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Written By: Anshumala | Updated : August 11, 2020 8:44 PM IST
डब्ल्यूएचओ ने कहा, कोरोना के मौसमी विशेषता नहीं दिखाने से रोकथाम के प्रति लापरवाही बरतना हो सकता है घातक।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के विशेषज्ञ ने 10 अगस्त को कहा कि अभी तक कोविड-19 वायरस ने कोई मौसमी विशेषता (seasonal characteristics) नहीं दिखाई है, इसलिए इसकी रोकथाम (Coronavirus prevention) से जुड़े कदम शिथिल किए जाने के बाद महामारी (Corona pandemic) शायद फिर से आ सकती है। हाल ही में कुछ यूरोपीय देशों में कोविड-19 (Covid-19) के पुष्ट मामलों की संख्या फिर बढ़ गई, पर इससे पहले उन देशों ने महामारी पर नियंत्रण किया था। कुछ मीडिया के अनुसार, यूरोप के सामने महामारी (Corona pandemic in hindi) का दूसरा चरण आएगा।
विश्व स्वास्थ्य संगठन के आपात कार्यक्रम के प्रधान माइकल रयान ने 10 अगस्त को आयोजित न्यूज ब्रीफिंग में कहा कि कम प्रचलन के दौर में महामारी के अचानक प्रकोप की संभावना भी होगी। पश्चिमी यूरोप के देशों को क्लस्टर महामारी और सामुदायिक संचरण पर ध्यान देना चाहिए और स्थानीय स्थिति के अनुसार रोकथाम के कदम उठाने चाहिए (Coronavirus prevention in hindi), ताकि व्यापक नाकेबंदी से बच सकें।
माइकल रयान ने कहा कि अभी तक कोविड-19 ने कोई मौसमी विशेषता नहीं दिखाई है, लेकिन इसने स्पष्ट रूप से यह दिखाया है कि अगर कदमों का दबाव कम हुआ, तो उस का प्रकोप फिर आएगा। यही वास्तविकता है।
न्यूज ब्रीफिंग में विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक ट्रेडोस अधनोम घेब्रेयसस ने कहा कि विश्व में महामारी का मुकाबला व रोकथाम करने, रोगियों का इलाज करने और उपचार उपकरणों का अध्ययन करने के लिए तीन महीने पहले डब्ल्यूएचओ ने कोविड-19 का मुकाबला करने वाले उपकरण गतिवर्धक नामक अंतर्राष्ट्रीय सहयोग पहल शुरू की। इस परियोजना के समर्थन से कई टीके दूसरे या तीसरे चरण की परीक्षा में गुजर रहे हैं। विश्व के 160 से अधिक देशों ने इसमें भाग लिया है।