावित देशों से आज तक कोई मौत दर्ज नहीं की गई है।

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