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Coronavirus Data: कोरोना के मामले लगातार बढ़ रहे हैं, लेकिन अब भी कुछ देश ऐसे हैं, जो इस बात को मानने को तैयार नहीं हैं कि स्थिति वाकई भायवह होती जा रही है। भारत में भी कोरोना जिस तेजी से फैल रहा है, उसे काबू में लाने के लिए गंभीरता से विचार करना होगा। कई देश ऐसे हैं जहां हर दिन मामले तेजी से सामने आ रहे हैं, लोगों की मौत कोरोना के कारण हो रही है, लेकिन सही आंकड़े अब भी छिपाए जा रहे हैं। कुछ देश अब भी आंकड़ों को झुठलाने की कोशिश कर रहे हैं। इस पर चिंता व्यक्त करते हुए विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के एमरजेंसीज डायरेक्टर माइक रेयान ने एक बड़ा बयान दिया है।
उन्होंने कहा है कि जो देश कोरोनावायरस (Coronavirus) से गंभीर रूप से प्रभावित हुए हैं, उन्हें वास्तविक स्थिति पर ध्यान देना चाहिए। यह बात माइक रेयान ने जेनेवा में आयोजित हुए एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कही। उन्होंने कहा कि हर किसी को कोरोना महामारी के प्रति जागरूक होने की जरूरत है। किस तरह से इस पैनडेमिक पर काबू पाया जाए, इस पर विचार करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि बावजूद ये सब करने के आज भी कुछ देश सही आंकड़ों (Coronavirus Data) और हकीकत को झुठला रहे हैं।
माइक रेयान ने कहा कि कई देश आंकड़ों (Data) को नजरअंदाज़ कर रहे हैं। यह एक ऐसी समस्या है, जिसे नजरअंदाज भी नहीं किया जा सकता है, क्योंकि भविष्य में इसका बुरा अंजाम देखने को मिल सकता है। इसे जादुई तरीके से खत्म करना आसान नहीं है।
इस महामारी पर काबू पाना ही होगा, जितनी देर करेंगे हालात बद से बदतर होते चले जाएंगे। ऐसे में कोरोनासे संक्रमित लोगों के आंकड़ों (corona virus) को छिपाना खतरनाक हो सकता है। सरकार को लॉकडाउन में पूरी तरह से ढील नहीं देनी चाहिए, बल्कि उन जगहों पर शर्तों और सख्ती से लॉकडाउन (lockdown) लागू करना चाहिए, जहां मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। कम संक्रमित जगहों पर भी कुछ शर्तों के साथ ढील देनी चाहिए, ताकि संक्रमण का प्रसार अधिक ना हो।
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जिन देशों में कोरोना के मामले काफी तेजी से बढ़ रहे हैं, वहां सख्त नियमों को लागू करना चाहिए। कड़े कदम उठाने चाहिए, क्योंकि कोरोना से बचाव करने के लिए इसके अलावा कोई और विकल्प नहीं है। सभी देशों में लॉकडाउन को खोल दिया जाए, तो संक्रमितों के मामले तेजी से बढ़ेंगे, जिसके बाद कोरोना पर काबू पाना बहुत मिश्कल हो जाएगा।
कई देशों में स्वास्थ्य व्यवस्था और सेवाएं काफी लचर हैं। ऐसे में मरीजों को इलाज नह मिल पाने के कारण अधिक से अधिक लोगों की कोरोना के कारण मौत हो सकती है। कई ऐसे भी देश हैं, जहां दोबारा से संक्रमितों के मामले बढ़ सकते हैं, ऐसे में सख्त नियमों को लागू करना बेहद जरूरी हो जाता है। इस वायरस के ट्रांसमिशन (transmission) को कम करने के लिए लॉकडाउन से बेहतर कोई और उपाय नहीं है।
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