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डब्लूएचओ ने दी चेतावनी, हमारे मानदंडों में क्लिनिकल ट्रायल के एडवांस स्टेज में पहुंची वैक्सीन प्रभावी नहीं

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Written By: Anshumala | Updated : September 6, 2020 3:31 PM IST

WHO on Corona vaccine: कोरोना के मामले भारत में हर दिन जिस गति से बढ़ रहे हैं, उससे लोगों के मन में खौफ बढ़ता ही जा रहा है। भारत में पिछले 24 घंटों में कोरोना के कारण लगभग 1,065 लोगों की मौत हुई है और 90,632 नए मामले दर्ज हुए हैं, जो अब तक का सबसे अधिक दैनिक आंकड़े हैं। फिलहाल, देश में कुल मामलों में से 8,62,320 सक्रिय मामले हैं। वहीं 31,80,865 लोग अब तक कोरोना से उबर चुके हैं।

दुनिया भर में  2,68,37,146 लोग वायरस से संक्रमित

अब तक दुनिया भर में कुल 2,68,37,146 लोग इस वायरस से संक्रमित हो चुके हैं और 8,79,307 लोग इसकी वजह से मारे गए हैं। सबसे अधिक मौतें क्रमश: अमेरिका, ब्राजील और भारत में हुईं हैं। वैश्विक स्तर पर भारत अभी भी कोविड -19 संक्रमण के मामलों में तीसरा सबसे अधिक प्रभावित देश भारत है। पहले स्थान पर 62,45,112 मामलों के साथ अमेरिका और 41,23,000 के साथ ब्राजील दूसरे स्थान पर है। भारत अब ब्राजील को पीछे छोड़ने में कुछ ही दूर है।

कई वैक्सीन का ट्रायल आखिरी स्टेज में पहुंचा

दुनिया भर में कई देश कोरोना वैक्सीन तैयार करने में लगे हुए हैं। कई देश आखिरी क्लिनिकल ट्रायल में हैं, तो रूस जैसे देश ने तो पहली कोविड-19 वैक्सीन स्पुतनिक-वी को मार्केट में लॉन्च करने का दावा भी कर दिया। हालांकि, किसी भी वैक्सीन को बनाने में कम से कम एक से दो साल का वक्त लगता है, लेकिन जिस तरह से कुछ देश वैक्सीन के निर्माण से लेकर उसके लॉन्च करने की बात कर रहे हैं, वह लोगों में डर भी उत्पन्न कर रहा है। डब्लूएचओ (WHO) ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि वैक्सीन के निर्माण में इतनी जल्दबाजी करना सही नहीं है। हमारे मानदंडों में कोई भी क्लिनिकल ट्रायल के एडवांस और आखिरी स्टेज में पहुंची वैक्सीन 50 प्रतिशत भी कोरोनावायरस के खिलाफ प्रभावित नजर नहीं आ रही है। शायद ही लोगों को वर्ष 2021 तक कोविड-19 की वैक्सीन मिल सके।

एक भी वैक्सीन नहीं है प्रभावी

डब्लूएचओ की प्रवक्ता मार्गरेट हैरिस (margaret harris) का कहना है कि अब तक जितनी भी वैक्सीन क्लिनिकल ट्रायल के आखिरी स्टेज में पहुंची हैं, उनमें से कोई भी वैक्सीन ऐसी नजर नहीं आ रही है, जो पूरी तरह से प्रभावी और कारगर साबित हो सके। यह चिंता की बात है। ऐसे में यह कहना गलत नहीं होगा कि अगले वर्ष 2021 के मध्य तक भी लोगों को कोविड-19 वैक्सीनेशन दी जा सकेगी। वैक्सीन को इस तरह बिना तीसरे ट्रायल के लॉन्च कर देना लोगों के लिए नुकसानदायक हो सकता है। शरीर में इसके कई साइड इफेक्ट हो सकते हैं।