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Written By: Pallavi Kumari | Updated : May 18, 2022 9:21 AM IST
कोरोना वायरस अभी तक गया नहीं था कि दुनिया में एक नए वायरस का खौफ फैला हुआ है। जी हां, पिछले दिनों मंकीपॉक्स वायरस (monkeypox virus) कुछ देशों में बड़ी तेजी से फैला है। खास कर कि ब्रिटेन और पूर्वी इंग्लैंड जैसे देशों में। लेकिन जैसे-जैसे मंकीपॉक्स के मामले सामने आ रहे हैं, विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organisation) इसे लेकर सर्तक हो गया है। दरअसल, मंगलवार को डब्ल्यूएचओ (WHO) ने अपने प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि यूके में जिस तरह से मंकीपॉक्स वायरस (monkeypox uk) के मामले सामने आ रहे हैं ऐसे में अब ये वायरस उनके रडार पर है और वे इस वायरस को लेकर बेहद सर्तक हैं।
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— World Health Organization (WHO) (@WHO) May 17, 2022
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने अपने बस इतना ही नहीं कहा बल्कि, यूके के मामलों को देखते हुए लोगों को चेतावनी भी दे डाली। विश्व स्वास्थ्य संगठन की मारिया वान केरखोव ने कहा 'कोविड -19 केवल एक वायरस है, जिसे डब्ल्यूएचओ देख रहा था।मंकीपॉक्स (monkeypox)भी इसे के समान है और इस पर ध्यान नहीं दिया गया है तो आगे चल कर ये दूसरी महामारी का कारण बन सकता है। साथ ही डब्ल्यूएचओ ने यह भी चेतावनी दी कि वायरस सेक्सुअल नेटवर्क में फैल रहा है। यानी कि करीबी संपर्क के द्वारा समुदाय में मंकीपॉक्स वायरस का संचरण और प्रसार हो सकता है।
ब्रिटेन में मंकीपॉक्स के(Monkeypox in UK)कुल मामले अब 7 हो गए हैं।ब्रिटेन में इस साल की शुरुआत में (Monkeypox Symptoms) पहला मामला सामने आया था। अब यूके हेल्थ सिक्युरिटी एजेंसी ने मंकीपॉक्स के मामले (Monkeypox Treatment) बढ़ने पर समलैंगिक और यौन संबंध रखने वाले बायसेक्सुअल लोगों को भी चेताया है। इनसे कहा गया है कि अगर आपको या आपके साथी के शरीर में असमान्य लाल चकत्ते दिखे तो सतर्क हो जाएं और तुरंत डॉक्टर के पास जाएं।
डब्ल्यूएचओ की मारिया वान केरखोव ने कहा, '' अपने क्षेत्रीय कार्यालय और अन्य एजेंसियों के साथ मिलकर इन मामलों में से प्रत्येक का मूल्यांकन करने के लिए काम कर रहे हैं। मंकीपॉक्स के प्रसार की सीमा को समझने के लिए कई अध्ययन चल रहे हैं। हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि जिन लोगों को मंकीपॉक्स होने का संदेह है, उनके आइसोलेशन के साथ ही टेस्टिंग हो रही है।''
बता दें कि मंकीपॉक्स एक दुर्लभ पर हल्का संक्रमण है, जो आमतौर पर अफ्रीका के कुछ हिस्सों में संक्रमित जंगली जानवरों से फैला है। एनएचएस वेबसाइट के अनुसार, रोग चेचक जैसा ही है, जिससे चेहरे पर अक्सर दाने शुरू हो जाते हैं। मंकीपॉक्स किसी संक्रमित जानवर के काटने से या उसके खून, शरीर के तरल पदार्थ या फर को छूने से हो सकता है।