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भारत की कोवैक्सीन को दुनियाभर में वायरस के खिलाफ प्रयोग की आज मिल सकती है मंजूरी, जानें डब्लूएचओ का क्या है कहना

वैश्विक स्वास्थ्य निकाय का तकनीकी सलाहकार समूह 26 अक्टूबर को कोवैक्सिन के आपातकालीन उपयोग सूची (ईयूएल) पर विचार करने के लिए बैठक करेगा।

भारत की कोवैक्सीन को दुनियाभर में वायरस के खिलाफ प्रयोग की आज मिल सकती है मंजूरी, जानें डब्लूएचओ का क्या है कहना
भारत की कोवैक्सीन को दुनियाभर में वायरस के खिलाफ प्रयोग की आज मिल सकती है मंजूरी, जानें डब्लूएचओ का क्या है कहना

Written by Jitendra Gupta |Published : October 26, 2021 12:57 PM IST

भारत निर्मित कोरोनावायरस से सुरक्षा देने वाली वैक्सीन 'कोवैक्सीन' के लिए आज का दिन यानी की 26 अक्टूबर बहुत ज्यादा खास रहने वाला है क्योंकि विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) एक बैठक में कोवैक्सीन के आपातकालीन उपयोग को मंजूरी देने पर विचार करेगा। डब्ल्यूएचओ की मुख्य वैज्ञानिक सौम्या स्वामीनाथन का कहना है कि वैश्विक स्वास्थ्य निकाय का तकनीकी सलाहकार समूह 26 अक्टूबर को कोवैक्सिन के आपातकालीन उपयोग सूची (ईयूएल) पर विचार करने के लिए बैठक करेगा। गौरतलब हो कि कोवैक्सीन को पहले से ही महामारी के खिलाफ वैक्सीनेशन अभियान के अंतर्गत देश भर में उपयोग किया जा रहा है।

भारत बायोटिक की है कोवैक्सीन

हैदराबाद स्थित भारत बायोटेक दवा कंपनी ने कोवैक्सीन को बनाने का काम किया है और फिलहाल वह अपनी वैक्सीन के लिए संयुक्त राष्ट्र (यूएन) एजेंसी से औपचारिक मंजूरी पाने के लिए महीनों से इंतजार कर रही है। भारत बायोटेक ने 19 अप्रैल तक आपातकालीन उपयोग की मंजूरी के लिए एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (ईओआई) जमा कराया था, लेकिन डब्ल्यूएचओ ने वैक्सीन को मंजूरी देने से पहले कंपनी से अधिक डेटा प्रस्तुत करने को कहा था और इसकी जरूरत जताई थी।

डब्लूएचओ ने कहा लग जाता है वक्त

बता दें कि पिछले हफ्ते डब्लूएचओ के एक शीर्ष अधिकारी ने कहा था कि किसी भी वैक्सीन के उपयोग के लिए वैक्सीन का पूर्ण मूल्यांकन और उसे मंजूरी प्रदान करने की प्रक्रिया में कभी-कभी लंबा समय लग जाता है, लेकिन यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि दुनिया को सही सलाह दी जाए भले ही इसमें कितना भी वक्त लगे।

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विश्व स्तर पर बननी चाहिए

डब्ल्यूएचओ हेल्थ इमर्जेंसी प्रोग्राम के कार्यकारी निदेशक डॉ. माइक रयान का कहना है कि संयुक्त राष्ट्र की स्वास्थ्य एजेंसी का नजरिया बिल्कुल साफ है और वह चाहती है कि सभी देशों में मान्यता प्राप्त वैक्सीन यूज की जाएं, खासकर जिन्हें डब्ल्यूएचओ सलाहकार प्रक्रिया द्वारा ईयूएल दिया गया हो। रयान ने ये भी कहा कि लेकिन यह बहुत जरूरी है कि डब्ल्यूएचओ उन वैक्सीन को मंजूरी प्रदान करता है, जो विश्व स्तर पर बन रही हो।

किसी नियम को नहीं छोड़ सकता संस्थान

डब्ल्यूएचओ ने कहा है कि वह कोविड वैक्सीनेशन के लिए कोवैक्सीन को ईयूएल में शामिल करने की सिफारिश करने के लिए किसी नियम की कटौती नहीं कर सकता है। एजेंसी ने ये भी कहा कि वह Covaxin निर्माताओं से अतिरिक्त जानकारी मिलने की उम्मीद कर रहे है ताकि वैक्सीन को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर उतारा जा सके।

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देश में लग रहे 6 में से एक वैक्सीन है कोवैक्सीन

बता दें कि Covaxin के आपातकालीन प्रयोग को WHO की मंजूरी मिलने का मतलब ये होगा कि भारत द्वारा निर्मित वैक्सीन की दुनिया भर में सुरक्षित और प्रभावी वैक्सीन के रूप में व्यापक स्वीकार्यता। वर्तमान में, कोविड -19 के खिलाफ भारत अपने राष्ट्रव्यापी टीकाकरण अभियान में कोवैक्सिन का उपयोग भारत के ड्रग्स कंट्रोलर जनरल द्वारा मंजूरी प्राप्त छह टीकों में से एक के रूप में कर रहा है। इस वैक्सीनेशन अभियान में ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका की कोविशील्ड और रूसी निर्मित स्पूतनिक V भी शामिल है।

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