Covid-19 & HIV: डब्लूएचओ ने कहा, अगले 6 महीने में पांच लाख एड्स के मरीजों की कोरोना के कारण हो सकती है मौत

COVID-19 and HIV : डब्लूएचओ और यूएनएआईडीएस (UNAIDS) द्वारा किए गए अध्ययन में यह बात सामने आई है कि वर्ष 2018 में सब-सहारन अफ्रीका में 2 करोड़ से भी अधिक लोग एचआईवी (HIV) से पीड़ित थे, जिनमें से 60 प्रतिशत से भी अधिक लोग एंटीरेट्रोवायरस थेरेपी के सहारे जिंदा हैं। कोरोनावायरस के कारण अफ्रीका के इन देशों में हेल्थ सिस्टम बुरी तरह से प्रभावित हुई है, जिससे एड्स के मरीजों को उनकी दवाइयां नहीं मिल पा रही हैं।

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Written By: Anshumala | Updated : May 15, 2020 10:27 AM IST

COVID-19 and HIV : कोरोनावायरस (Coronavirus) का कहर रुकने का नाम नहीं ले रहा है। हर दिन देश-दुनिया में इसके नए मामले सामने आ रहे हैं। भारत में अब तक कुल केसेज 81,301 हो चुके हैं, तो वहीं दुनियाभर में कोरोना संक्रमित लोगों की संख्या लगभग 44,69890 हो चुकी है और इससे अब तक लगभग 3,00144 लोगों की मौत हो चुकी है। उधर विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अधिकारियों ने कहा है कि यह अनुमान लगाना कठिन है कि वैश्विक स्तर पर फैली कोविड-19 महामारी कब खत्म होगी। इस पर भविष्यवाणी करना बहुत कठिन है। ऐसे में हर देश को इस बारे में सकारात्मक रहना चाहिए और वायरस पर काबू पाने के प्रयास में सहयोग करना चाहिए, ताकि ये आगे न फैले।"

कोरोनावायरस ले सकता है एड्स के मरीजों की जान

इस वायरस को खत्म करने के लिए अब तक किसी भी देश के पास ना तो वैक्सीन उपलब्ध है और ना ही कोई तरीका। इधर एक ताजा अध्ययन में यह बात सामने आई है कि कोरोनावायरस से एड्स के मरीजों को सबसे ज्यादा (COVID-19 and HIV Patient) खतरा है। अध्ययन में कहा गया है कि लगभग 5 लाख एड्स के मरीजों की मौत इस वायरस के कारण हो सकती है।

डब्लूएचओ (WHO) और यूएनएड्स (UNAIDS) द्वारा किए गए एक मॉडलिंग स्ट्डी में यह अनुमान जाहिर किया है कि अफ्रीका के सब-सहारा क्षेत्रों में रहने वाले 5 लाख लोग 5 से 6 महीनों के अंदर एड्स संबंधित बीमारियों से मर सकते हैं। ऐसा इसलिए होगा, क्योंकि कोविड-19 के कारण सरकार ने सभी सेवाओं पर प्रतिबंध लगा दिया था। ऐसे में इनकी जान बचाने के लिए वहां की सरकार को सभी सेवाओं को फिर से बहाल करना होगा। अफ्रीका के सब-सहारा क्षेत्रों में संभवत: इतनी बड़ी तादाद में होने वाली ये मौतें 2008 में हुई एड्स से मरने वालों की संख्या का रिकॉर्ड तोड़ सकती है।

बताया जा रहा है कि एंटीरेट्रोवायरल थेरेपी के कारण 2010 के बाद से अब तक अफ्रीका में रह रहे बच्चों में एचआईवी इंफेक्शन के दर में लगभग 43 प्रतिशत की कमी देखी गई थी। लेकिन, कोविड-19 के कारण अन्य स्वास्थ्य सेवाओं में कमी आने, इन लोगों को समय पर दवाएं और थेरेपी नहीं मिल पाने के कारण संभवत: आने वाले 6 महीनों में अफ्रीका के सब-सहारा क्षेत्रों और मोजाम्बिक देश में 37 प्रतिशत तक एचआईवी संक्रमितों की संख्या बढ़ सकती है। मलावी, जिम्बाब्वे, यूगांडा में भी बच्चों के एचआईवी संक्रमित होने की आशंका बढ़ सकती है। बच्चों में नए एचआईवी संक्रमण में 104% वृद्धि हो सकती है यदि सरकारें कोविड-19 के कारण स्वास्थ्य सेवाओं में आने वाली रुकावटों को दूर करने के लिए कार्य नहीं करती हैं।

एड्स मरीजों की हालत हो सकती है खराब

डब्लूएचओ (WHO) और यूएनएआईडीएस (UNAIDS) द्वारा किए गए अध्ययन में यह बात सामने आई है कि वर्ष 2018 में सब-सहारन अफ्रीका में 2 करोड़ से भी अधिक लोग एचआईवी (HIV) से पीड़ित थे, जिनमें से 60 प्रतिशत से भी अधिक लोग एंटीरेट्रोवायरस थेरेपी के सहारे जिंदा हैं। कोरोनावायरस के कारण अफ्रीका के इन देशों में हेल्थ सिस्टम बुरी तरह से प्रभावित हुई है, जिससे एड्स के मरीजों को उनकी दवाइयां नहीं मिल पा रही हैं।

डब्लूएचओ के महानिदेशक के अनुसार, यह स्थिति चिंताजनक है। हमें कोरोना के अलावा अन्य बीमारियों से पीड़ित लोगों के प्रति भी ध्यान देने की जरूरत है। एड्स से संबंधित टेस्टिंग किट्स और दवाओं को मुहैया कराना होगा, ताकि अफ्रीका में एड्स से पीड़ित (COVID-19 and HIV in Hindi) लोगों की जान बचाई जा सके।

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