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Written By: Atul Modi | Published : March 30, 2023 7:34 PM IST
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने महामारी के नए चरण और संक्रमण को ध्यान में रखते हुए अपनी कोविड-19 वैक्सीन सिफारिशों को संशोधित किया है। जिसमें यह कहा गया है कि छोटे बच्चों और जवानों को इस शॉट की जरूरत नहीं है लेकिन बूढ़े लोगों और हाई रिस्क की कैटेगरी में आने वाले लोगों को अपनी पिछली वैक्सीन के 6 महीने से एक साल के बीच वैक्सीन लगवा लेनी चाहिए।
नई वैक्सीन का शॉट केवल उन लोगों को देने की प्राथमिकता की जा रही है जो कोविड 19 से मृत्यु होने के रिस्क में आते हैं और अन्य गंभीर बीमारियों से भी जूझ रहे हैं। WHO ने नई रिकमेंडेशन के लिए प्राथमिकता देने वाले लोगों को तीन लेवल में विभाजित किया है : हाई, मीडियम और लो।
हाई लेवल में उन लोगों को शामिल किया गया है जो बूढ़े हैं या जिनको बीमारियों का ज्यादा रिस्क है। ऐसे लोगों को यह वैक्सीन लगवाने के लिए सलाह दी गई है। ऐसा पिछली वैक्सीन के 6 से 12 महीने के अंदर करवा लें। इस ग्रुप के लोगों की सेहत को कई फैक्टर्स प्रभावित करते हैं जैसे उम्र, उनके लाइफस्टाइल आदि।
मीडियम लेवल में उन लोगों को शामिल किया गया है जिनकी उम्र 18 साल से ऊपर है और वह हेल्दी हैं। WHO ने इस ग्रुप के लिए प्राइमरी सीरीज और 1st बूस्टर डोज को सुझाया है। अतिरिक्त बूस्टर शॉट वैसे तो इस ग्रुप के लिए सुरक्षित है लेकिन इन्हें इसकी ज्यादा जरूरत नहीं है।
लो लेवल में 6 महीने से 17 साल की उम्र के बच्चों को शामिल किया गया है जो स्वस्थ हैं। इस ग्रुप के लिए WHO ने देशों को सलाह दी है कि अगर बीमारी का भार ज्यादा हो या बच्चों की सेहत कैसी है इन जैसे फैक्टर्स को ध्यान में रख कर ही कोई फैसला लिया जाए। वैसे तो यह वैक्सीन हर उम्र के लोगों के लिए सुरक्षित है लेकिन कॉस्ट इफेक्टिव नेस जैसे फैक्टर्स को देख कर ही देश को फैसला लेना चाहिए।
सितंबर 2022 में WHO का कहना था कि महामारी का अंत अब दिखने लगा है। ग्लोबल हेल्थ एजेंसी के मुताबिक इसके लेटेस्ट रिकमेंडेशन ने विश्व की इम्यूनिटी लेवल और वर्तमान में बीमारी किस लेवल पर है, को दर्शाया है लेकिन इस सलाह को लंबे समय तक बूस्टर की जरूरत है या नहीं, के लिए नहीं देखा जाना चाहिए।
WHO के स्ट्रेटेजिक ग्रुप ऑफ एक्सपर्ट्स के चेयर का कहना है कि जो लोग बीमारी के ज्यादा रिस्क में हैं यह दुबारा से तैयार की गई सलाह और वैक्सीन केवल उन लोगों के लिए है। इसी ग्रुप ने इन नई रिकमेंडेशन को बनाया है।
WHO की यह रिकमेंडेशन तब देखने को मिली है जब भारत में कॉविड के केस दुबारा से बढ़ने लगे हैं। मंगलवार को भारत में 3146 नए मामले देखने को मिले हैं। अभी तक भारत में अगर मिनिस्ट्री ऑफ हेल्थ एंड फैमिली वेलफेयर के डेटा को देखें तो 2000 करोड़ की वैक्सीन भारत में एडमिनिस्टर की जा चुकी है।